तिहाड़ में बंद निर्भया के दोषी पवन ने फांसी टालने के लिए बनाया था ये खतरनाक प्लान, कंबल उठाया तो चौंक गए पुलिस अफसर

निर्भया के दोषियों को फांसी के एक साल पूरे हो गए.

निर्भया के दोषियों को फांसी के एक साल पूरे हो गए.

One year of hanging Nirbhaya convicts: 20 मार्च यानी आज के ही दिन हुई थी निर्भया के दोषियों को फांसी. निर्भया कांड के दोषियों के फांसी के वो तीन दिन कैसे थे. देश को झकझोर देने वाली घटना के दोषियों को फांसी देने में क्यों हो रही थी देरी. अगर दोषी पवन का कंबल न उठाया जाता तो फांसी के रास्ते मे आ सकती थी रुकावट.

  • Last Updated: March 20, 2021, 5:06 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. One year of hanging Nirbhaya convicts: 20 मार्च यानी आज ही के दिन निर्भया के दोषियों को फांसी दी गई थी. निर्भया कांड के दोषियों को फांसी देने के समय कैसे गुजरे थे वो तीन दिन कैसे थे, क्या कुछ घटा था उन तीन दिनों में. देश को झकझोर देने वाली घटना के दोषियों को फांसी देने में क्यों हो रही थी देरी. तीन दोषियों में एक पवन ने एक खतरनाक प्लान बनाया था, अगर उसका कंबल नहीं हटाया जाता तो एक बार फिर से फांसी को टाल दिया जाता, क्योंकि उसने पिन चुभोकर खुद को लहूलुहान कर लिया था. न्यूज 18 आपको बता रहा है कि कैसे पवन की साजिश को नाकाम किया गया था...

17 मार्च, तिहाड़ जेल- 

तिहाड़ जेल में 17 मार्च को DG के दफ्तर में जेल का एक तेजतर्रार अधिकारी मिठाई लेकर पहुंचता है. मिठाई एक अवार्ड मिलने की खुशी में बांट रहा है. इस दौरान जेल नंबर 3 के RMO यानी रेजिडेंट मेडिकल आफिसर DG के सामने पहुंचते हैं. उन्होंने कहा कि निर्भया के दोषी गाली-गलौज कर रहे हैं. जेल स्टाफ को उकसा रहे हैं कि उन्हें जेल स्टाफ मारे पीटे और  किसी तरह यह फांसी रुक जाए.

तभी DG मिठाई खिलाने वाले अधिकारी की तरफ देखते हैं और अफसर के गठीले शरीर और उसकी कार्यशैली से वाकिफ डीजी तीन दिन तक के लिए जेल नंबर 3 का चार्ज उसे सौंप देते हैं. यानी 18, 19, 20 मार्च तक निर्भया के चारों दोषियों को सुरक्षित रखने का जिम्मा था, ताकि 20 मार्च को बिना किसी रुकावट के उन्हें फांसी दी जा सके. बता दें की जेल नंबर 3 के सुपरिटेंडेंट सुनील हुआ करते थे. तिहाड़ के बॉडी बिल्डर असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट दीपक शर्मा की भी ड्यूटी थी.
18 मार्च- तिहाड़ की जेल नंबर 3 

दोषी पवन रात 2 बजे तक करवट बदलता रहा, उसने 18 तारीख से खाना पीना बन्द कर दिया था. यहां तक की बोलचाल भी. जेल नंबर 3 के सेल नंबर 1 में बन्द पवन था, बाकी अक्षय 5 नंबर सेल में, बाकी मुकेश और विनय 7 नंबर सेल में बन्द थे. चारो दोषियों के सेल में उनके आसपास 4-4 सिपाही 24 घंटे ड्यूटी पर लगाए गए हैं. बाकी सेल के अंदर जहां भी निर्भया के चारों दोषी सोते थे. वहां पर पुख्ता इंतजाम किए गए थे. 8-8 सीसीटीवी कैमरे से 24 घण्टे इन पर पैनी नजर भी रखी जाती थी.

फांसी से एक दिन पहले 19 मार्च का दिन



19 मार्च दोषी पवन ने दोपहर के वक्त जेल के अन्दर से फोन पर अपने परिवार से बात करने की इच्छा जाहिर की, जेल मेन्यू के हिसाब से यह कैदी का अधिकार होता है तो उसे इजाज़त दे दी गई. सुरक्षा घेरे में करीब 4 बजकर 30 मिनट पर पवन तिहाड़ जेल के लैंड लाइन फोन पर बात करने पहुंचा. कुछ देर पवन ने अपने परिवार से बात की.

सेफ्टी पिन चुरा लाया था पवन 

पवन ने फोन पर बात करते हुए टेलीफोन के पास रखी एक सेफ्टी पिन चोरी कर ली. वह सेल में वापस आ गया और कंबल डालकर सो गया. पवन की निगरानी कैमरे से की जा रही थी. एक अफसर ने देखा कि पवन के कंबल के अंदर हलचल हो रही है. तुरंत वायरलैस सेट पर उस अधिकारी ने पवन के सेल में मौजूद जेल स्टाफ को अलर्ट कर कहा कि पवन का कंबल हटाएं.

कंबल के अंदर खुद को लहूलुहान कर लिया था 

पवन का कंबल जेल स्टाफ ने उठाया पवन ने अपने हाथ को उस सेफ्टिक पिन से लहूलुहान कर रखा है. सीसीटीवी कंट्रोल रूम पर बैठा वो अधिकारी भी पवन के पास पहुंच गया. पवन का फर्स्ट एड कराया गया. पवन चाहता था कि ऐसा करने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया जाए और फांसी टल जाए.

20 मार्च यानि फांसी का दिन 

20 मार्च यानी फांसी के दिन अल सुबह ठीक 3 बजकर 30 मिनट पर इलाके की महिला DM जेल पहुंच गई. एक घण्टे जेल का सारा स्टाफ फांसी होने के अगले आदेश का इंतजार करते रहे और तब जाकर 4.30 बजे सूचना मिली की फांसी ठीक 5 बजकर 15 मिनट पर चारों दोषियों को दी जाएगी. पवन आज भी भूखा प्यासा था जबकि बाकी तीन दोषियों ने अपने अपने सेल में बीती रात मैगी लड्डु खाए थे.

जेल में जश्न का माहौल 

चारो आरोपियों को फांसी घर तक ले जाने के लिए जिसकी दूरी जेल नंबर 3 से महज 100 मीटर की थी. इसके बावजूद एक एम्बुलेंस भी बुलाई गई थी. लेकिन बाद में जेल स्टाफ के साथ आरोपियों को फांसी कोठी तक ले जाया गया. फांसी कोठी में करीब 15 से 20 जेल अधिकारी मौजूद थे जहां बिना बोले सिर्फ इशारों में जल्लाद ने पवन फांसी पर लटका दिया. चेहरे पर काला नकाब पहने अब चारो फांसी के फंदे पर झूल रहे थे. जिस वक्त चारों को फांसी पर पवन जल्लाद लटका रहा था जेल के बाकी कैदियों में जश्न का माहौल था. जेल में भारत माता की जय के नारे लग रहे थे.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज