हिंदी मीडियम के परीक्षार्थियों का PCS में बजा डंका, मेरठ के दो लाल लोक निर्माण विभाग में विधि अधिकारी पद के लिये चयनित

मेरठ के दो हिंदी माध्यम के परीक्षार्थियों ने पीसीएस परीक्षा में डंका बजाया है.

उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग (UPSC) ने राज्य अधीनस्थ सेवा परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है. मेरठ (Meerut) के रहने वाले वैभव और प्रशांत का चयन लोक निर्माण विभाग (Public Works Department) में विधि अधिकारी के रूप में हुआ है. दोनों ही हिंदी मीडियम के छात्र हैं.

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प्रयागराज. उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग (UPSC) ने राज्य अधीनस्थ सेवा परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है. मेरठ (Meerut) के रहने वाले वैभव और प्रशांत का चयन लोक निर्माण विभाग (Public Works Department) में विधि अधिकारी के पद के लिए हुआ है. इन दोनों ने हिंदी मीडियम में परीक्षा दी थी. वैभव और प्रशांत उन तमाम परीक्षार्थियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं, जो हिंदी मीडियम को लेकर दुविधा में रहते हैं.

आईएएस या पीसीएस परीक्षा में हिंदी मीडियम और अंग्रेजी मीडियम को लेकर हमेशा बहस होती रही है. ज्यादातर परीक्षार्थी अंग्रेजी मीडियम को ही तरजीह देते हैं. हिंदी मीडियम में इन परीक्षाओं को पास करना एक चैलेंज माना जाता है. ऐसे में मेरठ के दो परीक्षार्थियों ने एक मिसाल पेश की है. मेरठ के रहने वाले प्रशांत और वैभव ने हिंदी मीडियम में इस परीक्षा को पास करके दिखा दिया कि वो किसी से कम नहीं. वैभव ने दर्शनशास्त्र विषय के साथ इस परीक्षा को पास किया तो वहीं प्रशांत ने भूगोल विषय के साथ प्रदेश की सबसे बड़ी परीक्षा पास की है. वैभव और प्रशांत हिंदी माध्यम से परीक्षा पास करके लोक निर्माण विभाग में विधि अधिकारी बने हैं.

न्यूज़ 18 से खास बातचीत में प्रशांत ने बताया कि उन्होंने हाई स्कूल, इंटर, बीएसएसी और एलएलबी की पढ़ाई भी हिंदी माध्यम से की है. उन्होंने पीसीएस की परीक्षा भी हिंदी माध्यम से ही दी थी. प्रशांत का कहना है कि अगर काबलियत है तो माध्यम कोई मायने नहीं रखता. प्रशांत ऐसे तमाम हिंदी माध्यम से परीक्षा देने वालों को यही संदेश देते हैं कि कठिन परिश्रम ही सफलता की कुंजी है.

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लोक निर्माण विभाग में विधि अधिकारी के तौर पर प्रशांत ने हिंदी माध्यम में परीक्षा पास करके जनरल कैटेगरी में जहां सोलवहीं रैंक हासिल की है, वहीं उन्होंने एससी कैटेगरी में पहली रैंक हासिल की है. तो वहीं वैभव ने जनरल कैटेगरी में सातवीं रैंक हासिल की है. कॉन्वेंट एजुकेशन की आंधी के बीच हिंदी माध्यम से बच्चों को शिक्षा देने को प्राथमिकता देने वाले प्रशांत के माता पिता का कहना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मायने रखती है न कि हिंदी या अंग्रेजी माध्यम.

न्यू़ज़ 18 से खास बातचीत में प्रियंका के माता-पिता ने कहा कि वो फक्र महसूस करते हैं कि उन्होंने अपने बच्चे को हिंदी माध्यम से पढ़ाया और आज उसने उनका नाम रोशन कर दिया. वाकई में प्रशांत और वैभव जैसे चयनित अभ्यर्थी उन तमाम हिंदी माध्यम से परीक्षा देने वालों के लिए मिसाल हैं जो सिर्फ ये सोचकर हार मान लेते हैं कि उन्होंने हिंदी माध्यम से पढ़ाई की है, तो उनका बेड़ा पार होना मुश्किल है.

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