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Kisan Andolan: किसान आंदोलन को समर्थन देने विदेश से पहुंच रहे लोग, गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे न्‍यूयार्क से आए लोग

किसानों को समर्थन देने न्‍यूयार्क से गाजीपुर बार्डर पहुंचा ग्रुप.  सांकेतिक फोटो

किसानों को समर्थन देने न्‍यूयार्क से गाजीपुर बार्डर पहुंचा ग्रुप. सांकेतिक फोटो

तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में गाजीपुर बॉर्डर पर चले रहे किसान आंदोलन (Kisan Andolan) में देश के कोने-कोने से मिल रहे समर्थन के साथ ही अब विदेशों से लोग समर्थन देने आ रहे हैं.

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गाजियाबाद. तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में गाजीपुर बॉर्डर पर चले रहे किसान आंदोलन (Kisan Andolan) में देश के कोने-कोने से मिल रहे समर्थन के साथ ही विदेशों से भी लोग सपोर्ट करने आ रहे हैं. रविवार को न्‍यूयार्क से एक ग्रुप गाजीपुर बॉर्डर पहुंचा और आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की. भारतीय किसान यूनियन के अनुसार कई अन्‍य देशों के लोग भी संपर्क में हैं, जो जल्‍द समर्थन देने बार्डर पहुंचेंगे. वहीं, अंतरराष्‍ट्रीय महिला दिवस  (International omen's Day) पर सोमवार को मंच का संचानल महिलाएं कर रही हैं.

भारतीय किसान यूनियन के अनुसार, कई देशों के लोगों ने फोन कर राष्‍ट्रीय प्रवक्‍ता राकेश टिकैत बात की और समर्थन देने की ऐलान भी किया. इसमें छात्र छात्राओं के अलावा विदेशों में बिजनेस कर रहे लोग भी शामिल हैं. रविवार को आंदोलन स्‍थल पर न्‍यूयार्क से आए छात्र-छात्राओं के ग्रुप ने राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत से मुलाकात की और आगे आंदोलन को लेकर चर्चा भी की. ये लोग भारत में बने तीन कृषि कानूनों की बारीकियों को समझने और समर्थन देने के लिए आए हैं. छात्रों की ओर से एक डॉक्यूमेंट्री भी तैयार की गई, जिसे अमेरिका के लोगों को दिखाकर कानून और किसानों की समस्या के बारे में बताया जाएगा.

न्‍यूयार्क से आए ग्रुप ने आंदोलन चलाने के लिए आर्थिक मदद देने की बात कही, लेकिन राकेश टिकैत ने मना कर दिया. उन्‍होंने अमेरिका में किसान आंदोलन के नाम से पौधे लगाने की अपील की. वहीं, राकेश टिकैत के साथ 13 को मार्च को बंगाल में किसानों के साथ बैठक है, जिसमें बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव में तीनों कानूनों का वापस लेने का मुद्दा उठाया जाएगा.
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