Home /News /delhi-ncr /

टिकरी बॉर्डर के पेट्रोल पंप मालिकों का छलका दर्द, बोले-किसान आंदोलन से हुआ 7.5 करोड़ का नुकसान

टिकरी बॉर्डर के पेट्रोल पंप मालिकों का छलका दर्द, बोले-किसान आंदोलन से हुआ 7.5 करोड़ का नुकसान

किसान दिल्‍ली के बॉर्डरों से 15 दिसंबर तक अपने घर लौट जाएंगे.

किसान दिल्‍ली के बॉर्डरों से 15 दिसंबर तक अपने घर लौट जाएंगे.

Kisan Andolan: कृषि कानूनों के खिलाफ लगभग एक साल के आंदोलन के बाद दिल्‍ली के टिकरी, सिंघु और गाजीपुर बॉर्डर से किसानों के घर लौटने का सिलसिला शुरू हो गया है. वहीं, 15 दिसंबर तक ये स्‍थल पूरी तरह खाली हो जाएंगे. इस वजह से टिकरी बॉर्डर (Tikri Border) के पेट्रोल पंप मालिक बहुत खुश हैं. हालांकि आंदोलन की वजह से उन्‍होंने पिछले एक साल में 7.5 करोड़ का नुकसान झेला है.

अधिक पढ़ें ...

    नई दिल्‍ली. कृषि कानूनों के खिलाफ लगभग एक साल के आंदोलन (Kisan Andolan) के बाद किसानों के घर लौट रहे हैं और 15 दिसंबर तक दिल्‍ली के टिकरी, सिंघु और गाजीपुर बॉर्डर पूरी तरह खाली हो जाएंगे. इस बीच दिल्ली पुलिस ने शनिवार को ही टिकरी बॉर्डर (Tikri Border) विरोध स्थल से बैरिकेड को हटाना शुरू कर दिया था. दरअसल दिल्‍ली पुलिस ने पिछले साल 26 जनवरी की हिंसा के बाद प्रदर्शनकारियों को राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करने से रोकने के लिए सड़कों पर लोहे की धारदार कीलों के साथ बैरिकेड बढ़ाए थे. वहीं, आंदोलनकारियों की वापसी से टिकरी बॉर्डर के पेट्रोल पंप मालिकों (Petrol Pump Owners) के साथ कारोबारी भी बहुत खुश हैं.

    अमर उजाला के मुताबिक, टिकरी बॉर्डर पर किसान आंदोलन के शुरू होते ही आसपास बने 5 पेट्रोल पंप पूरी तरह से बंद हो गए थे. अब किसानों के जाने के बाद सभी पेट्रोल पंपों पर मेंटिनेंस का काम शुरू हो गया है. हालांकि पंपों को खुलने में करीब एक सप्ताह का और समय लग सकता है. इसके साथ एक पेट्रोल पंप मालिकों को एक साल में करीब 1.5 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. इस लिहाज से 5 पेट्रोल पंप मालिकों को 7.5 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ है.

    टिकरी बॉर्डर के एक पेट्रोल पंप के मैनेजर दर्शन सिंह ने बताया कि आंदोलन खत्‍म होने का लंबे समय से इंतजार था. वहीं, किसानों के जाने के बाद पेट्रोल पंप के मेंटिनेंस का काम शुरू करा दिया है. लगातार एक साल तक मशीनें बंद रहने से इस पर काफी खर्च आएगा.वहीं मेंटिनेंस के साथ वाई-फाई सिस्टम, साफ-सफाई के अलावा बिजली कनेक्शन कराने हैं.

    इंतजार बढ़ता गया तो कर दी स्‍टाफ की छुट्टी
    अमर उजाला के मुताबिक, इन सभी पेट्रोल पंप के बंद होते ही सभी स्टाफ भी चले गए और सभी कहीं ना कहीं नौकरी कर रहे हैं. साफ है कि स्‍टाफ के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ेगी. वहीं, एक पेट्रोल पंप के मालिक ने बताया,’उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि उन्हें एक साल तक भारी नुकसान उठाना पड़ेगा.’ इसके साथ कहा कि हम आंदोलन के जल्‍दी खत्म होने का इंतजार कर रहे थे, ताकि फिर पेट्रोल पंप खोल सकें, इसी इंतजार में स्टाफ को बिना काम के भी सैलरी देते रहे, लेकिन जब लगा कि यह आंदोलन काफी लंबा चलेगा तो फिर मजबूरन स्टाफ की छुट्टी करनी पड़ गई. इसके साथ पेट्रोल पंपों के शुरू होने में एक सप्ताह का समय लगने की बात कही है. जबकि पहले जैसा कारोबार करने के लिए पेट्रोल पंप मालिकों को अभी लंबा इंतजार करना पड़ेगा.

    Tags: Agricultural Law, Agricultural law canceled, Agricultural law return, Delhi Singhu Border, Kisan Andolan, Petrol Pump, Rakesh Tikait, Singhu Border, Tikri Border

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर