झारखंड से गिरफ्तार हुआ PLFI का उग्रवादी, टेरर फंडिंग मामले में NIA ने शुरू की पूछताछ
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झारखंड से गिरफ्तार हुआ PLFI का उग्रवादी, टेरर फंडिंग मामले में NIA ने शुरू की पूछताछ
रांची की कोर्ट ने उग्रवादी को 4 दिनों की पुलिस रिमांड पर एनआईए के हवाले किया है. (फाइल फोटो)

पीएलएफआई (PLFI) के इस उग्रवादी की गिरफ्तारी के बाद सेल कंपनियों के जरिए आतंकियों की फंडिंग (Terror funding) का बड़ा खुलासा हुआ है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: July 14, 2020, 10:52 PM IST
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नई दिल्‍ली. केंद्रीय जांच एजेंसी एनआईए (NIA ) ने फुलेश्वर गोप नाम के एक उग्रवादी को गिरफ्तार किया है. इस उग्रवादी का संबंध झारखंड में सक्रिय उग्रवादी संस्था पीपुल्‍स लिबरेशन ऑफ इंडिया (People’s Liberation of India) से है. 44 साल के उग्रवादी फुलेश्वर गोप झारखंड राज्य के गुमला का रहने वाला है. ये पीएलएफआई संस्था का एक बेहद शातिर और सक्रिय सदस्य रहा है.

फुलेश्वर गोप का संबंध पीएलएफआई उग्रवादी संस्था के सुप्रीमो दिनेश गोप सहित उसकी दोनों पत्नियों हीरा देवी और शकुंतला देवी के साथ भी अच्छे संबंध रहे थे. कहां -कहां से पैसों की वसूली करना है और उन पैसों को कहां ठिकाने लगाना है, इन तमाम मामलों पर फुलेश्वर गोप दोनों महिला उग्रवादियों के साथ सीधे जुड़ा रहता था. उल्‍लेखनीय है कि दिनेश गोप की दोनों पत्नियों को इसी साल 30 जनवरी को एनआईए ने गिरफ्तार कर लिया था.

पीएलएफआई उग्रवादी संस्था के सुप्रीमो का कनेक्शन
एनआईए ने साल 2018 में पीएलएफआई संस्था के कई उग्रवादियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था. इन मामलों को दिल्ली स्थित मुख्‍यालय में ही दर्ज किया गया था. उग्रवादी फुलेश्वर गोप का पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप के साथ काफी करीबी संबंध था. फुलेश्वर गोप उस वक्त जांच एजेंसियों और झारखंड पुलिस के नजर पर आया, जब रांची के पास बेरो इलाके में स्थित एसबीआई बैंक के ब्रांच में लाखों रुपए जमा करवाने का मामला सामने आया था. ये मामला 10 नवंबर 2016 का है. हालांकि, इसी मामले में चार अन्य उग्रवादियों को गिरफ्तार कर लिया था.
उसके बाद, मामले में कार्रवाई करते हुए 9 जनवरी 2017 में आरोपपत्र भी दायर किया गया था. पीएलएफआई के इन उग्रवादियों पर आरोप है कि ये लोग स्‍थानीय कारोबारियों और लोगों से लाखों रूपये की वसूली करते थे. 19 जनवरी 2018 को यह मामला झारखंड पुलिस से एनआईए को ट्रांसफर कर दिया गया था. जिसके बाद, एनआईए ने एनआईए ने 6 अन्‍य आरोपियों को गिरफ्तार किया था. इसके साथ ही, जांच एजेंसी ने 90 लाख रुपए की संपत्तियों को जब्त किया गया था.



लेवी कंपनियों के जरिए रुपयों को इधर से उधर करते थे उग्रवादी
एनआईए की तफ्तीश में ही इस मामले का भी खुलासा हुआ था कि दिनेश गोप और उसके अन्य दूसर उग्रवादियों द्वारा स्‍थानीय कारोबारियों से रंगदारी के तौर पर लाखों-करोड़ों रूपये की वसूली करता था. इसके साथ ही, उन रुपयों को सेल कंपनियों के मार्फत कई सेल कंपनियों में निवेश करवाया जा रहा था. उन कंपनी से जुड़ी जानकारियों को अब केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी (enforcement directorate ) भी खंगालने में जुटी हुई है. एनआईए की टीम को तफ्तीश के दौरान एक महत्वपूर्ण जानकारी मिली थी कि मेसर्स शिव शक्ति समृधि इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी का वास्ता इन्ही उग्रवादी संगठनों के साथ जुड़ा हुआ था. जिसमें उन लेवी के पैसों को इसी कंपनी में लगाया जाता था.

एनआईए को मिली चार दिन की रिमांड
उग्रवादी फुलेश्वर गोप को गिरफ्तार करने के बाद उसे रांची स्थित एनआईए की स्थानीय कोर्ट में पेश किया गया, जहां से एनआईए की टीम को चार दिनों की रिमांड मिल गई है. अब चार दिनों की रिमांड के दौरान फुलेश्वर गोप से कई महत्वपूर्ण मसलों पर जांच एजेंसी विस्तार से पूछताछ करेगी.
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