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जिस किसान संगठन पर लगे हैं उपद्रव के आरोप, उसने की अपील- सभी कुंडली वापस लौट आएं

ट्रैक्‍टर परेड (Kisan Tractor Parade) के दौरान दिल्‍ली के लाल किले, आईटीओ और अन्‍य जगहों पर किसानों ने काफी उग्रता दिखाई. (फोटो- ANI)
ट्रैक्‍टर परेड (Kisan Tractor Parade) के दौरान दिल्‍ली के लाल किले, आईटीओ और अन्‍य जगहों पर किसानों ने काफी उग्रता दिखाई. (फोटो- ANI)

किसानों और पुलिस के बीच संघर्ष और आईटीओ, लाल किले पर हुए इस उपद्रव के बाद किसान नेता एवं किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने एक ऑडियो मैसेज जारी किया. उन्‍होंने कहा कि लाल किले तक जाने का कोई प्रोग्राम नहीं है. हमें रिंग रोड से मार्च करते हुए कुंडली बॉर्डर तक वापस आना है. जो लोग लाल किले तक चले गए हैं, उनसे विनती है कि वे कुंडली बॉर्डर पर वापस आ जाएं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 26, 2021, 6:42 PM IST
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नई दिल्ली. कृषि कानूनों (New Farm Laws) के खिलाफ निकाली जा रही ट्रैक्‍टर परेड (Kisan Tractor Parade) के दौरान दिल्‍ली के लाल किले (Lal Quila), आईटीओ और अन्‍य जगहों पर किसानों ने काफी उग्रता दिखाई. कई घंटों तक लाल किले एवं अन्‍य जगहों पर हंगामे के बाद अब किसान नेताओं को किसानों से अपील करनी पड़ी क‍ि सभी वापस लौट आएं. खबर लिखे जाने तक लाल किले से वापस सिंघु और टिकरी बॉर्डर एवं गाजीपुर बॉर्डर की तरफ किसान धीरे-धीरे वापस लौट रहे हैं.

कुंडली बॉर्डर वापस आएं सभी किसान- पंधेर
किसानों और पुलिस के बीच संघर्ष और आईटीओ, लाल किले पर हुए इस उपद्रव के बाद किसान नेता एवं किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने एक ऑडियो मैसेज जारी किया. उन्‍होंने कहा कि लाल किले तक जाने का कोई प्रोग्राम नहीं है. हमें रिंग रोड से मार्च करते हुए कुंडली बॉर्डर तक वापस आना है. जो लोग लाल किले तक चले गए हैं, उनसे विनती है कि वे कुंडली बॉर्डर पर वापस आ जाएं. उन्‍होंने कहा कि ये एक शांतिपूर्वक कार्यक्रम है, इसे बदनाम मत कीजिए. इससे किसान आंदोलन को नुकसान पहुंचेगा.


संयुक्‍त किसान मोर्चे ने उपद्रव करने वालों से खुद को किया अलग


उल्‍लेखनीय है कि इससे पहले संयुक्‍त किसान मोर्चा की तरफ से निकाली गई इस परेड में किसानों के उग्र होने को लेकर मोर्चे की तरफ से कहा गया कि ये संघर्ष किसान मजदूर संघर्ष समिति की तरफ से किया गया है. वे खुद फैसले ले रहे हैं. किसान आंदोलन के मीडिया समन्‍वयक की तरफ से न्‍यूज18 हिंदी से कहा गया कि ये सभी किसान हैं. हालांकि जिस संगठन की तरफ से किसान यह उग्र प्रदर्शन कर रहे हैं वे पंजाब की यूनियन का पार्ट नहीं हैं. हालांकि यह समिति संयुक्‍त किसान मोर्चे का पार्ट है. ये खुद फैसले ले रहे हैं. हम हालात संभालने की कोशिश में लगे हुए हैं.
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