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दिल्ली चुनाव: पीएम मोदी बोले- शाहीन बाग संयोग नहीं प्रयोग, इसकी आड़ में हो रही राजनीति
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Updated: February 3, 2020, 7:48 PM IST
दिल्ली चुनाव: पीएम मोदी बोले- शाहीन बाग संयोग नहीं प्रयोग, इसकी आड़ में हो रही राजनीति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

दिल्ली विधानसभा चुनाव (Delhi Assembly Election) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) सोमवार को दोपहर बाद कड़कड़डूमा के सीबीडी मैदान में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया. पीएम ने कहा कि दिल्ली सिर्फ एक शहर नहीं बल्कि एक धरोहर है.

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नई दिल्ली. दिल्ली विधानसभा चुनाव (Delhi Assembly Election) में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रचार अभियान को धार देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) जनसभा को संबोधित करने के लिए दिल्ली के शहादरा पहुंचे. यह जनसभा शाहदरा क्षेत्र में कड़कड़डूमा के सीबीसी ग्राउंड में हुई. पीएम मोदी ने इस रैली में दिल्ली के विकास समेत कई मुद्दों को लेकर केजरीवाल सरकार को घेरा.

पीएम मोदी ने कहा दिल्ली के लोगों ने देश बदलने में बहुत मेहनत की अब ये दिल्ली को बदलेंगे. पीएम मोदी ने कहा दिल्ली सिर्फ एक शहर नहीं हैं, बल्कि ये हमारे हिंदुस्तान की धरोहर है. ये भारत के भिन्न भिन्न रंगो को एक जगह समेटे हुए एक जीवित परंपरा है. ये दिल्ली सबका स्वागत करती है, सत्कार करती है. बंटवारे के बाद जो लोग दिल्ली आए उन्होंने दिल्ली को बदला, जो यहां बस गए उन्होंने दिल्ली के विकास में बहुत मदद की. दिल्ली की मिट्टी में यहां के लोगों का पसीना है.

'विकास की ऊंचाइयों को छुएगी दिल्ली'
पीएम मोदी ने कहा 8 फरवरी को पड़ने वाला सिर्फ सरकार बनाने के लिए बल्कि इस दशक में दिल्ली के विकास को ऊंचाइयों को पहुंचाने वाला होगा. ये काम भारतीय जनता पार्टी करेगी, जो यदि कुछ कहती है तो वही करती है, वो भारतीय जनता पार्टी जिसके लिए देश और उसके लोगों का भविष्य सबसे पहले है, जो निगेटिविटी नहीं बल्कि पॉज़िटिविटी में यकीन करती है.



पीएम मोदी ने कहा हमारे लिए देश का हित सबसे बड़ा है, देश के लिए किए गए संकल्प सबसे बड़े हैं. इन संकल्पों को पूरा करने के लिए हम दिन-रात एक कर रहे हैं. उन्होंने कहा देश के सामने जो दशकों पुरानी चुनौतियां थीं, उसे सुलझा रहे हैं, दूर कर रहे हैं.



'अवैध कॉलोनियों की समस्या का हुआ निराकरण'
पीएम मोदी ने कहा यहां दिल्ली में ही एक बहुत बड़ी समस्या थी, अवैध कॉलोनियों की. आज़ादी के बाद से ही, किसी ना किसी रूप से ये मामला लटका हुआ था. वोट के लिए वादे किए जाते थे, तारीख दी जाती थी, लेकिन समस्या को सुलझाता कोई नहीं था.

पीएम मोदी ने कहा दिल्ली के 40 लाख से ज्यादा लोगों, जिसमें बड़ी संख्या में यहां पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के लोग हैं, उन्हें उनके जीवन की सबसे बड़ी चिंता से हमारी सरकार ने मुक्त किया है. उन्होंने कहा जिन लोगों ने सोचा नहीं था कि वो अपने जीवन में कभी अपने घर की रजिस्ट्री करा सकेंगे, अब वो अपने घर का सपना सच होते हुए देख रहे हैं.

 

'झुग्गी में रहने वालों को मिलेगा पक्का घर'
पीएम मोदी ने कहा दिल्ली बीजेपी ने संकल्प लिया है, अपने घोषणापत्र में कहा है कि, इन कॉलोनियों के तेज विकास के लिए कॉलोनीज़ डेवलपमेंट बोर्ड बनाया जाएगा. यही नहीं, “जहां झुग्गी वहां पक्का घर” भी बनेगा. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि झुग्गी में रहने वाले परिवारों को पक्का घर देने के लिए तेज़ी से काम किया जाएगा.

पीएम मोदी ने कहा 21वीं सदी का भारत, नफरत की राजनीति से नहीं, विकास की राष्ट्रनीति से चलेगा. विकास की यही राष्ट्रनीति देश को गति भी देती और देश को नई ऊंचाई पर भी ले जाती है.

'सालों बाद देश में हुए ये बदलाव'
पीएम मोदी ने कहा आर्टिकल 370 से मुक्ति कितने साल बाद मिली?--70 साल बाद, रामजन्मभूमि पर फैसला स्वतंत्रता के कितने साल बाद आया?--70 साल बाद, करतारपुर साहब कॉरिडोर कितने साल बाद बना?--70 साल बाद, भारत बांग्लादेश सीमा विवाद कितने साल बाद हल हुआ?--70 साल बाद, CAA से हिंदुओं-सिखों-ईसाइयों को नागरिकता का अधिकार कितने साल बाद मिला?--70 साल बाद, शहीद जवानों के लिए देश में नेशनल वॉर मेमोरियल कितने साल बाद बना?—50-60 साल बाद, शहीद पुलिसकर्मियों के लिए नेशनल पुलिस मेमोरियल कितने साल बाद बना?- 50-60 साल बाद, शत्रु संपत्ति कानून कितने साल बाद लागू हुआ?--50 साल बाद, बोडो आंदोलन का समाधान करने वाला समझौता कितने साल बाद हुआ?--50 साल बाद, पूर्व सैनिकों को वन रैंक वन पेंशन का लाभ कितने साल बाद मिला?--40 साल बाद, 84 के सिख नरसंहार में दोषियों को सज़ा कितने साल बाद मिली?--34 साल बाद, वायुसेना को नेक्स्ट जनरेशन लड़ाकू विमान कितने साल बाद मिला?--35 साल बाद, बेनामी संपत्ति कानून कितने साल बाद लागू हुआ?--28 साल बाद, त्रिपुरा में ब्रू शरणार्थियों के समझौता कितने साल बाद हुआ?--23 साल बाद, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का गठन कितने साल बाद हुआ?--20 साल बाद, देश में GST कितने साल बाद लागू हुआ?--17 साल बाद.

पीएम मोदी ने कहा ये फैसले पहले भी लिए जा सकते थे, ये समस्याएं पहले भी सुलझाई जा सकती थीं, लेकिन जब स्वार्थ नीति ही राजनीति का आधार हो, तो फैसले टलते भी हैं और अटकते भी हैं.





पीएम मोदी ने कहा आज देश इस पहचान से आगे बढ़ चला है. आज देश में अटके और लटके विवादों और विषयों का समाधान तो हो ही रहा है, कई ऐसे फैसले भी लिए गए, जो पहली बार हुए हैं.

'पहली बार देश की जनता को मिली ये सुविधाएं'
प्रधानमंत्री ने कहा पहली बार, लाल बत्ती के रौब से भारतीयों को मुक्ति मिली. पहली बार, सामान्य वर्ग के गरीबों को आरक्षण का अधिकार मिला. पहली बार, 5 लाख रुपए तक की आय पर इनकम टैक्स ज़ीरो हुआ. पहली बार, काले धन की हेरा-फेरी करने वाली साढ़े 3 लाख संदिग्ध कंपनियों को ताला लगा. पहली बार, उद्यमियों को बिजनेस से सम्मानजनक एग्जिट का मार्ग देने वाला आईबीसी कानून बना. पहली बार, देश के हर किसान परिवार के बैंक खाते में सीधी मदद मिली. पहली बार, किसानों, मज़दूरों, छोटे व्यापारियों को पेंशन की सुविधा मिली. पहली बार, 50 करोड़ गरीबों को 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिली. पहली बार, 10 करोड़ गरीब परिवारों तक टॉयलेट की सुविधा पहुंची. पहली बार, 8 करोड़ गरीब बहनों की रसोई में गैस का मुफ्त कनेक्शन पहुंचा. पहली बार ढाई करोड़ से ज्यादा लोगों के घर में बिजली कनेक्शन पहुंचा. पहली बार, नाबालिगों से रेप के केस में फांसी की सज़ा का प्रावधान हुआ. पहली बार, मुस्लिम बेटियों-बहनों को तीन तलाक से, जुल्म और ज्यादती से मुक्ति मिली. पहली बार, देश को लोकपाल भी मिला. वैसे देश के लोगों को तो लोकपाल मिल गया लेकिन दिल्ली के लोग आज भी इंतजार कर रहे हैं. इतना बड़ा आंदोलन, इतनी बड़ी-बड़ी बातें, उन सबका क्या हुआ.

पीएम मोदी ने कहा शनिवार को जो बजट आया है, वो इस साल के लिए ही नहीं बल्कि इस पूरे दशक को दिशा देने वाला है. पीएम ने कहा इस बजट का लाभ दिल्ली के नौजवानों, दिल्ली के व्यापारियों, यहां के मध्यम वर्ग, गरीब और यहां की महिलाओं, सभी को होगा.

'बजट में लोगों को दी गईं ये राहत'
प्रधानमंत्री ने कहा बजट में, युवाओं के रोज़गार से जुड़े एक बड़े रिफॉर्म का ऐलान किया गया है. ये रिफॉर्म है- नॉन गजेटेड सरकारी नौकरियों में अलग-अलग एग्ज़ाम की परेशानी से युवाओं को मुक्ति दिलाना. केंद्र सरकार की भर्तियों में इंटरव्यू खत्म करने से करप्शन पर चोट हुई, अब इस नए कदम से युवाओं की बहुत बड़ी टेंशन समाप्त होगी.

उन्होंने कहा अब एक ही कॉमन ऑनलाइन एग्ज़ाम से एक ही परीक्षा ली जाएगी और उसके आधार पर ही, अलग-अलग सेवाओं में जाने का रास्ता खुलेगा. इस व्यवस्था की देखरेख के लिए नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी का गठन किया जा रहा है.





'दिल्ली के कारोबारियों से भाजपा का करीबी रिश्ता'
पीएम ने कहा दिल्ली के व्यापारियों के साथ, यहां के कारोबारियों के साथ भाजपा का बहुत करीबी रिश्ता रहा है. भाजपा का हमेशा से प्रयास रहा है कि व्यापारियों की दिक्कतें कम हों, उनकी परेशानी कम हो और वो खुलकर अपना काम कर पाएं. यहां के व्यापारियों को आसानी से लोन मिले, तेज गति से लोन मिले, कैश फ्लो में दिक्कत न हो, इसके लिए बीते वर्षों में हमने अनेक कदम उठाए हैं

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा अभी तक एक करोड़ रुपए तक के टर्नओवर वाले लघु उद्योगों को, व्यापारियों को ऑडिट कराना पड़ता था. अब इस सीमा को 5 करोड़ रुपए तक बढ़ा दिया गया है. ये सरकार का देश के उद्यमियों पर, दिल्ली के लाखों व्यापारियों-कारोबारियों पर विश्वास का ही उदाहरण है.

'बजट में पूरी की कारोबारियों की मांग'
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा दिल्ली समेत देश के व्यापारियों की एक पुरानी शिकायत रही है कि उन्हें टैक्स अथॉरिटीज के बहुत दबाव का सामना करना पड़ता है. इसी को देखते हुए हमने पिछले साल इंडायरेक्ट टैक्स सेटेलमेंट स्कीम शुरू की थी.

इस स्कीम ने अनेकों व्यापारियों को कानूनी केसों से बचाया था. इसके बाद से ये मांग हो रही थी कि ऐसी ही कोई स्कीम प्रत्यक्ष करों के लिए शुरू की जाए. इस बजट में हमने व्यापारियों की, कारोबारियों की ये मांग भी पूरी कर दी है.





पीएम ने कहा दिल्ली-एनसीआर, देश में इलेक्ट्रॉनिक्स, आईसीटी और दूसरी नेक्स्ट जेनरेशन से जुड़ी टेक्नॉलॉजी की मैन्यूफेक्चरिंग का भी हब है. भारत इस सेक्टर में दुनिया में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है. इसको विस्तार देते हुए बजट में अनेक प्रावधान किए गए हैं.

पीएम मोदी ने कहा GST की वजह से गरीब और मध्यम वर्ग के जरूरत की लगभग 99% चीजों पर पहले ही टैक्स कम हो गया है. पहले औसत GST रेट 14.4% था. अब इसे और कम करते हुए 11.8% पर ले आया गया है. GST ने व्यापारियों को भी अनेक तरह के टैक्सों के जाल से बचाया है. GST ने अनेकों चुंगियां-चेकपोस्ट खत्म कर दिए हैं. अब हरियाणा या यूपी सामान भेजना हो, या मंगवाना हो, दिल्ली के व्यापारियों की दिक्कतें कम हुई हैं.

'सुरक्षाबलों की सतर्कता से रुके हमले'
पीएम मोदी ने कहा एक समय था जब दिल्ली में आए दिन आतंकी हमलों की वजह से, बम धमाकों में निर्दोष लोग मारे जाते थे. देश के सुरक्षाबलों और दिल्ली के लोगों की सतर्कता से अब ये हमले होने रुक गए हैं. लेकिन याद करिए, जब इन्हीं हमलों के गुनहगारों को दिल्ली पुलिस ने बाटला हाउस में मार गिराया, तो उसे फर्जी एनकाउंटर कहा गया. यही वो लोग हैं जिन्होंने बाटला हाउस में आतंकियों को मारने पर दिल्ली पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी.

प्रधानमंत्री ने कहा यही वो लोग हैं जो भारत के टुकड़े-टुकड़े करने की इच्छा रखने वालों को आज तक बचा रहे हैं.क्या दिल्ली के लोग ये भूल सकते हैं? इसकी वजह क्या थी? वोटबैंक की राजनीति, तुष्टिकरण की राजनीति.

प्रधानमंत्री ने कहा सीलमपुर हो, जामिया हो या फिर शाहीन बाग, बीते कई दिनों से सिजिटनशिप अमेंडमेंट बिल को लेकर प्रदर्शन हुए. क्या ये प्रदर्शन सिर्फ एक संयोग है, नहीं. ये एक प्रयोग है, इसके पीछे राजनीति का एक ऐसा डिजाइन है, जो राष्ट्र के सौहार्द को खंडित करने वाला है.

'ये सिर्फ कानून का विरोध नहीं'
प्रधानमंत्री ने कहा ये सिर्फ एक कानून का विरोध होता, तो सरकार के तमाम आश्वासनों के बाद समाप्त हो जाता. लेकिन आम आदमी पार्टी और कांग्रेस नागरिकों को भड़का रहे हैं. संविधान और तिरंगे को सामने रखते हुए ज्ञान बांटा जा रहा है और असली साजिश से ध्यान हटाया जा रहा है.

पीएम ने कहा हमारा संविधान ही देश की न्यायपालिका, हमारी अदालतों का आधार है. संविधान की भावना के अनुरूप ही न्यायालय चलते हैं, लोगों को इंसाफ देते हैं. उन्होंने कहा समय-समय पर, अलग-अलग केसों में अदालतों की, हमारे देश की सर्वोच्च अदालत की भावना यही रही है कि विरोध प्रदर्शनों से सामान्य मानवी को दिक्कत न हो. प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा-तोड़फोड़-आगजनी पर हमेशा सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट्स ने अपनी नाराजगी जताई है. लेकिन ये लोग अदालतों की परवाह नहीं करते हैं. ये कोर्ट की बात नहीं मानते और बातें करते हैं संविधान की.

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First published: February 3, 2020, 2:59 PM IST
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