इंस्पेक्टर और पत्रकारों को पकड़ने के लिए ऐसे चला 'ऑपरेशन ट्रैप'

फोटो- पुलिस स्टेशन सेक्टर-20.
फोटो- पुलिस स्टेशन सेक्टर-20.

इंस्पेक्टर के साथ मिलकर तीन पत्रकार एक आरोपी से 8 लाख रुपये में सौदा कर रहे थे. इसके बाद 29 जनवरी की सुबह से एसएसपी ने ऑपरेशन ट्रैप शुरु कर दिया जो रात 2 बजे तक चला.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 31, 2019, 11:20 AM IST
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गौतमबुद्ध नगर के एसएसपी वैभव कृष्णा को शिकायत मिली की थाने में दर्ज एक मामले से नाम निकालने के लिए 10 लाख रुपये की मांग की जा रही है. ये शिकायत खुद फर्जी कॉल सेंटर चलाने के आरोपी ने की. शिकायत मिलने के बाद पहले तो एसएसपी ने दो अन्य अधिकारियों से जांच कराई की ये शिकायत कितनी सही है. जांच में शिकायत सही पाई गई.

जांच में ये भी सामने आया कि पुलिस इंस्पेक्टर के साथ मिलकर तीन पत्रकार आरोपी से सौदा कर रहे हैं. इसके बाद 29 जनवरी की सुबह से एसएसपी ने ऑपरेशन ट्रैप शुरु कर दिया जो रात 2 बजे तक चला. इस ऑपरेशन में एसएसपी ने कुछ चुनिंदा अधिकारियों सहित 18 लोगों को लगाया. सभी लोग सुबह ही सेक्टर-27 में एसएसपी ऑफिस पहुंच गए थे. एसएसपी ने सभी के मोबाइल भी रखवा लिए थे.

इसके साथ ही इस ऑपरेशन में गवाह बनाने के लिए प्रशासन से दो सरकारी अधिकारी भी लिए गए. लेन-देन में इस्तेमाल होने वाले रूपयों पर केमिकल लगाया गया. टीम ने काम करना शुरु कर दिया. खास बात ये है कि कुछ लोगों को तो ये भी नहीं पता था कि ये ऑपरेशन होना कहां है.



एसएसपी की टीम ने दो पुलिस इंस्पेक्टर और तीन पत्रकारों पर निगाह रखनी शुरु कर दी. उनकी एक-एक लोकेशन पर निगाह रखी जाने लगी. साथ ही शिकायतकर्ता को उसका काम समझा दिया गया. शिकायतकर्ता रुपयों के लेन-देन का सौदा करने लगा. शिकायतकर्ता का कहना है कि उससे 10 लाख रुपये की मांग की गई.
बाद में 8 लाख रुपये में सौदा तय हो गया. 29 जनवरी की देर रात रुपये के लेन-देन का वक्त मुकर्रर हुआ. तीन पत्रकार तय वक्त पर नोएडा सेक्टर-20 के थाने पहुंच गए. शिकायतकर्ता भी 2-2 हज़ार के 400 नोट लेकर थाने में पहुंच गया. एसएसपी और कुछ दूसरे लोग सिविल ड्रेस में थाने के आसपास फैल गए.

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जब हिस्सा-बांटा चल ही रहा था तो टीम के एक सदस्य ने हाथ का इशारा देकर सभी लोगों को अलर्ट कर दिया. कुछ ही देर में एसएसपी ने थाने पर छापा मारते हुए 8 लाख रुपये, एक पत्रकार के पास से लाइसेंसी पिस्टल, एक मर्सिडीज कार बरामद की. कार के बारे में दावा किया जा रहा है कि ये चोरी की हो सकती है. कार के कागज अभी तक सामने नहीं आए हैं.

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इसके साथ ही इंस्पेक्टर मनोज पंत, पत्रकार सुशील पंडित, रमन ठाकुर, उदित गोयल को गिरफ्तार किया है. फर्जी कॉल सेंटर मामले की जांच कर रहे एक अन्य इंस्पेक्टर जयवीर सिंह को निलंबित कर दिया गया है.

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