लाइव टीवी

जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करे पुलिस

News18Hindi
Updated: January 22, 2020, 3:46 PM IST
जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करे पुलिस
जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में हिंसा की फाइल फोटो.

दिल्ली की एक अदालत ने दिल्ली पुलिस (Delhi Police) से जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय (Jamia Milia Islamia University) में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट जमा करने को कहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 22, 2020, 3:46 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय (Jamia Millia Islamia University) ने साकेत कोर्ट में याचिका दायर कर 15 दिसम्बर की घटना पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है. अदालत ने दिल्ली पुलिस (Delhi police) से जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में कार्रवाई करने की रिपोर्ट जमा करने को कहा है. अदालत में एक याचिका दायर कर विश्वविद्यालय परिसर में 15 दिसंबर 2019 की घटना पर एफआईआर दर्ज करने के लिए पुलिस को निर्देश देने की मांग की गई थी.


दिल्ली पुलिस की आंतरिक जांच में हुआ था यह खुलासा
जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के बाहर 15 दिसंबर की रात को हुए बवाल में दिल्ली पुलिस ने 11 युवकों को गिरफ्तार किया था. जामिया विश्वविद्यालय के छात्रों ने आरोप लगाया था कि पुलिस की गोली से कुछ छात्र घायल हुए हैं, जिनका इलाज सफदरजंग अस्पताल और होली फैमिली अस्पताल में किया गया. जबकि, दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने दावा किया था कि इस प्रकरण के दौरान गोलियां नहीं चलाई गई थीं. जामिया हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस ने जिन युवकों को गिरफ्तार किया था, उन पर जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के पास हुए बवाल में शामिल होने का आरोप है.

15 दिसंबर की रात को मचा था बवालदिल्ली पुलिस पर आरोप है कि पुलिस ने यूनिवर्सिटी के अंदर तक घुसकर आंसू गैस के गोले दागे थे. जामिया में भड़की हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस ने दो केस दर्ज किए थे. पहला केस न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी और दूसरा मामला जामिया नगर थाने में दर्ज किया गया. पुलिस ने आगजनी, दंगा फैलाने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सरकारी काम में बाधा पहुंचाने के तहत केस दर्ज किया था.

संशोधित नागरिकता कानून और एनआरसी के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों में कई लोग मारे जा चुके हैं. 11 दिसंबर को संसद द्वारा अनुमोदित नागरिकता संशोधन अधिनियम बांग्लादेश, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के छह अल्पसंख्यक धार्मिक समुदायों के शरणार्थियों को नागरिकता प्रदान करता है, बशर्ते वे भारत में छह साल तक रहे हों और 31 दिसंबर 2014 तक देश में प्रवेश किया हो.

ये भी पढ़ें - 

दुनिया के सबसे अमीर शख्स जेफ बेजोस ने गर्लफ्रेंड के साथ ताजमहल का किया दीदार

यूपी में हड्डियों के डॉक्टर ने बना दिया आंखों से दिव्यांग होने का प्रमाणपत्र

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए दिल्ली-एनसीआर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 22, 2020, 3:19 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर