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Delhi NCR News: एक्सपर्ट से जानें, कितना जरूरी है कार-बाइक का पीयूसी सर्टिफिकेट

बेहतर सड़कों के लिए मुंडका के लोगों के सड़क पर उतरने से जाम लग गया है. (सांकेतिक फोटो)

बेहतर सड़कों के लिए मुंडका के लोगों के सड़क पर उतरने से जाम लग गया है. (सांकेतिक फोटो)

दिल्ली सरकार (Delhi Government) का मानना है कि दूसरे राजयों से आने वाले वाहन भी दिल्ली में बहुत प्रदूषण फैलाते हैं. वायु प्रदूषण (Air Pollution) को कंट्रोल करने के लिए दिल्ली सरकार और भी कई कदम उठा रही है.

  • News18Hindi
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    नई दिल्ली. कार (Car) और बाइक (Bike) का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) बेशक आपको एक छोटी चीज लगता हो, लेकिन इसे न रखने की लापरवाही अब आप पर भारी पड़ सकती है. अगर आपकी कार या बाइक धुंआ छोड़ रही है या उसे चलाते वक्त आपके पास पीयूसी नहीं है तो अब सिर्फ एक हजार रुपये का जुर्माना भरने से काम नहीं चलेगा. सरकार ने जुर्माने की रकम को 10 गुना कर दिया है. इसके साथ ही 6 महीने की सजा और ड्राइविंग लाइसेंस (Driving Licence) कैंसिल की सजा को भी इसमे जोड़ दिया है. दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने अक्टुबर में बढ़ने वाले वायु प्रदूषण को देखते हुए यह कदम उठाया है. सरकार का मानना है कि दूसरे राजयों से आने वाले वाहन भी दिल्ली में बहुत प्रदूषण फैलाते हैं. वायु प्रदूषण (Air Pollution) को कंट्रोल करने के लिए दिल्ली सरकार और भी कई कदम उठा रही है.

    दिल्ली में 973 जगहों पर लगी है कार-बाइक का पीयूसी बनवाने की भीड़

    दिल्ली में 1 सितंबर 2019 से संशोधित मोटर वाहन अधिनियम लागू हो चुका है. जिसके बाद से पीयूसी सर्टिफिकेट नहीं होने पर लगने वाला जुर्माना बढ़ा दिया गया है. इस संशोधन से पहले पीयूसी नहीं होने पर एक हजार रुपये जुर्माना लगता था. लेकिन संशोधित मोटर वाहन अधिनियम लागू होने के बाद अब 10 हजार रुपये का जुर्माना भरना होता है.

    लेकिन इस महीने से पीयूसी को लेकर दिल्ली सरकार सख्त हो गई है. दिल्ली सरकार की चेतावनी के बाद से और जुर्माने के रूप में दस गुना बढ़ोतरी को देखते हुए दिल्ली के सभी 973 पीयूसी केंद्रों पर भीड़ बढ़ गई है. इसमे सभी पेट्रोल पम्प के केन्द्र भी शामिल हैं.

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    PUC नहीं है तो इंश्योरेंस भी नहीं होगा

    गौरतलब रहे कि अपने एक आदेश में सुप्रीम कोर्ट भी पीयूसी रखने की अनिवार्यता को लेकर एक आदेश जारी कर चुका है. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि बीमा कंपनियां किसी भी कार और बाइक का बीमा करते वक्त यह तय करेंगी कि आप वाहन इंश्योरेंस पॉलिसी के वक्त पीयूसी पेश करें. जुलाई 2018 को देश में बढ़ते वाहन प्रदूषण पर फिक्र जाहिर करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बीमा कंपनियों को यह निर्देश दिया था. अदालत ने कहा था कि जब तक पीयूसी सर्टिफिकेट जमा न हो जाए तब तक वाहन इंश्योरेंस पॉलिसी री-न्यू नहीं की जाए.

    कार-बाइक के साथ इसलिए जरूरी है पीयूसी

    रिटायर्ड एआरटीओ बीके यादव का कहना है कि कार और बाइक चलाने के लिए पीयूसी बहुत जरूरी है. पीयूसी सर्टिफिकेट वाहन मालिक को तब मिलता है जब कार या बाइक प्रदूषण कंट्रोल के सभी मानकों को पूरा करती है. इस सर्टिफिकेट का साथ में होने का यह मतलब होता है कि वाहन का प्रदूषण नियमों के अनुसार है. इससे पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं हो रहा है. मौजूदा वाहन नीति के मुताबिक सभी वाहनों को पीयूसी रखना जरूरी है. नई गाड़ी के लिए पीयूसी सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं होती है. वाहन के रजिस्‍ट्रेशन के एक साल के बाद पीयूसी सर्टिफिकेट लेने की जरूरत पड़ती है. यह 3 से 6 महीने तक का बनता है.

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