थर्ड वेव से निपटने की केजरीवाल सरकार की तैयारी, जानिए कहां बन रहे Oxygen स्टोरेज सेंटर और प्लांट?

दिल्ली सरकार की ओर से बड़ी मात्रा में ऑक्सीजन स्टोरेज के लिए व्यवस्था की जा रही है.

दिल्ली सरकार की ओर से बड़ी मात्रा में ऑक्सीजन स्टोरेज के लिए व्यवस्था की जा रही है.

दिल्ली सरकार की ओर से ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए दिल्ली भर में 64 ऑक्सीजन प्लांट लगाने की योजना है. बड़ी मात्रा में ऑक्सीजन स्टोरेज के लिए भी व्यवस्था की जा रही है. इसी दिशा में दिल्ली सरकार की ओर से सिरसपुर में ऑक्सीजन स्टोरेज सेंटर तैयार किया जा रहा है. सेंटर में 57 मीट्रिक टन ऑक्सीजन स्टोरेज करने की क्षमता वाला क्रायोजेनिक टैंक लगाया जा रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 11, 2021, 11:19 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली में कोरोना (Corona) की थर्ड वेव (Third Wave of Corona) की संभावना और एक्सपर्ट की राय के बाद अब दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने इससे निपटने की फुलप्रूफ  योजना तैयार कर इस पर काम शुरू कर दिया है.

दिल्ली सरकार की ओर से ऑक्सीजन की कमी (Shortage of Oxygen) को पूरा करने के लिए दिल्ली भर में 64 ऑक्सीजन प्लांट (Oxygen Plant) लगाने का फैसला किया है. वहीं, बड़ी मात्रा में ऑक्सीजन स्टोरेज (Oxygen Storage) के लिए व्यवस्था की जाएगी.

इसी दिशा में दिल्ली सरकार की ओर से सिरसपुर में ऑक्सीजन स्टोरेज सेंटर (Oxygen Storage Plants) तैयार किया जा रहा है. इस सेंटर में 57 मीट्रिक टन ऑक्सीजन स्टोरेज करने की क्षमता वाला क्रायोजेनिक टैंक (Cryogenic Thak) लगाया जा रहा है.

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हर रोज 12.5 मीट्रिक टन ऑक्सीजन उत्पादन करने को लगाये जेनरेशन प्लांट

साथ ही यहां पर हर रोज 12.5 मीट्रिक टन ऑक्सीजन उत्पादन करने के लिए ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट (Oxygen Generation Plant) भी स्थापित किया जा रहा है. इस ऑक्सीजन स्टोरेज सेंटर का दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने निरीक्षण भी किया.

अब तक लगाये जा चुके हैं 3 ऑक्सीजन स्टोरेज प्लांट सीएम केजरीवाल का कहना है कि 3 ऑक्सीजन स्टोरेज प्लांट अब तक लगाए जा चुके हैं. हर ऑक्सीजन स्टोरेज प्लांट की क्षमता 57 मीट्रिक टन है. इन तीनों प्लांट की कुल ऑक्सीजन भंडारण क्षमता 171 मीट्रिक टन है.



सिरसपुर में निर्माणाधीन है 1,168 बेड का नया अस्पताल 

बताते चलें कि दिल्ली सरकार की ओर से सिरसपुर में 1,168 बेड का नया अस्पताल भी बनाया जा रहा है. इस अस्पताल का निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है. सरकार की कोशिश है कि इस अस्पताल का निर्माण जल्द से जल्द पूरा करवाया जा सके. स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन (Satyendar Jain) भी  अधिकारियों के साथ निर्माणाधीन अस्पताल का निरीक्षण कई बार कर चुके हैं.

करीब 420 टन ऑक्सीजन स्टोरेज करने पर हो रहा काम 

बताते चलें कि दिल्ली सरकार की 420 टन ऑक्सीजन स्टोरेज करने के लिए सेंटर स्थापित करने की योजना है. यह सभी संभावित कोरोना थर्ड वेव से निपटने के लिये एक्सपर्ट व डॉक्टर्स से मिली राय के बाद किया जा रहा है. इसके अलावा इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) की ओर से भी 120 टन ऑक्सीजन उत्पादन करने के‌ लिये प्लांट स्थापित किया जाएगा. इसमें 18 माह से ज्यादा का वक्त लगने की संभावना जताई गई है.

इसके अलावा दिल्ली सरकार ऑक्सीजन टैंकर (Oxygen Tanker) की भी व्यवस्था करने में जुटी हुई है. अभी तक दिल्ली के पास अपने ऑक्सीजन टैंकर नहीं है. इसलिये दिल्ली सरकार आने वाले समय में 25 ऑक्सीजन टैंकर भी खरीदने जा रही है.

इसके अलावा ऑक्सीजन बेड की कमी को पूरा करने के लिए दिल्ली सरकार ने चीन से 6,000 ऑक्सीजन सिलेंडर (Oxygen Cylinder) भी आयात किए है जिससे जरूरत पड़ने पर करीब 3,000 ऑक्सीजन बैड तैयार किये जा सकेंगे.

PM Cares Fund के तहत लगेंगे 1,213 प्लांट

केंद्र सरकार की माने तो देश भर में अगस्‍त, 2020 में ऑक्‍सीजन का अत्‍पादन 5700 मीट्रिक टन था जो कि मई, 2021 में बढ़ कर 9500 मीट्रिक टन हो गया. लगभग 1718 पीएसए संयंत्र स्‍थापना के लिए स्‍वीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण मंत्रालय और रक्षा अनुसंधान विकास संगठन द्वारा पीएम केयर्स कोष (PM Cares Fund) के अंतर्गत 1213, जिनमें 108 संयंत्र पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा, 40 कोयला मंत्रालय द्वारा, इसके अलावा 25 ऊर्जा मंत्रालय द्वारा, 19 विदेशी सहायता से और 313 राज्‍य सरकारों द्वारा लगाए जा रहे हैं.

बताया जाता है कि पीएम केयर कोष में से 1 लाख ऑक्‍सीजन कंसंट्रेटर की खरीद की मंजूरी दे दी गई है. देश में लिक्‍विड मेडिकल ऑक्‍सीजन के परिवहन की निगरानी रखने के लिए प्रभावी ऑक्‍सीजन डिजिटल ट्रेकिंग सिस्‍टम भी विकसित किया गया है.

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