थर्ड वेव की आशंका, दिल्ली में बनेगा 420 टन का Oxygen स्टोरेज सेंटर, 64 प्लांट लगाने की तैयारी

दिल्ली में 420 टन ऑक्सीजन स्टोरेज करने के लिए व्यवस्था की जा रही है.(File Photo)

दिल्ली में 420 टन ऑक्सीजन स्टोरेज करने के लिए व्यवस्था की जा रही है.(File Photo)

दिल्ली में 420 टन ऑक्सीजन स्टोरेज करने के लिए व्यवस्था की जा रही है. एक्सपर्ट की राय के बाद इस संबंध में यह बड़ा फैसला किया गया है. इसके अलावा इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) के साथ बातचीत चल रही है कि वह 120 टन गैस का उत्पादन करेगी. लेकिन इसमें 18 माह का वक्त लगने की संभावना जताई गई है.

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नई दिल्ली. दिल्ली में कोरोना (Corona) की दूसरी लहर में अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन, आईसीयू बेड, वेंटिलेटर और दवाइयों आदि की भारी कमी देखी गई. इसके चलते बड़ी संख्या में मरीजों की जान भी चली गई. लेकिन अब कोरोना की थर्ड वेव (Third Wave of Corona) की संभावना और एक्सपर्ट की राय के बाद अब दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने इससे निपटने की फुलप्रूफ योजना तैयार की है.

दिल्ली सरकार की ओर से ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए दिल्ली भर में जहां 64 ऑक्सीजन प्लांट (Oxygen Plant) लगाने का फैसला किया है. वहीं, बड़ी मात्रा में ऑक्सीजन स्टोरेज Oxygen (Storage) के लिए व्यवस्था की जाएगी.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली में 420 टन ऑक्सीजन स्टोरेज करने के लिए व्यवस्था की जा रही है. एक्सपर्ट की राय के बाद इस संबंध में यह बड़ा फैसला किया गया है. इसके अलावा इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) के साथ बातचीत चल रही है कि वह 120 टन गैस का उत्पादन करेगी. लेकिन इसमें 18 माह का वक्त लगने की संभावना जताई गई है.

इसके अलावा दिल्ली सरकार ऑक्सीजन टैंकर (Oxygen Tanker) की भी व्यवस्था करने में जुटी हुई है. अभी तक दिल्ली के पास अपने ऑक्सीजन टैंकर नहीं है. इसकी बड़ी कमी कोरोना की दूसरी लहर में देखी गई है.
इसके चलते दिल्ली सरकार 25 ऑक्सीजन टैंकर भी खरीद रही है. ऑक्सीजन बेड की कमी को पूरा करने के लिए दिल्ली सरकार ने चीन से 6,000 ऑक्सीजन सिलेंडर (Oxygen Cylinder) भी आयात किए हैं. इन सभी को जरूरत के मुताबिक अस्पतालों में ऑक्सीजन बेड बनाने के लिए प्रयोग किया जा सकेगा. इससे करीब 3,000 ऑक्सीजन बैड तैयार हो सकेंगे.

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