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Covid 19: थर्ड वेव से पहले अस्पतालों में बढ़ने लगे पोस्ट कोविड मरीज

Covid 19: थर्ड वेव से पहले अस्पतालों में बढ़ने लगे पोस्ट कोविड मरीज

सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में भी कोरोना संक्रमित ही नहीं बल्कि पोस्ट कोविड मरीज तेजी से भर्ती होने लगे हैं.  (File Photo)

सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में भी कोरोना संक्रमित ही नहीं बल्कि पोस्ट कोविड मरीज तेजी से भर्ती होने लगे हैं. (File Photo)

COVID 19: कोराेना थर्ड वेव आने से पहले ही अस्पतालों में अब बिस्तर की मारामारी शुरू हो गई है. सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में भी कोरोना संक्रमित ही नहीं बल्कि पोस्ट कोविड मरीज तेजी से भर्ती होने लगे हैं. इसके चलते खासकर प्राइवेट अस्पतालों में बेड की संख्या फुल होती जा रही है. कई अस्पतालों में तो 90 से 95 फ़ीसदी तक बेड फुल हो चुके हैं.

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    नई दिल्ली. दिल्ली में कोरोना (Corona) के थर्डवेव से निपटने के लिए दिल्ली सरकार (Delhi Government) पहले से ही पूरे इंतजाम करने में जुटी हुई है. लेकिन थर्ड वेव आने से पहले ही अस्पतालों (Hospitals) में अब बिस्तर की मारामारी शुरू हो गई है. सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में भी कोरोना संक्रमित ही नहीं बल्कि पोस्ट कोविड मरीज (Post Covid Patient) तेजी से भर्ती होने लगे हैं. इसके चलते खासकर प्राइवेट अस्पतालों (Private Hospital) में बेड की संख्या फुल होती जा रही है.

    बताते चलें कि दिल्ली में अब कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या सिर्फ 494 ही रह गई है. वहीं, हर रोज भी संक्रमित मरीज बहुत ही कम रिकॉर्ड किए जा रहे हैं. पिछले 24 घंटे में 37 मरीज पॉजिटिव रिकॉर्ड किए गए तो रिकवर करने वालों की संख्या 47 दर्ज की गई. वहीं, पिछले 24 घंटे में दिल्ली में किसी कोई भी मौत कोरोनावायरस नहीं हुई है. बुधवार को पॉजिटिविटी रेट भी 0.06% रिकार्ड किया गया और 66,886 लोगों के कोरोना टेस्ट किए गए.

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    दूसरी ओर अस्पतालों के लिए अब पोस्ट को कोविड-19 की लगातार हो रही भर्ती गंभीर समस्या खड़ी करने लगी है. खासकर नई दिल्ली स्थित एवं अस्पताल में भी मरीजों के लिए वेटिंग काफी बढ़ गई है.

    दिल्ली के कई सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों की जांच पड़ताल के बाद पता चलता है कि ज्यादातर मरीज दिल्ली के बाहरी राज्यों से अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं. इनमें से ज्यादातर मरीज ऐसे भी हैं जिन्हें बार-बार लॉकडाउन के चलते उपचार समय पर नहीं मिला था और अब उनकी हालत गंभीर हो गई है. इसकी वजह से अस्पतालों में उनको इलाज के लिए भर्ती होना पड़ रहा है.

    जानकारी के मुताबिक दिल्ली के मैक्स, अपोलो और फोर्टिस अस्पताल समेत कई बड़े प्राइवेट अस्पतालों में आईसीयू बेड तो पूरी तरीके से फुल चल रहे हैं.

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    इस बीच देखा जाए तो आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में करीब 200 ऐसे अस्पताल हैं जहां 20,000 बेड्स का इंतजाम हैं. इनमें से 16,636 बिस्तर बेड कोविड मरीजों के लिए रिजर्व किए गए हैं. लेकिन दूसरी तरफ दिल्ली सरकार की माने तो इनमें से 16325 बेड अभी भी खाली हैं. अस्पतालों में 80 फीसदी तक बेड फुल बताए जा रहे हैं.

    हेल्‍थ बुलेट‍िन के मुताबि‍क कोव‍िड मरीज प्रबंधन बेड की स्‍थि‍त‍ि
    द‍िल्‍ली सरकार की ओर से बुधवार को जारी कि‍ये गये हेल्‍थ बुलेटि‍न के मुताबि‍क कोव‍ि‍ड-19 मरीज प्रबंधन के तहत अस्‍पतालों में 12,260 बेड्स का इंतजाम क‍िया हुआ है. इनमें से अब 274 पर मरीज भर्ती हैं तो 11,986 बेड अभी खाली हैं. वहीं डेड‍िकेटेड कोव‍िड केयर सेंटर में 3,871 बेड्स हैं ज‍िनमें से स‍िर्फ 3 पर ही मरीज भर्ती हैं और बाकी 3,855 बेड्स खाली पड़े हैं. इसके साथ ही डेड‍िकेटेड कोव‍िड हेल्‍थ सेंटर में 177 बेड हैं ज‍ि‍समें स‍िर्फ एक बेड पर ही मरीज भर्ती है और 176 अभी खाली है. वहीं, कोव‍िड केयर सेंटर में 13 बेड ऐसे हैं जहां क्‍वारेंटाइन के तहत लोग भर्ती हैं.

    इस तरह के मरीजों की अस्पताल में हो रही ज्यादा भर्ती
    जानकारी के मुताबिक नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में मरीजों की संख्या ज्यादातर सुपर स्पेशलिटी से जुड़े विभागों में है. हार्ट, किडनी, फेफड़े, लिवर और कैंसर इत्यादि के मरीज सबसे अधिक संख्या में भर्ती हैं. एम्स में रोगियों की जांच को लेकर भी लंबी वेटिंग चल रही है. एमआरआई से लेकर बायोप्सी इत्यादि तक के लिए मरीजों को कई दिन तक की तारीख मिल रही है. यहां तक कि ग्लूकोमा मरीजों के लिए भी एक से दो महीने की वेटिंग जांच के लिए दी जा रही है.

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    दिल्ली स्थित अपोलो, मैक्‍स, फोर्टिस अस्पताल और इंडियन स्पाइन इंजरी सेंटर आदि में आदि सभी बड़े अस्पतालों में बेड की संख्या फुल देखी जा रही है. बावजूद इसके कोविड-19 मिले काफी कम रिकॉर्ड किए जा रहे हैं. वहीं, कोविड के लिए रिजर्व बेड की संख्या कम की जा रही है.

    लेकिन पोस्ट कोविड के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं. कई अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि जिन मरीजों को गंभीर हालात में भर्ती किया जा रहा है, उनमें ज्यादातर ऐसे हैं जिन्हें समय पर इलाज नहीं मिला है. उन्हें दवाई नहीं मिल पाई है जिसके चलते इनकी तबीयत और ज्यादा खराब हुई है.

    Tags: Corona in Delhi, Corona third wave, COVID 19, Delhi Hospital, Health News

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