लाइव टीवी

मांग-आपूर्ति के अंतर को झेलता रहता है पावर ग्रिड, ‘संकट’ से निपटने का पुख्ता इंतजाम
Delhi-Ncr News in Hindi

News18Hindi
Updated: April 4, 2020, 7:05 PM IST
मांग-आपूर्ति के अंतर को झेलता रहता है पावर ग्रिड, ‘संकट’ से निपटने का पुख्ता इंतजाम
महराजगंज में 11 हजार वोल्ट तार गिरने से 2 लोगों की मौत (सांकेतिक फोटो)

बीजेपी प्रवक्ता ने कहा-पीएम मोदी ने सिर्फ घर की लाइट बुझाने को कहा है, टीवी, पंखे, रेफ्रिजरेटर, कंप्यूटर और एसी बंद करने को नहीं. राजनीति से प्रेरित होकर कुछ लोग कह रहे हैं कि फेल हो जाएगा ग्रिड लेकिन ऐसी आशंकाएं हैं बेबुनियाद

  • Share this:
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की पांच अप्रैल रात 9 बजकर 9 मिनट तक घर की लाइट बंद करने की अपील ने राजनीतिक रंग ले लिया है. कांग्रेस नेता शशि थरूर और जयराम रमेश ने पावर ग्रिड पर बुरा असर पड़ने की संभावना को लेकर कुछ सवाल उठाए हैं. ग्रिड को लेकर ही सवाल कुछ तकनीकी जानकारों ने भी किए हैं. ऐसी आशंकाएं व्‍यक्‍त की जा रही हैं कि इसके कारण ग्रिड में अस्थिरता से वोल्‍टेज में उतार-चढ़ाव की स्थिति उत्‍पन्‍न हो सकती है, जिससे इलैक्ट्रिक उपकरणों को नुकसान पहुंच सकता है. लेकिन बिजली मंत्रालय ने कहा है कि लाइट बंद करने से ग्रिड फेल होने की आशंकाएं बेबुनियाद हैं. बिजली की मांग में होने वाले अंतर से निपटने के लिए इसमें पुख्‍ता इंतजाम और प्रोटोकॉल मौजूद हैं.

बीजेपी प्रवक्ता राजीव जेटली कहते हैं कि जो लोग लाइट बंद होने से ग्रिड फेल होने जैसी बात कर रहे हैं वो ऐसा सिर्फ राजनीति से प्रेरित होकर कह रहे हैं. असल में ऐसी कोई दिक्कत नहीं होने वाली. क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी ने सिर्फ घर की लाइट बंद करने को कहा है. स्‍ट्रीट लाइट्स, टीवी, पंखे, रेफ्रिजरेटर, कंप्यूटर और एसी बंद करने के लिए नहीं कहा. अब घरों में लोगों ने एलईडी लाइटें लगा रखी हैं जिसमें बिजली की खपत पहले से ही काफी कम है.

 ministry of power, fears of power grid failure, switch off lights, covid-19, pm narendra modi, modi 9pm light request, बिजली मंत्रालय, पावर ग्रिड फेल होने की आशंका, लाइट बंद करने का अनुरोध, कोविड-19, नरेन्द्र मोदी
पीएम मोदी ने पांच अप्रैल को रात 9 बजकर 9 मिनट तक घर की लाइट बंद करने की अपील की है




उधर, बिजली मंत्रालय ने कहा है कि अस्‍पतालों और सार्वजनिक सुविधाओं, नगर निगम सेवाओं, कार्यालयों, पुलिस स्‍टेशनों, विनिर्माण कारखानों आदि जैसी अन्‍य आवश्‍यक सेवाओं की बत्तियां जलती रहेंगी. सभी स्‍थानीय निकायों को सार्वजनिक सुरक्षा के लिए स्‍ट्रीट लाइट्स जलते रहने देने की सलाह दी गई है.



इलेक्ट्रिसिटी एंप्लाइयज फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय महासचिव प्रशांत नंदी चौधरी ने न्यूज18 हिंदी से बातचीत में कहा कि इस समय आमतौर पर शाम को 1.70 लाख मेगावाट बिजली की डिमांड होती है. 20 मार्च को यह लोड 1.63 लाख मेगावाट का था. यह मांग लॉकडाउन के बाद 28 मार्च को घटकर 1.17 लाख यूनिट रह गई क्योंकि फैक्ट्रियां बंद हैं. जबकि 2 अप्रैल को लोड 1.25 लाख मेगावाट था. ऐसे में घरों की लाइट बंद होने से बिजली की मांग और घट जाएगी. इससे ग्रिड पर असर पड़ सकता है.

केंद्रीय विद्युत नियामक प्राधिकरण पावर ग्रिड के सामान्य संचालन के लिए 49.95-50.05 हर्त्ज के फ्रीक्वेंसी बैंड की अनुमति देता है. बिजली प्रवाह में अचानक किसी तरह की कमी या वृद्धि होने से ग्रिड पर असर पड़ने की संभावना रहती है. लेकिन जिस असर की संभावना है उससे निपटने के लिए पूरा सरकारी तंत्र तैयार है. उधर, हरियाणा के बिजली मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने साफ किया है कि प्रदेश में अगर 300 मेगावाट का भी असर पड़ जाए तो हम संभाल लेंगे.

ये भी पढ़ें:

खेतों न लगने दी जाए पांच से अधिक लोगों की भीड़, किसानों के लिए नई एडवाइजरी

राष्ट्रीय कृषि बाजार और FPO लॉकडाउन में इस तरह आसान करेंगे किसानों की जिंदगी

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए दिल्ली-एनसीआर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: April 4, 2020, 7:04 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
corona virus btn
corona virus btn
Loading