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प्राजक्ता कोली बनीं यूएनडीपी भारत की पहली युवा जलवायु चैंपियन, ये करेंगी काम

प्राजक्ता कोली बनीं यूएनडीपी भारत की पहली युवा जलवायु चैंपियन, ये करेंगी काम

यूएनडीपी इंडिया की पहली यूथ क्लाइमेट चैंपियन के रूप में प्राजक्‍ता कोली को चुना गया है.

यूएनडीपी इंडिया की पहली यूथ क्लाइमेट चैंपियन के रूप में प्राजक्‍ता कोली को चुना गया है.

प्राजक्‍ता जलवायु परिवर्तन में दूरगामी लक्ष्य, युवाओं की भागीदारी और अधिक बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने के लिए काम करेंगी. प्राजक्‍ता कोली लंबे समय से मानसिक स्वास्थ्य, महिला अधिकार, बालिका शिक्षा आदि विषयों पर कई तरह के वैश्विक सामाजिक जागरूकता अभियान का संचालन कर रही हैं.

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    नई दिल्‍ली. संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम भारत (यूनाइटेड नेशन्स डेवलपमेंट प्रोग्राम इंडिया) ने जानी मानी कंटेंट निर्माता और अभिनेत्री प्राजक्ता कोली के साथ अपनी साझेदारी की औपचारिक घोषणा की है. यूएनडीपी इंडिया ने कोली को पहली युवा जलवायु चैंपियन चुना गया है. यूथ जलवायु चैंपियन के रूप में कोली को जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग और जैव विविधता के नुकसान के प्रतिकूल प्रभावों के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए युवाओं के साथ वार्तालाप करने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी. यूथ आइकन के रूप में चुनी गई कोली को मोस्टलीसेन उपनाम से भी जाना जाता है.

    प्राजक्‍ता जलवायु परिवर्तन में दूरगामी लक्ष्य, युवाओं की भागीदारी और अधिक बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने के लिए काम करेंगी. प्राजक्‍ता कोली लंबे समय से मानसिक स्वास्थ्य, महिला अधिकार, बालिका शिक्षा आदि विषयों पर कई तरह के वैश्विक सामाजिक जागरूकता अभियान का संचालन कर रही हैं. जिसे समाज के सभी वर्गों विशेष रूप से गरीबों द्वारा महसूस किया जा रहा है, यह सभी मुद्दे हाशिए पर रहने वाले समुदायों, उनके जीवन और आजीविका को विशेष रूप से प्रभावित कर रहे हैं और एक तरह से समग्र रूप से अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित कर रहे हैं. प्राजक्ता कोली इन विषयों को केन्द्र में रखते हुए समग्र प्रयास की जरूरत पर जोर देगीं, जिसके लिए कुछ प्रभावकारी कहानियों को साझा किया जाएगा जैसे सरकारों द्वारा, समुदायों और व्यक्ति विशेष द्वारा वास्‍तविक बदलाव लाने के लिए किस तरह से निश्चित ठोस कदम उठाए जा रहे हैं.

    जी20 पीपल्‍स क्लाइमेट वोट 2021 रिपोर्ट के अनुसार, भारत के 67 प्रतिशत युवा जलवायु संकट को वैश्विक आपातस्थिति मानते हैं, और इसके लिए तत्काल नीति तैयार करने और परिवर्तन की तत्काल आवश्यकता के बारे में खुलकर बात करते हैं. आज के युवा हरित विकास या ग्रीन डेवलपमेंट के प्रबल समर्थक हैं वह अपनी जीवन शैली में जलवायु के प्रति जागरूकता के विकल्प अपनाकर इसका समर्थन भी करते हैं. जैसे कि पर्यावरण के अनुकूल परिवहन का उपयोग करके, स्थाई रूप में स्त्रोत वाले उत्पाद खरीद कर, जलवायु संरक्षित करने वाले विकल्प चुनकर तथा अपने कौशल, अभिनव विचारों का उपयोग जलवायु संकट के लिए समर्पित कर रहे हैं.

    प्राजक्ता कोली ने कहा, ‘मैं इस बात के लिए बहुत ही कृतज्ञ और सम्मानित महसूस कर कर रही हूं कि मुझे एक चैंपियन के रूप में इस अनोखी जिम्मेदारी के लिए चुना गया है जो कि मेरे दिल के बहुत करीब है. यूएनडीपी इंडिया की पहली यूथ क्लाइमेट चैंपियन के तौर मैं ऐसे अवसरों का निर्माण करना और उनमें भाग लेना चाहूंगी जोकि जलवायु कार्रवाई और इसके लिए द्वारा उठाए जाने वाले तत्काल उपायों के बारे में हुई वार्ता को आगे बढ़ाते हैं. युवाओं को इस अभियान में मशाल वाहक और सिपाही बनने की जरूरत है जो एक समद्ध और सशक्त भविष्य के साक्षा लक्ष्य की दिशा में काम करेगें. ऐसी दिशा जहां कि मानव प्रजाति किसी तरह के खतरे में नहीं होगी. हमने इस समस्या को जन्म दिया है लेकिन हम इसका समाधान भी कर सकते हैं. प्राजक्ता ने कहा यूनएनडीपी के साथ मैं जलवायु कार्रवाई के लिए उपयोगी उपाय करने के लिए दुनिया भर के युवा दिमागों के साथ काम करने का प्रयास करूंगी.’

    यूएनडीपी इंडिया के स्थानीय प्रतिनिधि शोको नोडा ने कहा, ‘प्राजक्ता कोली को यूएनडीपी इंडिया यूथ क्लाइमेंट चैंपियन के रूप मे अपने में बोर्ड में शामिल करने पर हम काफी उत्साहित हैं. विश्व को अधिक बेहतर और टिकाऊ बनाने के लिए युवा आज की अग्रणी आवाज हैं. प्राजक्ता भारत के लाखों युवाओं के साथ मजबूती से जुड़ी हुई हैं, मुझे पूरा विश्वास है कि उनकी आवाज युवाओं के दिल तक पहुंचती है और वह युवाओं को जलवायु कार्रवाई करने के लिए प्रेरित करती हैं.’

    ये मुद्दे उठा चुकी हैं प्राजक्‍ता
    सामाजिक रूप से प्रासंगिक युवा केन्द्रित मुद्दों के लिए एक सक्रिय प्रचारक के रूप में जानी जाने वाली, कोली ने अपने अभियान #आईप्लेजटूबीमी के हिस्से के रूप में ‘शेमलेस’ के साथ ‘बॉडी शेमिंग’ और ‘ऑनलाइन बुलिंग’ जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है. जिसे प्राजक्ता कोली ने वर्ष 2016 में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर लांच किया था. यूट्यूब क्रिएटर्स के बदलाव के लिए वैश्विक एंबेसडर के रूप में उन्होंने नो ऑफेंस अभियान के माध्यम से ट्रोलिंग, महिला अधिनता और समलैंगिकता पर प्रकाश डाला. जिसे न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में अंतर्राष्ट्रीय सहिष्णुता दिवस या इंटरनेशनल टोलिरेंस डे पर प्रदर्शित किया गया था.

    साल 2018 में उन्हें वाट्सएप के पहले टीवीसी में देखा गया, जिसमें फेक न्यूज नहीं प्रसारित करने के महत्व के बारे में बताया गया था. इसी वर्ष बाद में उन्होंने यूट्यूब के साथ की गई एक साक्षेदारी में बालिका शिक्षा जागरूकता अभियान चलाया. बाद में उसी वर्ष उन्होंने सोशल इंपैक्ट गर्ल एजूकेशन कैंपन के लिए यूट्यूब के साथ सांझेदारी की, इसके बाद सुरक्षित इंटरनेटवीक कैंपल इंटाग्राम और गर्ल एजुकेशन कैंपेन के लिए वनडॉटओआरजी के साथ भागीदारी की. वर्ष 2019 में उन्हें बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन द्वारा उनके वार्षिक गोलकीपर समिट के लिए भी आमंत्रित किया गया था.

    ये भी किए हैं काम
    वर्ष 2019 में बच्चों के बीच शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्राजक्ता ने कॉल टू यूनाइट और रूम टू रीड द्वारा आयोजित 24 लाइव स्ट्रीमथॉन यूनाइट में भाग लिया जिसमें जॉर्ज बुश, बिल क्लिंटन, ओपरा विनफ्रे, जूलिया रॉबट्र्स, जेनिफर गार्नर भी उपस्थित थे. वहीं मिशेल ओबामा ने एमी अवार्ड जीतने वाले 2020 क्रिएटर्स फॉर चेंज यूट्यूब ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्री में प्राजक्ता कोली को बालिकाओं की शिक्षा के महत्व के बारे में कहते हुए देखा था. साल 2021 में प्राजक्ता शकीरा, अमांडा गोर्मन, नाओमी ओसाका और डॉ. रिगोबर्टा मेनचुतुम के साथ महिलाओं और लड़कियों के सामने आने वाली आर्थिक असमानताओं को दूर करने के लिए गैर-लाभकारी संस्थाओं को अनुदान देने के गूगलडॉटओआरजी इंपैक्ट चैलेंज में भी शामिल हुईं.

    Tags: Climate, Education, Environment

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