दिल्ली में ग्रीन एरिया को बढ़ाने की तैयारी, ट्री-प्लांटेशन के लिए सरकार ने मंजूर की ये चार एजेंसी

सरकार ने वृक्ष प्रत्यारोपण नीति को लागू करके ट्री-ट्रांसप्लांटेशन के लिए चार एजेंसियों के पैनल को भी मंजूरी दे‌ दी है जोकि दिल्ली में ट्री-ट्रांसप्लांटेशन कराने का काम करेगी. (File Photo)

दिल्ली सरकार की ओर से ट्री ट्रांसप्लांटेशन के लिए चार एजेंसियों रोहित नर्सरी नई दिल्ली, डीडी एमईपी इंजीनियर्स गुरुग्राम, ग्रीन मॉर्निंग हॉर्टिकल्चर हैदराबाद और आरपी एंटरप्रिन्योर्स को मंजूरी दी गई है. दिल्ली में किसी भी परियोजना साइट से वृक्ष प्रत्यारोपण करने के लिए सिर्फ सूचीबद्ध एजेंसियों में से किसी एजेंसी का चयन करना होगा.

  • Share this:
    नई दिल्ली. दिल्ली के ग्रीन एरिया (Green Area) को बढ़ाने के लिए और वातावरण को स्वच्छ बनाने के लिए दिल्ली सरकार (Delhi Government) की ओर से हर साल बड़ी संख्या में वृक्षारोपण (Tree Plantation) किया जाता है. इस साल दिल्ली भर में 33 लाख पौधे लगाए जाने का लक्ष्य निर्धारित है. ऐसे में सरकार ने वृक्ष प्रत्यारोपण नीति (Tree Transplantation Policy) को लागू करके ट्री-ट्रांसप्लांटेशन के लिए चार एजेंसियों के पैनल को भी मंजूरी दे‌ दी है जोकि दिल्ली में ट्री-ट्रांसप्लांटेशन (Tree Transplantation) कराने का काम करेगी.


    दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय (Gopal Rai) ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने पिछले साल महत्वाकांक्षी वृक्ष प्रत्यारोपण नीति लागू की थी. दिल्ली सरकार के पर्यावरण एवं वन विभाग ने विस्तृत विचार-विमर्श और परीक्षण के बाद राजधानी में वृक्ष प्रत्यारोपण करने के लिए चार एजेंसियों के पैनल को मंजूरी दे दी है.


    ट्री ट्रांसप्लांटेशन के लिए इन चार एजेंसियों में से करना होगा चयन

    चार एजेंसियों रोहित नर्सरी नई दिल्ली, डीडी एमईपी इंजीनियर्स गुरुग्राम, ग्रीन मॉर्निंग हॉर्टिकल्चर हैदराबाद और आरपी एंटरप्रिन्योर्स को मंजूरी दी गई है. दिल्ली में किसी भी परियोजना साइट से वृक्ष प्रत्यारोपण करने के लिए सिर्फ सूचीबद्ध एजेंसियों में से किसी एजेंसी का चयन करना होगा.


    राय ने बताया कि ट्री-ट्रांसप्लांटेशन पॉलिसी 2020 को पिछले साल के अंत में अधिसूचित किया गया था. जिसके तहत विकास परियोजनाओं/कार्यों स्थल के पेड़ों को अनावश्यक रूप से नहीं हटाया जाएगा. परियोजना स्थल पर मौजूद पेड़ों को सावधानीपूर्वक दूसरे स्थान पर ट्रांसप्लांट किया जाएगा.


    ट्री-ट्रांसप्लांटेशन के बाद 80 फीसदी पेड़ों का जीवित रहना अनिवार्य

    साइट पर पेड़ों के संरक्षण की संभावना न होने की स्थिति में कम से कम 80 फीसदी पेड़ों को वैज्ञानिक रूप से प्रत्यारोपित करना होगा. वृक्षारोपण नीति द्वारा प्रतिरोपित वृक्षों में से एक साल बाद कम से कम 80 फीसदी पेड़ों का जीवित रहना भी अनिवार्य है. इसके अलावा प्रत्येक काटे गए और प्रत्यारोपित पेड़ के एवज में दस गुना वृक्षारोपण किया जाना अनिवार्य है.


    वृक्षों के प्रतिरोपण का कार्य सरकार द्वारा पैनल में शामिल तकनीकी एजेंसी के माध्यम से किया जाना है एजेंसियों के पैनल के लिए न्यूनतम तकनीकी पात्रता मानदंड तय किए गए. इसके बाद प्रस्तावों की जांच करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया था.


    13 में से 9 एजेंसियों के आवेदन किए गए खारिज

    वन और वन्यजीव विभाग द्वारा प्रकाशित विज्ञापन के बाद 13 एजेंसियों ने आवेदन किया. तय मानदंडों को पूरा न करने के कारण 9 एजेंसियों के आवेदन को निरस्त कर दिया गया था. विशेषज्ञ समिति द्वारा विस्तृत विचार-विमर्श और परीक्षण के बाद सरकार ने चार एजेंसियों के पैनल को मंजूरी दी है.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.