आतंकियों को फंड मुहैया कराने का आरोपी कैदी चाहता है तिहाड़ में कोरोना का इलाज करना

पटियाला हाउस कोर्ट में याचिका दाखिल कर कैदी सबील अहमद ने कोरोना का इलाज करने प्रस्ताव दिया. (कॉन्सेप्ट इमेज)

सबील अहमद ने पटियाला हाउस कोर्ट में अर्जी दाखिल कर कहा है कि उसके अनुभवों और विशेषज्ञता का लाभ केंद्रीय जेल में कैदियों के उपचार और कोविड-19 के मामलों से निपटने में लिया जा सकता है.

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नोएडा. अलकायदा (Al-Qaeda) का कथित तौर पर सदस्य रहे और तिहाड़ जेल (Tihar jail) में बंद एक डॉक्टर ने पटियाला हॉउस कोर्ट (Patiala House Court) में अर्जी दाखिल कर कोविड-19 मरीजों (covid-19 Patients) के इलाज में जेल प्रशासन का सहयोग करने की अनुमति मांगी है.

तिहाड़ में कोरोना का इलाज करना चाहता है

कोर्ट में दाखिल याचिका में आरोपी सबील अहमद ने कहा है कि वह पेशेवर चिकित्सक रहा है और उसके पास गंभीर केसों का इलाज करने का 7 साल का अनुभव है. उसने अदालत में दाखिल अर्जी में कहा है कि उसके अनुभवों और विशेषज्ञता का लाभ केंद्रीय जेल में कैदियों के उपचार और कोविड-19 के मामलों से निपटने में लिया जा सकता है.

आतंकियों को वित्तीय सहायता पहुंचाने का आरोप

आतंकी संगठन अलकायदा इन द इंडियन सब कॉन्टिनेंट (एक्यूआईएस) के सदस्य रह चुके अहमद को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 22 फरवरी को गिरफ्तार किया था. उस पर भारत और विदेशों में आतंकी संगठन के सदस्यों को कथित तौर पर वित्तीय और अन्य मदद मुहैया कराने का आरोप है.

तिहाड़ में क्षमता से अधिक कैदी

आपको बता दें कि देश की सबसे बड़ी जेल तिहाड़ में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में 300 से ज्यादा कैदी और 100 से ज्यादा कर्मचारी संक्रमित हो चुके हैं. बीते हफ्ते में यहां के 5 कैदियों की कोविड से मौत हो चुकी है. लगातार बढ़ते कोरोना के केस को देखते हुए जेल प्रशासन ने करीब 4 हजार कैदियों को पैरोल पर छोड़ने का फैसला किया है. तिहाड़ जेल से इन कैदियों को 90 दिन की अंतरिम जमानत पर छोड़ा जाएगा. तिहाड़ जेल में 10 हजार 26 कैदियों की क्षमता है, लेकिन फिलहाल 19 हजार 679 कैदी यहां बंद हैं. अभी हाल ही में यहां बंद अंडरवर्ल्ड सरगना छोटा राजन भी कोरोना संक्रमित हुआ था. उसका इलाज एम्स में चला. कोरोना संक्रमण ठीक होने के बाद उसे वापस तिहाड़ जेल भेज दिया गया है.