दिल्‍ली के किस निजी अस्‍पताल में कितने हैं रियायती COVID-19 बेड? यहां देखें पूरी लिस्‍ट
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दिल्‍ली के किस निजी अस्‍पताल में कितने हैं रियायती COVID-19 बेड? यहां देखें पूरी लिस्‍ट
दिल्ली के निजी अस्पतालों में कोरोना के सस्ते इलाज के लिए सरकार ने आदेश जारी किए हैं. (Demo PIc)

दिल्‍ली में कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए कई अस्‍पतालों में रियायत दर पर बेड उपलब्‍ध करवाए गए हैं.

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दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) के किस प्राइवेट अस्पताल में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों के इलाज के लिए रियायती दर पर कितने बेड हैं? मरीज को यह कैसे पता चलेगा कि किस अस्पताल (Hospital) में उसको सस्ता इलाज मिल सकता है? दिल्ली सरकार के एक आदेश के बाद ऐसे कई सवाल लोगों के जहन में हैं. ऐसे में हम बता रहे हैं कि ऐसे कौन-कौन से निजी अस्पताल हैं, जिनमें आपको सरकार के इस आदेश के बाद लाभ मिल सकता है और किन बड़े निजी अस्‍पतालों में रियायती दर पर बेड उपलब्‍ध हैं. आदेश के तहत निजी अस्पतालों को 60 फ़ीसदी रियायती बेड उपलब्‍ध कराना है.

अस्पतालों की सूची और बेड की संख्या जानने से पहले जानते हैं कि आखिर किस प्रक्रिया के बाद राज्य सरकार ने यह आदेश जारी किया है. बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की बनाई डॉ वीके पॉल कमिटी ने दिल्ली के प्राइवेट अस्पतालों में उनकी कुल क्षमता के 60 फ़ीसदी बेड पर सस्ते कोरोना इलाज की सिफारिश की थी, जिस पर दिल्ली सरकार ने पहले आदेश जारी किया और अब यह साफ किया है कि किस अस्पताल में कितने बेड इन रियायती दर पर उपलब्ध हैं. डायरेक्टरेट जनरल हेल्थ सर्विसेज, दिल्ली के सर्कुलर के मुताबिक दिल्ली में केवल 7 ऐसे अस्पताल हैं जो अपनी कुल क्षमता के 60% बेड से भी ज्यादा पर पहले से ही कोरोना ट्रीटमेंट कर रहे हैं. इसलिए इनमें रियायती रेट वाले बेड की संख्या दिल्ली सरकार ने बताई है.

इन अस्पतालों में हैं रियायती बेड



1. मैक्स हॉस्पिटल, साकेत- 120 बेड
2. सर गंगाराम कोलमेट हॉस्पिटल- 25 बेड
3. महा दुर्गा चैरिटेबल ट्रस्ट हॉस्पिटल- 60 बेड
4. सर गंगा राम सिटी हॉस्पिटल- 72 बेड
5. सिग्नस ऑर्थोकेयर - 24 बेड
6. सरोज सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल - 102 बेड
7. बंसल ग्लोबल हॉस्पिटल- 30 बेड

यहां भी सस्ता इलाज
आदेश के मुताबिक, दिल्ली के 108 प्राइवेट अस्पताल ऐसे हैं जो अपनी कुल क्षमता के 19% से 58% बेड्स पर ही कोरोना ट्रीटमेंट कर रहे हैं. यानी इन सभी 108 अस्पतालों में मरीजों को यह सोचने की जरूरत नहीं है कि यहां सस्ता इलाज होगा या नहीं, क्योंकि यहां पर सभी 100% बेड रियायती रेट पर उपलब्ध होंगे. इन 108 अस्पतालों में छोटे, बड़े और मीडियम सभी तरह के अस्पताल हैं. बड़े अस्पताल- इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल, सर गंगाराम हॉस्पिटल, बत्रा हॉस्पिटल, बीएल कपूर हॉस्पिटल, होली फैमिली हॉस्पिटल, महाराजा अग्रसेन हॉस्पिटल, फॉर्टिस हॉस्पिटल शालीमार बाग आदि शामिल हैं.

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लेनी होगी मरीजों की सहमति
आदेश के मुताबिक जिन 7 अस्पतालों में रियायती रेट्स वाले बेड की संख्या बताई गई है. यानी जो पहले ही अपनी कुल क्षमता के 60% से ज़्यादा बेड्स पर कोरोना ट्रीटमेंट कर रहे हैं, वह अस्पताल मरीज को बाकी बचे 40% बेड्स अपने तय किए हुए रेट्स पर दे सकते हैं, लेकिन एडमिट करते वक्त मरीज से लिखित सहमति लेनी होगी और इसका बाकायदा रिकॉर्ड रखना होगा. जिन अस्पतालों को रियायती दरों पर जमीन दी गई है और वह कोरोना ट्रीटमेंट दे रहे हैं, उनको कुल कोरोना बेड्स के 10% बेड्स आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को मुफ्त में इलाज के लिए देने होंगे.

...तो देनी होगी लिखित जानकारी
आदेश के मुताबिक वह सभी 108 अस्पताल जिनमें इस समय उनकी कुल क्षमता के 60 फ़ीसदी से कम बेड पर कोरोनावा का इलाज हो रहा है और इसलिए उनको फिलहाल अपने सभी मौजूदा कोरोना बेड पर सस्ते में इलाज देना होगा. वह अस्पताल अगर अपनी कुल क्षमता के 60 फ़ीसदी से ज्यादा बेड कोरोना के इलाज के लिए रखते हैं तो उनको बाकी 40% बेड्स पर मरीजों से ज़्यादा पैसा लेने से पहले लिखित में सुपरवाइजिंग अथॉरिटी को जानकारी देनी होगी.
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