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GDA News: गाजियाबाद में पॉवर ऑफ अटार्नी में खरीदी है प्रॉपर्टी, तो चुकाना पड़ सकता है मूल आवंटी का बकाया

GDA News: गाजियाबाद में पॉवर ऑफ अटार्नी में खरीदी है प्रॉपर्टी, तो चुकाना पड़ सकता है मूल आवंटी का बकाया

जीडीए ने इससे संबंधित प्रस्‍ताव शासन को भेजा है.

जीडीए ने इससे संबंधित प्रस्‍ताव शासन को भेजा है.

अगर आपने Ghaziabad Development Authority की कोई प्रॉपर्टी Power of Attorney पर खरीदी है और Original Allottee ने उसका बकाया नहीं चुकाया है तो आपको बकाया चुकाना पड़ सकता है. जीडीए ने इससे संबंधित प्रस्‍ताव बनाकर शासन को भेजा है, मंजूरी मिलने के बाद वसूलने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.

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  • News18Hindi
  • Last Updated :

    गाजियाबाद. अगर आपने गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (Ghaziabad Development Authority) से कोई प्रॉपर्टी खरीदी है और उसका बकाया मूल आवंटी (Original Allottee) ने नहीं चुकाया है तो आपको बकाया चुकाना पड़ सकता है. जीडीए ने इससे संबंधित प्रस्‍ताव बनाकर शासन को भेजा है, मंजूरी मिलने के बाद बकाया वसूलने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. पैसों की कमी की वजह से जीडीए बकाया वसूलने के लिए इस तरह का प्‍लान बना रहा है.

    जीडीए (GDA) अधिकारियों के अनुसार विभिन्‍न योजनाओं में प्रॉपर्टी लेकर करीब 6545 आवंटियों ने बकाया जमा नहीं किया है. इन पर जीडीए का करीब 1200 करोड़ रुपये बकाया है. बकाया जमा न होने का कारण है कि ज्यादातर मूल आवंटियों द्वारा पावर आफ अटार्नी के आधार पर फ्लैट बेच दिए गए हैं. भुगतान मूल आवंटी को करना था, लेकिन मूल आवंटी ने बकाया जमा नहीं किया और फ्लैट आगे तीन-चार बार पॉवर ऑफ अटार्नी के आधार पर ही बेच दिया है.

    जीडीए द्वारा बकाया वसूली के लिए मूल आवंटी के नाम नोटिस जारी होता है, लेकिन मौके पर काबिज लोग, जिन्होंने पॉवर ऑफ अटार्नी के आधार पर फ्लैट खरीदा है, उनके द्वारा मूल आवंटी के नाम भेजा गया नोटिस लौटा दिया जाता है. कई साल से यह मामला चल रहा है. कोरोना की वजह से जीडीए भी पैसे की कमी से जूझ रहा है, इसलिए बकायेदारों से वसूली के लिए जीडीए ने प्रस्ताव तैयार कर शासन में भेजा है.

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     प्रस्‍ताव पर एक नजर

    शासन ने 2005 तक विशेष योजना चलाई थी. इसके तहत आखिरी पावर आफ अटार्नी वालों को ही असली मालिक मानते हुए बकाया रकम पर दंड ब्याज सहित वसूलकर उन्हीं के नाम रजिस्ट्री की गई थी. जीडीए ने फिर से यह प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है कि योजना को फिर से शुरू किया जाए. इस संबंध में जीडीए के अपर सचिव सीपी त्रिपाठी बताते हैं कि  शासन को इस तरह का प्रस्‍ताव बनाकर भेजा गया है, मंजूरी मिलने के बाद प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.

    Tags: Ghaziabad News, Property

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