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Shaheen Bagh Protest: प्रदर्शनकारियों का आरोप- धरनास्‍थल के समीप फेंका गया पेट्रोल बम
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News18 Uttar Pradesh
Updated: March 22, 2020, 11:21 AM IST
Shaheen Bagh Protest: प्रदर्शनकारियों का आरोप- धरनास्‍थल के समीप फेंका गया पेट्रोल बम
शाहीन बाग प्रदर्शन स्थल पर पेट्रोल बम फेंके जाने का लगाया गया आरोप.

जनता कर्फ्यू (Janta Curfew) के बीच देश के शाहीन बाग (Shaheen Bagh) इलाके से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. यहां नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ तीन महीने से भी ज्‍यादा समय से धरना-प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पेट्रोल बम (Petrol Bomb) फेंकने का आरोप लगाया है.

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नई दिल्‍ली. जनता कर्फ्यू (Janta Curfew) के बीच देश के शाहीन बाग (Shaheen Bagh) इलाके से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. यहां नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ तीन महीने से भी ज्‍यादा समय से धरना-प्रदर्शन कर रहे लोगों ने प्रदर्शन स्थल पर पेट्रोल बम (Petrol Bomb) फेंकने का आरोप लगाया है. इन लोगों का कहना है कि रविवार को धरनास्‍थल के समीप पेट्रोल बम फेंका गया है. इस घटना को अंजाम देने वालों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है.

बैरिकेड के पास प्लास्टिक के एक बोतल में कुछ विस्फोटक सामान भी बरामद किया गया है. विशेष पुलिस आयुक्त ने कहा है कि कोई बड़ी घटना नहीं हुई है. शाहीन बाग प्रदर्शन स्थल पर जनता कर्फ्यू के दिन रविवार को केवल 4-5 महिलाएं ही बैठी हुई हैं.



जामिया प्रदर्शन स्थल पर भी फायरिंग का आरोप
जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में मौजूद कुछ लोगों ने दावा किया है गेट नंबर 7 पर स्थित प्रोटेस्ट साइट पर कुछ लोगों ने फायरिंग कर के पेट्रोल बम फेंका है. प्रोटेस्ट साइट पर अभी भी कांच के टुकड़े पड़े हुए हैं. चश्मदीदों ने बताया कि फायरिंग की आवाज़ सुनी गई, जब वे वहां आए देखा तो उन्होंने फायरिंग का धुआं देखा. दो लोग पल्सर बाइक से आए थे. हालांकि पुलिस सूत्रों का कहना है कि जामिया प्रदर्शन स्थल पर ऐसी कोई घटना नहीं हुई है.

प्रदर्शनकारियों को हटाने पर 23 मार्च को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
इससे पहले कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रदर्शनकारियों को प्रदर्शन-स्थल से हटाने की मांग की गई है. सुप्रीम कोर्ट में इसको लेकर एक जनहित याचिका दायर की गई है. सुप्रीम कोर्ट इस मुद्दे पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है. सुप्रीम कोर्ट 23 मार्च को इस पर सुनवाई करेगा.

याचिका दायर करते हुए आशुतोष दुबे ने तर्क दिया था कि अगर इसे तुरंत नहीं हटाया गया तो कोरोना वायरस की चपेट में लाखों दिल्लीवासी आ सकते हैं. साथ ही उन्होंने अपनी याचिका में कहा है कि प्रदर्शनकारी कोरोना वायरस के खत्म होने के बाद वापस धरना-प्रदर्शन के लिए शाहीन बाग लौट सकते हैं.

सीएम केजरीवाल 50 से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर लगा चुके हैं प्रतिबंध
पिछले दिनों कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे के बीच दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि कहीं भी किसी भी हालत में 50 लोगों से ज्यादा लोगों को एक साथ इकट्ठा होने की इजाजत नहीं दी जाएगी, चाहे वो प्रदर्शन हो या कुछ और.

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने मांगी है रिपोर्ट
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने दक्षिण पूर्वी दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट को  18 मार्च को पत्र लिखकर कोरोना वायरस के खतरे के मद्देनजर शाहीन बाग प्रदर्शन स्थल पर लोगों के एकत्रित होने के संबंध में एक रिपोर्ट सौंपने को कहा है.

इनपुट - जावेद मंसूरी 

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First published: March 22, 2020, 10:34 AM IST
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स्रोत: स्वास्थ्य मंत्रालय, भारत सरकार
अपडेटेड: April 09 (05:00 PM)
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स्रोत: जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी, U.S. (www.jhu.edu)
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