Farmers Protest Delhi: बुराड़ी में धरने पर बैठे किसानों ने निरंकारी समागम मैदान का नाम बदला, जानें क्‍या है नया नाम

निरंकारी समागम मैदान धरना देने वाले किसानों मे मैदान में किसानपुरा के नाम का बैनर लगा दिया है.

निरंकारी समागम मैदान धरना देने वाले किसानों मे मैदान में किसानपुरा के नाम का बैनर लगा दिया है.

कृषि कानूनों (Agricultural laws) के विरोध में बुरारी के निरंकारी समागम मैदान (Nirankari Samagam Maidan) में धरने पर बैठे किसानों ने मैदान का नाम बदलकर 'किसानपुरा' (Kisanpura) कर दिया है. किसानों ने मैदान में बड़े-बड़े बैनर लगा दिए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 29, 2020, 6:10 PM IST
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दिल्ली. कृषि कानूनों (Agricultural laws) के विरोध में बुरारी में धरना दे रहे किसानों ने निरंकारी समागम मैदान (Nirankari Samagam Maidan) का नाम बदलकर 'किसानपुरा' (Kisanpura) कर दिया है. किसानों (Farmers) ने बड़े- बेड़े बैनरों में धरना स्थल का नाम 'किसानपुरा' लिखा है. एक किसान का कहना है, "हम पिछले 33 दिनों से विरोध कर रहे हैं. यहां पर इतनी संख्या में किसान पहुंचे हैं कि यह मैदान एक गांव जैसा हो गया है. इसलिए हमने इसका नाम बदलकर 'किसानपुरा' कर दिया है.

हरियाणा और पंजाब के किसान सिंघु बार्डर पर और कुछ किसान बुराड़ी में निरंकारी समागम मैदान में 33 दिन से धरना दे रहे हैं. किसान लगातार मोदी सरकार से तीनों नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं. वहीं उत्तर प्रदेश के किसान भी गाजीपुर बॉर्डर पर धरने पर बैठे हैं. इन किसानों की मांग भी पंजाब के किसानों की तरह ही है. वहीं कल यानी कि 29 दिसंबर को सरकार और किसान नेताओं के एक प्रतिनिधि मंडल के बीच बातचीत होनी है, जिसमें कल कोई हल निकलने की उम्मीद नजर आ रही है.

केजरीवाल ने कृषि बिलों पर दिया बहस का चैलेंज

इस मामले में राजनीति भी जमकर हो रही है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तीनों कृषि कानूनों पर केंद्र सरकार को खुली बहस की चुनौती दी है. केजरीवाल ने कहा कि केंद्र का कोई भी मंत्री नेता हमारे किसान नेताओं के साथ आकर बहस कर ले, जिसमें देश के सामने तीनों नए कृषि कानूनों की हकीकत आ जाएगी.


केजरीवाल रविवार को सिंघु बार्डर स्थित गुरू तेग बहादुर स्मारक परिसर में पंजाबी अकादमी की ओर से गुरु गोविंद सिंह के चार बेटों और माता गुजरी जी की शहादत पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि किसानों की लड़ाई अब आर-पार की हो चुकी है. किसान अपनी खेती बचाने के लिए कड़ाके की ठंड में बैठने को मजबूर है.

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सिंघु बार्डर पर शहादत दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम केजरीवाल ने कृषि कानूनों को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि भाजपा का एक भी मंत्री और नेता नहीं है जो इन कानूनों के फायदे बता सके. केंद्र पर आरोप लगाते हुए केजरीवाल ने कहा कि ये कानून किसानों की जमीन को छीनकर पूजीपतियों को देने की कोशिश है.

उन्होंने कहा कि आज इस कड़ाके की ठंड में देश का किसान सड़क पर खुले आसमान के नीचे बैठा है, लेकिन सरकार को इनकी सुध नहीं है. अभी तक यहां पर 40 से ज्यादा लोगों की शहादत हो चुकी है. इसलिए इस पवित्र मंच से मैं केंद्र सरकार से अपील करता हूं कि इनकी बातें सुनकर मांगें पूरी करते हुए तीनों काले कानून वापस ले.

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