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सरकारी वकील ने कहा- उमर खालिद मुसलमानों के लिए अलग देश बनाने का पाले था खतरनाक मंसूबा

दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद की जमानत का सरकारी वकील ने विरोध किया है. (Photo-File)

दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद की जमानत का सरकारी वकील ने विरोध किया है. (Photo-File)

Delhi Riots Case: सरकारी वकील अमित प्रसाद ने कहा कि दिल्ली दंगों के दौरान जान-माल का नुकसान हुआ है. गोलियां, घातक हथिया ...अधिक पढ़ें

नई दिल्ली. दिल्ली दंगों (Delhi Riots) से जुड़े मामलों में मुख्य आरोपी उमर खालिद (Umar Khalid) की जमानत याचिका (Bell Petition) पर सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की तरफ से पेश स्पेशल पब्लिक प्रॉसीक्यूटर अमित प्रसाद (Amit Prasad) ने उमर खालिद की जमानत याचिका का विरोध किया फिलहाल विशेष लोक अभियोजक की दलीलें पूरी हो गई हैं. अब अगली सुनवाई कड़कड़डूमा कोर्ट में 7 फरवरी को होगी.

दिल्ली पुलिस ने कहा कि आपराधिक साजिश और UAPA के मामले में उमर खालिद को जमानत नहीं मिलनी चाहिए. अमित प्रसाद ने कहा कि उनके पास वह गवाह भी है जिसने बताया कि आरोपी ने कहा था कि मुसलमानों के लिए अलग राष्ट्र बनाना है.

दिल्ली दंगों में घातक हथियारों का इस्तेमाल किया गया

अमित प्रसाद ने कहा कि दिल्ली दंगों के दौरान जान-माल का नुकसान हुआ है. गोलियां, घातक हथियार, जहरीले पदार्थ सभी का इस्तेमाल किया गया है. कहा गया कि इस मामले में भारत की एकता, संप्रभुता और सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाले सभी कार्य किए गए हैं.

मामले में दलील देते हुए कहा कि उमर खालिद पर UAPA इन सभी बातों को ध्यान में रखकर लगाया गया क्यों पेट्रोल बम, हथियार, गोलियों आदि का इस्तेमाल भारत की संप्रभुता के लिए खतरा पैदा करने के लिए हुआ था.

पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन वाइट मनी को ब्लैक कर रहे थे

दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में आरोपी आप के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन का भी कोर्ट में जिक्र आया. अमित प्रसाद ने दावा किया कि पुलिस को ऐसे सबूत भी मिले जिससे पता चलता है कि ताहिर हुसैन वाइट मनी को ब्लैक बना रहे थे.

कोर्ट में दलील देते हुए कहा कि अकसर हम ऐसा नहीं सुनते की कोई अपने एक नंबर के पैसे को दो नंबर के पैसों में बदले लेकिन इसके सबूत हैं. कहा गया कि ऐसा माना जा रहा है कि यह फंड हिंसा भड़काने के लिए इस्तेमाल होना था.

सबूत मिटाने के लिए डीपीएसजी को ठहराया जिम्मेदार

लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली दंगों के बड़े षड्यंत्र के मामले में कई आरोपियों की जमानत याचिकाओं का विरोध करते हुए अभियोजन पक्ष ने बुधवार को दिल्ली की एक अदालत को बताया कि विरोध स्थलों को स्थानीय लोगों की भागीदारी के बिना अकार्बनिक रूप से कब्जे में लिया गया था. विशेष लोक अभियोजक अमित प्रसाद ने हिंसा भड़काने, सीसीटीवी कैमरों को तोड़ने और सबूत मिटाने में डीपीएसजी समूह के सदस्यों की भूमिका को जिम्मेदार ठहराया. प्रसाद यहां उमर खालिद, शरजील इमाम, खालिद सैफी, मीरा हैदर, सलीम मलिक, शहाब अहमद और सलीम खान की जमानत याचिकाओं का विरोध कर रहे थे.

गवाहों के बयान से वकील का दावा- हिंसा फैलाना ही उनका लक्ष्य था

एसपीपी प्रसाद ने 16 और 17 फरवरी, 2020 की रात को क्या हुआ था, यह दिखाने के लिए मजिस्ट्रेट के सामने जॉनी नाम के एक गवाह के बयान का हवाला दिया. जॉनी ने इसे 23 जनवरी, 2020 की सभा से भी जोड़ा. कहा जाता है कि जॉनी ने सभा में जो हुआ और इसमें भाग लेने वाले ने क्या कहा, सब देखा और सुना. उन्होंने आरोप लगाया कि 16 और 17 फरवरी की सभा किसी भी तरह से विरोध प्रदर्शन से जुड़ी नहीं थी. उन्होंने आरोप लगाया कि बैठक में तेजाब जमा करने को लेकर चर्चा हुई, जो दर्शाता है कि उनका उद्देश्य हिंसा पैदा करना था.

उन्होंने 16 और 17 फरवरी के डीपीएसजी समूह पर ओवैस सुल्तान खान नाम के व्यक्ति द्वारा प्रसारित कुछ संदेशों का भी उल्लेख किया. सुल्तान ने “हिंसा भड़काने के लिए अपने प्रस्ताव” का इस्तेमाल किया. उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के पास सबूत हैं, जो अभियोजन पक्ष के मामले के समर्थन में आए हैं.

Tags: Delhi News Alert, Delhi police, Delhi Riot, Delhi riots case, Umar khalid arrested, Umar Khalid bail plea

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