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प्रधानमंत्री मोदी की इच्छाशक्ति ने ऐसे बदला सेना का नजरिया
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Anil Rai | News18Hindi
Updated: October 9, 2019, 3:38 PM IST
प्रधानमंत्री मोदी की इच्छाशक्ति ने ऐसे बदला सेना का नजरिया
सौदे पर मुहर लगने के तीन साल बाद भारत को पहला राफेल जेट मिला. (File Photo)

पीएम नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) के सपोर्ट के बाद बालाकोट एयर स्ट्राइक (Balakot Air Strike) ने पहले ही इंडियन एयर फोर्स (Indian Air Force) का मनोबल बढ़ाया हुआ है. अब राफेल (Rafale) ने एयर फोर्स की ताकत को कई गुना बढ़ा दिया है.

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  • Last Updated: October 9, 2019, 3:38 PM IST
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नई दिल्ली. हमेशा रक्षात्मक रणनीति अपानाने वाली भारतीय सेना ने पिछले कुछ दिनों में अपना अंदाज बदल दिया है, आजादी के बाद से भारतीय सेना जवाबी हमला करने से पहले दुश्मन के हमले का इंतजार करती थी. लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व ने सेना के सोचने का नजरिया बदल दिया है. पहले बालाकोट में एयर स्ट्राइक और अब राफेल के वायु सेना में शामिल होने के बाद भारतीय वायुसेना किसी भी दुश्मन से दो-दो हाथ करने के लिए तैयार है.

भारतीय सेना के इस बदले हुए नजरिये की तस्दीक खुद वायुसेना प्रमुख राकेश कुमार सिंह भदौरिया ने वायुसेना दिवस पर की. वायुसेना प्रमुख ने माना की प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व ने आतंकवाद और आतंकावादियों से निपटने में सेना ने अपना अंदाज और काम करने का तरीका बदल लिया है और इसका सबसे बड़ा उदाहरण बालाकोट एयर स्ट्राइक है. सेना अब किसी हमले का इंतजार करने की बजाय हमले की तैयारी की सूचना पर ही आतंकी शिविरों पर हमला कर उन्हें तबाह करने के लिए तैयार है और मौका पड़ने पर सेना ने इसका सबूत भी दिया है.

राफेल से बढ़ा सेना का मनोबल

पहले दुश्मन की सीमा में घुसकर आतंकादियों का सफाया करना और अब राफेल जैसे विमान का सेना में शामिल होना ये दो बातें भारतीय सेना का मनोबल बढ़ाने के लिए काफी है. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के दशहरा के दिन शस्त्रपूजा के बाद राफेल भारत का हो गया है. साफ है बिना राफेल के सेना के जवान पाकिस्तान की सीमा में घुसकर आतंकवादी शिविरों को तबाह कर सकते हैं. वे जवान राफेल के बाद पाकिस्तान और उसके प्रायोजित आतंवाद को कुचलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. वायु सेना को राफेल मिलना भारतीय सेनाओं के आधुनिकीकरण की कड़ी में सिर्फ एक बड़ा काम है. सूत्रों की माने तो प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना के आधुनिकीकरण पर युद्ध स्तर पर काम चल रहा है और अब उसके परिणाम भी आने लगे हैं.



पहला राफेल मिलने के बाद पीएम नरेन्द्र मोदी ने एयर फोर्स को बधाई दी है. (File Photo)


पहले जवानों के हितों का ध्यान रखा, अब दिया अमोघ अस्त्र

सेना के मनोबल पर राजनीतिक इच्छाशक्ति का सीधा असर पड़ता है. इसके बहुत सारे उदाहरण है. ऐसे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह जिस तरह हर मौके पर भारतीय सेना और उसके जवानों की तारीफ करने के साथ-साथ उनकी जरुरतों का ध्यान रखते हैं. उसका असर सेना के मनोबल पर दिख रहा है. मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में जहा सेना की लम्बे अर्से से लम्बित वन रैंक वन पेंशन की मांग को मानकर सरकार ने सेना के अधिकारियों और जवानों के हितों का ध्यान रखा वहीं मोदी-2 में राफेल जैसे विमान को वायुसेना में शामिल कर सरकार ने वायुसेना को अमोघ अस्त्र दे दिया है.

राफेल के मुकाबले को कोई विमान अब तक पाकिस्तान के पास नहीं है और जिस तरह भारत ने आंतवाद के मामले पर पाकिस्तान को अलग-थलग कर रखा है ऐसे में भविष्य में पाकिस्तान कोई बड़ा रक्षा सौदा कर पाएगा इसकी उम्मीद भी कम है. पाकिस्तान की आर्थिक हालत भी किसी से छुपी नहीं है. ऐसे कोई भी देश या हथियार बनाने वाली कंपंनी पाकिस्तान से रक्षा सौदा करने से बचेगी. साफ है राफेल लम्बे अर्से तक भारतीय सेना के लिए अमोघ अस्त्र साबित होगा.

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First published: October 9, 2019, 3:38 PM IST
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