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साउथ दिल्ली लोकसभा नतीजे: बढ़िया नौकरी छोड़कर सियासत में आए राघव चड्ढा की हार

राघव चड्ढा

राघव चड्ढा

दिल्ली के सबसे पॉश क्षेत्र साउथ दिल्ली लोकसभा सीट से राघव चड्ढा ने लोकसभा चुनाव की पारी आगाज किया लेकिन उनके लिए ये आसान राह नहीं थी. क्योंकि उनके सामने भाजपा के रमेश बिधूड़ी और कांग्रेस के बॉक्सर बिजेंदर सिंह की मुश्किल चुनौती थी.

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    लोकसभा चुनाव 2019 में हाई प्रोफाइल साउथ दिल्ली सीट के नतीजे आ चुके हैं. साउथ दिल्ली लोकसभा क्षेत्र से भाजपा (BJP) के उम्मीदवार रमेश बिधूड़ी ने बाज़ी मार ली है और मज़बूत माने जा रहे राघव चड्ढा को हार का मुंह देखना पड़ा है. 23 मई को जारी मतगणना में आए नतीजों के मुताबिक बिधूड़ी ने 54.2 फीसदी वोट हासिल कर जीत दर्ज की, वहीं चड्ढा रनर अप रहे और उन्हें 27.6 फीसदी वोट मिले. नतीजों के पूरे आंकड़े आना अभी बाकी हैं लेकिन राघव चड्ढा के लिए ये चुनावी आगाज़ कितना महत्वपूर्ण होगा? इसको लेकर भी सियासी गलियारों में विचार किया जाएगा.

    आम आदमी पार्टी ने साउथ दिल्ली संसदीय सीट से पॉलिटिकल अफेयर्स कमिटी के सदस्य राघव चड्ढा को मैदान में उतार तो दिया लेकिन यह भी सच है कि राघव चड्ढा पहली बार किसी चुनाव में कूदे. इससे पहले वे आप के कोषाध्यक्ष और राष्ट्रीय प्रवक्ता की भूमिका अदा करते रहे हैं. 30 वर्षीय चड्ढा पेशे से एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं.

    माना जाता है कि एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के तौर पर चड्ढा अंतर्राष्ट्रीय कर सलाहकार और स्थानांतरण मूल्य निर्धारण में विशेषज्ञता रखते हैं. अरविंद केजरीवाल से प्रभावित हो कर चड्ढा ने इंडिया अगेंस्ट करप्शन आंदोलन के साथ जुड़ने का फैसला किया. जल्द ही आंदोलन में उनकी जिम्मेदारियां बढ़ गईं और उन्होंने नवंबर 2012 में अपनी स्थापना के समय आम आदमी पार्टी का हिस्सा बनने के लिए अपनी हाई सैलेरी वाली नौकरी से इस्तीफा दे दिया.

    राघव चड्ढा पार्टी के राष्ट्रीय मसौदा समिति के एक अभिन्न अंग हैं. उन्होंने पार्टी की नीति पत्र तैयार करने में काफी मदद की और राष्ट्रीय महत्व के विभिन्न मामलों पर पार्टी के दृष्टिकोण को स्थापित किया. 2013 के दिल्ली चुनावों में पार्टी के लिए चुनाव घोषणापत्र के प्रारूपण में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा था.

    लोकसभा चुनाव 2019 की शुरुआत के साथ ही राघव एक और मामले को लेकर चर्चा में आ गए. राघव चड्ढा को सोशल मीडिया के जरिए शादियों के ढेर सारे प्रस्ताव मिलने लगे. जब से चड्ढा को दक्षिणी दिल्ली से उम्मीदवार बनाया गया तब से उनके टि्वटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम, ईमेल और वॉट्सएप पर शादियों के प्रस्ताव आने शुरू हो गए.

    लोकसभा चुनाव 2019 के छठे चरण में दिल्ली की सभी सातों सीटों पर मतदान संपन्न हो गए हैं. साल 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के मौजूदा सांसद रमेश बिधूड़ी को 4 लाख 97 हजार 980 वोट, आम आदमी पार्टी के देवेंद्र कुमार सहरावत को 3 लाख 90 हजार 980 वोट और कांग्रेस के रमेश कुमार को 1 लाख 25 हजार 213 वोट मिले थे.दक्षिणी दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र दिल्‍ली की महत्‍वपूर्ण लोकसभा सीटों में से एक है.

    साल 1989 से इस सीट पर बीजेपी जीत दर्द करती रही है, लेकिन साल 2009 में पहली बार कांग्रेस के रमेश कुमार ने इस सीट पर जीत हासिल की थी. हालांकि, 2014 में कांग्रेस रमेश कुमार तीसरे नंबर पर खिसक गए. इस सीट से बीजेपी के बलराज मधोक, सुषमा स्वराज और मदन लाल खुराना के अलावा कांग्रेस से ललित माकन जैसे लोकप्रिय नेता सांसद रह चुके हैं.

    2008 में हुए प‍रिसीमन के बाद इस संसदीय के अंतर्गत 10 विधानसभा क्षेत्र हैं. जिनमें बिजवासन, देवली, कालकाजी, पालम, अंबेडकर नगर, तुगलकाबाद, महरौली, संगम विहार, बदरपुर और छतरपुर शामिल हैं. वहीं 2011 की जनगणना के मुताबिक 2,733,752 की आबादी के साथ यह क्षेत्र दिल्ली के सबसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में से एक है. इसमें 10,935 निवासी प्रति वर्ग किलोमीटर का अनुमान है. वहीं कुल मतदाताओं की संख्या 1,542,412 है.

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