New Delhi: व्यास नदी का पानी रोका गया तो दिल्ली में बिगड़ सकता है लॉ एंड ऑर्डर: राघव चड्ढा

दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने व्यास नदी का पानी रोके जाने पर चिंता जताई है.

दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने कहा कि व्यास नदी एक स्रोत, जो नांगल नदी से होकर आता है, उस स्रोत से दिल्ली में कुल पानी का करीब 25 प्रतिशत हिस्सा होता है. केंद्र सरकार दिल्ली में व्यास नदी से आने वाले पानी को एक महीने के लिए रोकने जा रही है.

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    नई दिल्ली. दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के वाइस चेयरमैन राघव चड्ढा ने दावा किया कि एक महीने के लिए केंद्र सरकार व्यास नदी का पानी दिल्ली आने से रोक रही है, जिस वजह से गर्मी के मौसम में 25% पानी की सप्लाई नहीं हो पाएगी. चड्ढा ने कहा कि दिल्ली में त्राहि-त्राहि हो सकती है, और लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति भी बिगड़ सकती है.

    राघव चड्ढा ने बताया कि दिल्ली वाले यमुना, गंगा और रावी-व्यास नदी के साथ भूमिगत पानी पर निर्भर हैं. दिल्ली के कुल जलापूर्ति का 25 प्रतिशत हिस्सा व्यास नदी के पानी का है. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की एजेंसी भांखड़ा नांगल मैनेजमेंट बोर्ड रिपेयर मेंटेनेंस के बहाने 25 मार्च से 24 अप्रैल तक व्यास हाइडल चैनल बंद करने जा रही है.

    राघव चड्ढा ने इस संबंध में केंद्र और हरियाणा सरकार के साथ बोर्ड को चिट्ठी लिख कर मेंटेनेंस का कार्य स्थगित करने, दिल्ली में जलापूर्ति कम न करने और इस मुद्दे पर सभी हितधारकों के साथ बैठक बुलाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार दिल्ली को जल संकट से बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है.

    दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष ने बताया कि दिल्ली एक ऐसा राज्य है, जिसके चारों तरफ राज्य हैं और जमीन से घिरा हुआ है. हमारी अपनी कोई वाटर बॉडी नहीं है, जिसके चलते दिल्ली वालों को अपनी जलापूर्ति के लिए चार स्रोतों पर निर्भर होना पड़ता है. इन चार स्रोतों से जो पानी आता है, उसी पानी को हम दिल्ली के घर-घर तक पहुंचाते हैं. इनमें पहला- यमुना नदी का पानी है, जो मुख्य तौर पर हरियाणा से होकर आता है. दूसरा, गंगा नदी का पानी है, जो मुख्य तौर पर उत्तर प्रदेश से होकर आता है. तीसरा, रावी-व्यास नदी का पानी है, जो नांगल से होकर आता है और चौथा, भूमिगत पानी है, जिसे हम रिचार्ज करते हैं.

    व्यास नदी का पानी रोके जाने पर चिंता जताते हुए चड्ढा ने आगे कहा कि इसमें से एक स्रोत, जिसे हम व्यास नदी का पानी कहते हैं, जो नांगल नदी से होकर आता है, उस स्रोत से दिल्ली में कुल पानी का करीब 25 प्रतिशत हिस्सा होता है. हमें बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार दिल्ली में व्यास नदी से आने वाले पानी को एक महीने के लिए रोकने जा रही है. केंद्र सरकार कोई रिपेयर मेंटेनेंस का कार्य ऐसे समय में करने जा रही है और पूरी तरह से नांगल हाइडल चैनल को बंद करने जा रही है.

    गर्मियों में हो जाएगी त्राहि-त्राहि 

    राघव चड्ढा ने कहा कि हमें 12 फरवरी को हरियाणा सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा एक चिट्ठी लिखी गई है, जिसमें उन्होंने कहा है कि 25 मार्च 2021 से 24 अप्रैल 2021 यानि पूरे एक महीने तक नांगल हाइडल चैनल बंद रहेगा. तब तक गर्मी आ चुकी होती है. इसे बंद कर देने के बाद दिल्ली में 232 मिलियन गैलन पानी प्रतिदिन (एमजीडी) की सप्लाई कम हो जाएगी. खासकर गर्मी के महीनों में पानी की मांग बढ़ जाती है.

    इस MOU के तहत दिल्ली को मिलता है पानी 

    दरअसल, जो व्यास नदी का पानी दिल्ली वालों को मिलता है, इस संबंध में एक मेमोरेंडम आफ अंडरस्टैंडिंग 1981 का है और एक सुप्रीम कोर्ट का 10 मई 2020 का आदेश भी है. इन दोनों कानूनी दस्तावेजों में दिल्ली वालों का अधिकार लिखा गया है कि दिल्ली को यह 232 एमजीडी पानी मिलना चाहिए. राघव चड्ढा ने कहा कि इस संबंध में दिल्ली जल बोर्ड ने 19 फरवरी को एक चिट्ठी लिखी है. हमनें इसमें साफ तौर से केंद्र सरकार, हरियाणा सरकार और भांखड़ा व्यास मैनेजमेंट बोर्ड को लिखकर यह कहा है कि दिल्ली वाले अपनी जलापूर्ति के लिए रावी व्यास नदी के इस पानी पर यह निर्भर हैं और आप इस पानी की आपूर्ति को कतई न कम करें.

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