दिल्ली में भी नहीं बिक रहा रेलवे का बेडरोल किट, रोज 50000 मुसाफिर मगर 50 की भी बिक्री नहीं

कोरोना की रोकथाम के लिए स्टेशनों पर डिस्पोजेबल किट के स्टॉल तो खुले, मगर यात्री नहीं खरीद रहे यूज एंड थ्रो बेडरोल किट.

कोरोना की रोकथाम के लिए स्टेशनों पर डिस्पोजेबल किट के स्टॉल तो खुले, मगर यात्री नहीं खरीद रहे यूज एंड थ्रो बेडरोल किट.

कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए ट्रेनों में ब्लैंकेट-चादर देना बंद करने के बाद रेलवे ने यूज एंड थ्रो बेडरोल किट की बिक्री शुरू कराई. लेकिन नई दिल्ली स्टेशन पर भी इस किट की बिक्री नहीं होती. यात्रियों में इस बेडरोल किट की डिमांड नहीं.

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नई दिल्ली. कोरोना के खतरे को देखते हुए रेलवे ने ट्रेनों में मिलने वाले लिनेन और ब्लैंकेट (चादर-कंबल) की सेवा बंद कर रखी है. कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए इस तरह के एहतियाती कदम उठाए गए हैं. इसकी जगह पर रेलवे स्टेशनों पर यूज एंड थ्रो लिनेन और ब्लैंकेट बेचे जा रहे हैं. इसकी कीमत 300 से 325 रुपए तक रखी गई है. लेकिन हालत यह है कि दिल्ली स्टेशन पर भी इस बेडरोल किट के खरीदार नहीं मिल रहे हैं. नई दिल्ली स्टेशन से रोजाना 50 से ज्यादा ट्रेनें रवाना होती हैं, जिनमें लगभग 50000 मुसाफिर सफर करते हैं, लेकिन बेडरोल किट के 50 खरीदार भी नहीं मिलते.

यूज एंड थ्रो बेडरोल किट में मुसाफिरों को ट्रेन में इस्तेमाल के लिए ब्लैंकेट, बेडशीट, एयर पिलो, टूथ पेस्ट, टूथ ब्रश, पेपर शोप, सैनेटाइजर पाउच, टिशू पेपर वगैरह दिए जा रहे हैं. हालांकि इनमें से कुछ चीज़ें तो मुसाफिर अपने साथ लेकर चलते हैं और साबुन या सैनेटाइजर जैसी चीजें ट्रेन में रहती हैं. यानी केवल यूज़ एंड थ्रो बेड शीट, टिशू पेपर और ब्लैंकेट के लिए 300 रुपए चुकाना मुसाफिरों को काफी महंगा सौदा दिख रहा है. इसलिए नई दिल्ली जैसे बड़े स्टेशनों पर भी इसकी मांग नहीं के बराबर है. नई दिल्ली से रवाना होने वाली 50 से ज्यादा ट्रेनों के यात्री स्टेशन पर मौजूद स्टॉल से ये किट नहीं खरीदते. दुकानदारों का भी कहना है कि बेडरोल किट की सेल नहीं है. कोई मांग नहीं है.

बता दें कि ज़्यादातर रेलवे स्टेशनों पर मल्टी पर्पस स्टॉल पर लिनेन पैकेट की बिक्री होती है. हालांकि कई बड़े रेलवे स्टेशनों पर इसके लिए खास स्टॉल भी हैं. रेलवे बेडरोल किट की बिक्री खुद नहीं कर रहा है, बल्कि इसके लिए उसने कॉन्ट्रैक्ट दे रखा है. लेकिन इतनी ऊंची कीमत की वजह से ऐसे काउंटर आम तौर पर खाली ही नजर आते हैं.

यहां ट्रेन में इस्तेमाल करने के लिए ब्लैंकेट की कीमत 150 रुपए है, जबकि यूज एंड थ्रो बेडशीट, एयर पिलो, सैनेटाइजर पाउच वगैरह के पैकेट के लिए अलग से 150 रुपए देना पड़ता है. साथ में एक सर्जिकल मास्क फ्री मिल रहा है. दुकानदारों का कहना है कि दिनभर में 6-7 ब्लैंकेट की सेल ही मुश्किल से हो पाती है. वहीं 30 आसपास लिनेन पैक की ही बिक्री होती है.
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