ट्रेनों में आगजनी की घटनाओं से निपटने काे तैयार किया फुल प्रूफ प्लान, हर चीज पर होगी पैनी नजर!

ज्वलनशील तथा विस्फोटक सामग्री की बुकिंग पर नियंत्रण के लिए पार्सल कार्यालयों/लीज होल्डरों के माध्यम से बुक पार्सलों की जांच की जायेगी. 
(File Photo)

ज्वलनशील तथा विस्फोटक सामग्री की बुकिंग पर नियंत्रण के लिए पार्सल कार्यालयों/लीज होल्डरों के माध्यम से बुक पार्सलों की जांच की जायेगी.  (File Photo)

Indian Railways: उत्तर रेलवे की ओर से अवैध ज्वलनशील सामग्री की ढुलाई के खिलाफ बडे पैमाने पर अभियान चलाया गया है. इस गहन जागरूकता अभियान में रेलवे के सभी हितधारकों अर्थात् स्टेशनों और रेलगाड़ियों में काम करने वाले रेलवे/गैर रेलवे कर्मचारी सभी शामिल हैं. खासकर पार्सल स्टाफ, लीज होल्डर और उनका स्टाफ, पार्सल पोर्टर, कैटरिंग कर्मचारी तथा आउटसोर्सिंग के कर्मचारियों को जागरूक करने का अभियान शुरू किया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 24, 2021, 6:43 PM IST
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नई दिल्ली. रेल मंत्रालय (Ministry of Railway) के आदेशों के बाद अब जोनल रेलवे स्तर पर ट्रेनों में आगजनी की घटनाओं को रोकने और जान व माल के संभावित खतरों से बचाने काे लेकर अभियान शुरू हो गया है. इस आदेश के बाद से जोनल रेलवे महाप्रबंधकों की ओर से मीटिंग्स का दौर भी शुरू हो गया है.

उत्तर रेलवे (Northern Railway) के महाप्रबंधक आशुतोष गंगल (GM Ashutosh Gangal) ने जोनल रेलवे (Zonal Railways) के अंतर्गत सभी डिवीजनों और स्टेशनों पर आगजनी की घटनाओं पर अंकुश लगाने और जान माल के खतरे से बचाने के उपाय को लेकर सख्त अभियान चलाने के आदेश दिए हैं. उत्तर रेलवे की ओर से सभी हित धारकों के साथ अब तक 262 संवाद बैठकों का भी आयोजन किया जा चुका है.

उत्तर रेलवे की ओर से अवैध ज्वलनशील सामग्री (Inflammable material) की ढुलाई के खिलाफ बडे पैमाने पर अभियान चलाया गया है. इस गहन जागरूकता अभियान में रेलवे के सभी हितधारकों अर्थात् स्टेशनों और रेलगाड़ियों में काम करने वाले रेलवे/गैर रेलवे कर्मचारी सभी शामिल हैं. खासकर पार्सल स्टाफ, लीज होल्डर और उनका स्टाफ, पार्सल पोर्टर, कैटरिंग कर्मचारी तथा आउटसोर्सिंग के कर्मचारियों को जागरूक करने का अभियान शुरू किया है.

प्रत्यक्ष संवाद, पर्चा वितरण, स्टीकर पेस्टिंग, नुक्‍कड़ नाटक, स्टेशनों पर सार्वजनिक घोषणा प्रणाली तथा सोशल मीडिया के माध्यम से धूम्रपान निषेध, रेल से ज्वलनशील सामग्री ले जाने पर प्रतिबंध, एसएलआर/वीपीयू/लीज पार्सल की जांच जैसे कदम उठाने के बारे में हितधारकों को जागरूक बनाया जा रहा है.
उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक आशुतोष गंगल ने बताया कि पार्सल पोर्टरों, लीज होल्डरों और उनके कर्मचारियों, पार्सल, पैंट्री, कैटरिंग, ओबीएस अन्य आउटसोर्सिंग वाले कर्मचारी, पोर्टरों और रेल उपयोगकर्ताओं को जागरूक करने के लिए कुल 262 जागरूकता बैठकें की गयीं.

नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ रेल अधिनियम अथवा तम्बाकू उत्पाद अधिनियम 2003 के प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई की जायेगी.

पैंट्री कारों सहित अन्य डिब्बों में ज्वलनशील एवं विस्फोटक सामग्री ले जाने के खिलाफ नियमित रूप से जांच की जायेगी और दोषियों को रेलवे अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की जायेगी.



आग लगने, खाना पकाने के लिए अंगीठी जलाने तथा ज्वलनशील मलबा संग्रह के मामलों को रोकने के लिए प्लेटफार्मों, यार्डों, वाशिंग/सिक लाइनों और कोच रखने के स्थानों पर जांच की जायेगी. इन जांचों के अतर्गत ईंधन प्वाइंट भी शामिल किए जायेंगे. दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जायेगी.

ज्वलनशील तथा विस्फोटक सामग्री की बुकिंग पर नियंत्रण के लिए पार्सल कार्यालयों/लीज होल्डरों के माध्यम से बुक किए गए पार्सलों की जांच की जायेगी. रेलगाड़ियों तथा प्लेटफार्मों पर अंगीठी या स्टोव का इस्तेमाल करने वाले अधिकृत/अनधिकृत वेंडरों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. संरक्षा को लेकर रेलवे द्वारा हरसंभव उपाय किये जाएंगे.
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