राजीव गांधी प्रस्ताव को लेकर AAP में मचे घमासान के बीच जानें किसने क्या कहा

(File photo)
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शीला दीक्षित ने कहा, 'बीजेपी का कहना है कि यह सब इसलिए रचा गया क्योंकि आम आदमी पार्टी कांग्रेस के साथ गठबंधन करना चाहती है लेकिन आम आदमी पार्टी अगर कांग्रेस के साथ गठबंधन करना चाहती तो इस तरीके की हरकत नहीं करती.'

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  • Last Updated: December 22, 2018, 8:43 PM IST
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दिल्ली विधानसभा में शुक्रवार को राजीव गांधी को दिए गए भारत रत्न वापस लेने से जुड़ा एक प्रस्ताव पारित हुआ था, इसके विरोध में अलका लांबा ने सदन से वॉक आउट कर दिया था. जिसके बाद आम आदमी पार्टी ने अलका लांबा से इस्‍तीफा ले लिया, हालांकि पार्टी ने इस बात से इनकार कर दिया है.

इन विवादों के बीच दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने News18 से खास बातचीत में कहा, 'भारत रत्न देना या वापस लेना किसी भी असेंबली के दायरे में नहीं आता. भारत के पूर्व स्वर्गीय प्रधानमंत्री राजीव गांधी को 20-25 साल पहले उनके अच्छे कामों के लिए भारत रत्न दिया गया था और यह केंद्र सरकार का फैसला था. दिल्ली सरकार अपने दायरे और कर्तव्य को नहीं समझती जो मन आता है वही करती है. दिल्ली सरकार में आपस में ही मतभेद है.'

शीला दीक्षित ने कहा, 'बीजेपी का कहना है कि यह सब इसलिए रचा गया क्योंकि आम आदमी पार्टी कांग्रेस के साथ गठबंधन करना चाहती है लेकिन आम आदमी पार्टी अगर कांग्रेस के साथ गठबंधन करना चाहती तो इस तरीके की हरकत नहीं करती.'



वहीं, दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने News18 से खास बातचीत में कहा, 'केजरीवाल पार्टी ही झूठ के आधार पर खड़ी है. अगर वे प्रस्ताव को झूठा कह रहे हैं तो इससे साफ है कि विधानसभा एक तरफ है और उनके ही विधायकों ने अरविंद केजरीवाल को मुख्यमंत्री मानने से इनकार कर दिया है. अरविंद केजरीवाल संविधान विरोधी हैं और इसकी धज्जियां उड़ा रहे हैं.
मनोज तिवारी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, 'लगता है हेराल्ड घोटाले का आधा पैसा राहुल गांधी ने अरविंद केजरीवाल को दे दिया है, जिसके चलते अरविंद केजरीवाल ने प्रस्ताव वापस लिया. सदन में पारित प्रस्ताव को झुठलाया नहीं जा सकता है. विधानसभा सदन संवैधानिक जगह है वहां अरविंद केजरीवाल की तानाशाही नहीं चलेगी. अलका लांबा का इस्तीफे से साफ पता चलता है कि पार्टी में आंतरिक कलह जोरों पर है.'

दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने कहा,' जरनैल सिंह ने जो कहा वह संशोधन का हिस्सा नहीं है, उसपर हमने कोई वोटिंग नहीं करवाई और न ही सदन का समर्थन लिया गया. सदन पटल पर मूल संकल्प रखा गया और वहीं पारित माना जाएगा, उसमें राजीव गांधी या भारत रत्न की कोई बात नहीं थी. अगर जरनैल यह बोलते हैं कि मेरे प्रस्ताव में यह चीज और जोड़ दी जाए, फिर मैं मजबूर होता उस पर वोटिंग करवाने के लिए. अलका लांबा के वॉकआउट का प्रश्न मेरे सामने नहीं आया.'
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