नए ट्रेन कोच में मिलेगी हर बर्थ पर रीडिंग लाइट, मोबाइल चार्जिंग की सुविधा, सीटिंग में बड़ा बदलाव! जानिए क्या हैं इसकी खासियत?

अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस पहले लिंके हॉफमैन बुश एसी थ्री टियर इकॉनमी क्लास कोच की शुरुआत की गई है. (File Photo)

अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस पहले लिंके हॉफमैन बुश एसी थ्री टियर इकॉनमी क्लास कोच की शुरुआत की गई है. (File Photo)

Indian Railways News: भारतीय रेल का अपने आप में तमाम विशेषताओं से लैस यह पहला एलएचबी (LHB) एसी थ्री टियर इकॉनमी क्लास कोच है. रेलवे की ओर से इसका सफल ट्रायल-परिचालन कर लिया गया है. आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद आने वाले समय में यह कोच सभी मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों में जोडे़ जाएंगे. लेकिन यह कोच राजधानी, शताब्दी और दूरंतो और जन शताब्दी आदि विशेष ट्रेनों में नहीं जोडे़ जाएंगे.

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  • Last Updated: March 21, 2021, 4:23 PM IST
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नई दिल्ली. भारतीय रेल (Indian Railways) की रेलवे कोच फैक्ट्री, कपूरथला (Rail Coach Factory, Kapurthala) की ओर से ‍अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस पहले लिंके हॉफमैन बुश (Linke Hofmann Busch) एसी थ्री टियर इकॉनमी क्लास कोच की शुरुआत की गई है.

भारतीय रेल का अपने आप में तमाम विशेषताओं से लैस यह पहला एलएचबी (LHB) एसी थ्री टियर इकॉनमी क्लास कोच है. रेलवे की ओर से इसका सफल ट्रायल-परिचालन कर लिया गया है. आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद आने वाले समय में यह कोच सभी मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों में जोडे़ जाएंगे. लेकिन यह कोच राजधानी, शताब्दी और दूरंतो और जन शताब्दी आदि विशेष ट्रेनों में नहीं जोडे़ जाएंगे.

रेल मंत्रालय (Rail Ministry) का कहना है कि यह एलएचबी एसी थ्री-टियर कोच का एक नया संस्करण है. इसको तमाम विशेषताएं को ध्यान में रखकर तैयार ‍किया गया है. इसमें यात्री क्षमता ‍को बढ़ाकर ‍बर्थ को 83 किया गया है.

यात्री डेक पर विद्युत पैनल के लिए कम जगह का इस्तेमाल करते हुये यात्रियों को अतिरिक्त जगह मिलेगी. इसमें दिव्यांगजनों का भी विशेष ख्याल रखा गया है. दिव्यांगजनों के लिए व्हीलचेयर के उपयोग के साथ-साथ एक सक्षम एंट्री गेट व कोच और  व्हीलचेयर पहुंच के साथ दिव्यांगजन अनुकूल शौचालयों का प्रावधान भी किया गया है. वहीं, सुगम्य भारत अभियान मानदंडों का भी इसमें अनुपालन किया गया है.
इसके अलावा सभी बर्थ के लिए एसी डक्टिंग में अलग-अलग जालीदार द्वार (वेंट) की सुविधा भी दी गई है. वहीं, आरामदायक, कम वजन और बेहतर रखरखाव के लिए सीट और बर्थ के माड्यूलर डिजाइन किए गए हैं.

रेलवे की ओर से तैयार किए गए नए कोच में हर बर्थ के लिए अलग-अलग रीडिंग लाइट और मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट की व्यवस्था भी की गई है. इतना ही नहीं, मध्य और ऊपरी बर्थ तक पहुंचने के लिए सीढ़ी का सुविधाजनक और बेहतर डिजाइन भी इन नए कोच में किया गया है. वहीं, मध्य और ऊपरी बर्थ की ऊंचाई में वृद्धि से अतिरिक्त जगह कोच में बनाई गई है.

यात्रियों के लिए ट्रेन में खाने पीने के दौरान स्नेक टेबल की जरूरतों का भी विशेष ध्यान रखा गया है. नए कोच में लंबवत और अनुप्रस्थ दिशा में मुड़ने वाली स्नेक टेबलों से यात्री सुविधा में वृद्धि की गई है. चोट लगने की संभावना इससे कम होगी. वहीं, पानी की बोतल, मोबाइल फोन और पत्रिका आदि रखने के लिए होल्डर की व्यवस्था भी की है.



नये एलएचबी कोच (LHB Coaches) की यह भी खासियत है कि इसमें भारतीय और पश्चिमी शैली के टॉयलेट्स की बेहतर डिजाइनिंग की गई है. वहीं, ट्रेन में आरामदायक और शानदार एंट्री गेट भी तैयार किए गए हैं. ट्रेन के गलियारे में लाइट मार्कर भी लगाए गए हैं.

एक अच्छी विशेषता के तौर पर यह भी है कि बर्थ का संकेत देने के लिए लाइट जिसे नाइट लाइट से जोड़ा गया है तथा रोशनी युक्त बर्थ संख्या संकेतक की व्यवस्था भी कोच में की गई है. वहीं, नए कोचों में अग्नि सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा गया है.

इसमें विश्व बेंच मार्क का अनुपालन सुनिश्चित किया गया है. इसका अनुपालन करते हुए 4554-5 दो एचएल 3 सामग्री का उपयोग किया गया है. इससे आगजनी जैसी घटनाओं से भी निपटने में बड़ी मदद मिल सकेगी.
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