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दिहाड़ी मजदूरों के लिए फरिश्ता बनकर उभरे एनजीओ और धार्मिक संगठन
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News18Hindi
Updated: April 7, 2020, 8:54 PM IST
दिहाड़ी मजदूरों के लिए फरिश्ता बनकर उभरे एनजीओ और धार्मिक संगठन
फरीदाबाद के साईंधाम मंदिर में गरीबों के लिए बन रहा खाना

हरियाणा में सरकार नहीं, एनजीओ और धामिर्क संस्थाएं दिहाड़ी मजदूरों को खाना खिला रही हैं. इन संस्थाओं द्वारा बनाए गए फूड पैकेट को सिर्फ बंटवाने का काम कर रहा है सरकारी तंत्र

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नई दिल्ली. यकीन मानिए लॉकडाउन (coronavirus lockdown) के दौरान तमाम शहरों में रहने वाले दिहाड़ी मजदूरों (daily wage labour) के लिए सरकार से बड़े फरिश्ता बनकर एनजीओ और धार्मिक संगठन उभरे हैं. उसमें भी गुरुद्वारों की भूमिका सबसे अहम है. सरकार घोषणाएं कर रही है. वो गरीबों के अकाउंट में पैसे भेज रही है लेकिन खाना खिलाने का काम तो समाजसेवी संगठन ही कर रहे हैं. तमाम जरूरतमंद ऐसे हैं जिनका न राशन कार्ड है और न तो गरीबों के लिए किसी योजना में रजिस्ट्रेशन. दिल्ली में कई जगहों पर धार्मिक संस्थान मजदूरों को खाना खिला रहे हैं.  उधर, सोशल मीडिया पर चल रहे 'साड़ी चैलेंज' की जगह गरीबों और जरूरतमंदों को खाना खिलाने और राशन देने का चैलेंज किया गया है. जिसे कई लोगों ने स्वीकार कर लिया है और हजारों लोगों को इस मुहिम के जरिए खाना और राशन मिलना शुरू हो गया है.

गरीबों की मदद के लिए है ये अनोखा चैलेंज

सोशल एक्टिविस्ट योगिता भयाना लगातार न सिर्फ खाने का पैकेट और राशन किट बांट रही हैं बल्कि उन्होंने अपने जानने वालों को शेयर योर फूड (#ShareYourFood) और #FeedHumanity Challenge दिया है. यह चैलेंज  Twitter और Facebook पर दिया गया है. इसे स्वीकार करते हुए करीब 50 लोगों की ऐसी टीम बन चुकी है जो रोजाना जरूरतमंदों तक खाना और राशन पहुंचा रही है. इन लोगों ने अपने घर के गेट पर लिखवाया है कि 'जरूरतमंदों के लिए चाय और भोजन की व्यवस्था है.'



इससे जुड़ी टीम जो किट वितरित कर रही है उसमें में राशन के अलावा सैनेटाइजर और मास्क भी है. किट खासतौर पर उन्हें दी जा रही है जिनके पास राशन कार्ड नहीं है. योगिता का कहना है कि फेसबुक पर बहुत हुआ साड़ी चैलेंज. अब जरूरत बिना मेकअप फोटो चैलेंज का है. जिसमें हमें असली योद्धा बनकर यह दिखाना है कि कौन कितने भूखे लोगों को खाना खिला रहा है.



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सोशल एक्टिविस्ट योगिता भयाना ने जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध करवाने के लिए दिया शेयर योर फूड चैलेंज


काम एनजीओ, धार्मिक संस्थानों का, आंकड़ा सरकार का

हरियाणा में एनजीओ (NGO), धार्मिक संस्थाओं द्वारा भेजे गए फूड पैकेट को सरकारी तंत्र सिर्फ बंटवाने का काम कर रहा है. सरकार की ओर से कहीं भी खुद खाना नहीं बनवाया जा रहा. सरकार इन लोगों के काम पर सिर्फ आंकड़े गिनवा रही है. औद्योगिक शहर फरीदाबाद के सेक्टर-15 गुरुद्वारा में रोजाना 25 हजार से अधिक लोगों का खाना बन रहा है. बाकायदा फूड टेस्टिंग के बाद उसे शहर के 35 वार्डों के पार्षदों को दिया जाता है. पार्षद उसे अपने क्षेत्र में दिहाड़ी मजदूरी करने वालों को बांट देते हैं.

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मेवात में आरटीआई मंच की ओर से जरूरतमंदों के लिए खाना बनाने की तैयारी


यहां के साईंधाम मंदिर से तीन हजार लोगों का खाना जा रहा है. जिसे वार्ड नंबर-10, 25, 26, 28, 23 में भेजा जा रहा है. वहां के पार्षद उसे जरूरतमंदों तक बंटवा रहे हैं. हर दो दिन पर मेन्यू बदला जा रहा है. खाने में दाल, चावल, सब्जी, रोटी सब दिया जा रहा है.

गुरुग्राम में इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एसोसिएशन रोजाना 2 हजार से अधिक लोगों को खाना खिला रही है. यहां पर डीएलएफ, बीजी फाउंडेशन, ग्लोबल सिग्नेचर, निस्वार्थ कदम सहित कई संगठन प्रशासन की टीम को खाने का पैकेट से लेकर राशन तक उपलब्ध करवा रहे हैं. जिसके प्रशासन अलग-अलग जगहों और राहत केंद्रों में भिजवा रहा है.

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यूपी के महराजगंज में जरूरतमंदों के लिए बन रहा भोजन


उधर, मेवात आरटीआई मंच की ओर से सोशल एक्टिविस्ट राजुद्दीन और उनकी टीम बेघरों के लिए खाना बनवा रही है. यह टीम रोजाना डेढ़ सौ मजदूरों, गरीबों और अस्पताल में भर्ती मरीजों को खाना खिला रही है.

बिहार से सटे महराजगंज जिले के सिसवा कस्बे के लोगों के सहयोग से प्रेम चित्र मंदिर रोड पर युवाओं की एक टीम लगातार दसवें दिन गरीबों, दिहाड़ी मजदूरों व कोरोना फाइटर्स के लिए खाने का इंतजाम कर रहे हैं.

क्यों आत्महत्या कर रहे दिहाड़ी मजदूर? 

एनसीआरबी (NCRB- National Crime Records Bureau) के मुताबिक 2014 में 15734, 2015 में 23799 और 2016 में 25,164 दिहाड़ी मजदूरों ने आत्महत्या कर ली. हालांकि ऐसा क्यों हो रहा है इसकी जानकारी एनसीआरबी के पास नहीं है. हालांकि, केंद्र सरकार ने दिहाड़ी श्रमिकों के कल्याण के लिए पीएम श्रमयोगी मानधन के जरिए 60 साल की उम्र पूरी होने पर उन्हें 3000 रुपये पेंशन देने की योजना बनाई है.

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First published: April 7, 2020, 5:18 PM IST
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