Corona का दिल्ली में कहर, अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए 24 घंटे में 357 मौत

कोरोना के मरीज अब दिल्ली में ऑक्सीजन की समस्या से गंभीर रूप से जूझ रहे हैं . (प्रतीकात्मक तस्वीर)

कोरोना के मरीज अब दिल्ली में ऑक्सीजन की समस्या से गंभीर रूप से जूझ रहे हैं . (प्रतीकात्मक तस्वीर)

दिल्ली (Delhi) में संक्रमित मरीजों की संख्या पिछले एक दिन में 24103 की रही, पॉजिटिविटी रेट 32.27% दर्ज की गई.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 25, 2021, 3:10 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोना (Corona) का संक्रमण अब दिल्ली में बेतहाशा बढ़ गया है और नियंत्रण के बाहर दिख रहा है. लगातार बढ़ रहे संक्रमण के चलते पिछले 25 घंटों में ही कोरोना से 357 लोगों की मौत हो गई है. वहीं 24103 नए कोरोना संक्रमित मामले सामने आए हैं. पॉजिटिविटी रेट की बात की जाए तो वो अभी फिलहाल 32.27% पर बनी हुई है. पिछले आंकड़ाें को मिलाते हुए अब तक एक्टिव मामलों की संख्या 93080 पर पहुंच गई है और तेजी से बढ़ती जा रही है.

वहीं शुक्रवार की बात की जाए 348 लोगों की मौत हो गई थी. वहीं 24331 नए कोरोना संक्रमित मामले सामने आए थे. दिल्ली में बृहस्पतिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 26,169 नए मामले सामने आए थे. इसके अलावा 306 संक्रमित मरीजों की मौत भी हो गई थी. संक्रमण की दर 36.24 फीसदी रही थी, जो पिछले साल महामारी की शुरुआत के बाद से सर्वाधिक बताई जा रही है. दिल्ली में पिछले 10 दिनों में इस घातक कोरोना वायरस के चलते 1,750 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. शहर में बुधवार को 24,638, मंगलवार को 28,395 जबकि सोमवार को 23,686 नए मामले सामने आए थे.

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इधर, कोरोना के बढ़ते संक्रमण आ असर ये है कि सर गंगाराम अस्‍पताल भी सिस्‍टम की बदहाली के चलते असहाय हो गया है. शुक्रवार को ही ऑक्सीजन की कमी के चलते हुई 25 गंभीर कोविड मरीजों की मौत से टूट चुके अस्‍पताल प्रमुख ने केंद्र और राज्‍य सरकारों से गुहार लगाई है. अस्‍पताल के प्रमुख डॉ डी एस राणा ने कोविड मरीजों की संख्‍या घटाने की मांग की है.
सर गंगाराम अस्पताल की ओर से शनिवार को सरकार से अनुरोध किया गया कि दिल्ली में गहराते ऑक्सीजन संकट के बीच वे अस्पताल में भर्ती किए जाने वाले मरीजों की संख्या को घटाने पर विचार करें. अस्‍पताल प्रमुख राणा की ने कहा, ‘मैं केंद्र और राज्य सरकार दोनों से मदद की अपील करता हूं. एक ओर तो उन्होंने कोविड बेड की संख्या बढ़ा दी है और दूसरी ओर वे पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं कर पा रहे. ऐसे में हम कैसे काम करेंगे?’
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