Ghaziabad News: गाज़ियाबाद में आज से खुले रजिस्‍ट्री ऑफिस, फिर भी प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त में अड़चन

कोरोना की वजह से वकीलों और स्‍टांप विक्रेताओं ने काम करने से मना किया. सांकेतिक फोटो

कोरोना की वजह से वकीलों और स्‍टांप विक्रेताओं ने काम करने से मना किया. सांकेतिक फोटो

गाजियाबाद में दो सप्‍ताह से अधिक समय से बंद रजिस्‍ट्री कार्यालय सोमवार को खोल दिए गए हैं. अब प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्‍त का काम हो सकेगा, लेकिन इसमें कुछ दिक्‍कतें हैं.

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गाजियाबाद. जिले में रजिस्‍ट्री ऑफिस (Registry offices) 17 मई सोमवार से खोल दिए गए हैं. कोरोना (Corona) संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए 30 अप्रैल से रजिस्‍ट्री ऑफिस बंद करने के निर्देश दिए गए थे, जिसके बाद से प्रॉपर्टी (Property) की खरीद-फरोख्‍त बंद चल रही थी. गाजियाबाद जिले की तीनों तहसील के रजिस्‍ट्री कार्यालय सोमवार से खोल दिए गए हैं. वहीं, दूसरी ओर वकील और स्‍टांप विक्रेताओं ने काम बंद कर रखा है. उनका कहना है कि अभी कोरोना का कहर कम नहीं हुआ है, इसलिए फिलहाल काम नहीं नहीं करेंगे.

उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से लॉकडाउन में धीरे-धीरे ढील दी जा रही है, जिसके चलते पहले प्रदेश में शराब की दुकानों को खोला गया. अब जिले की तीनों तहसीलों को खोल दिया गया है. गाजियाबाद की सदर, मोदीनगर और लोनी तहसीलों को खोल दिया गया है. यहां पर कोरोना के लिए जारी गाइडलाइन के तहत कामकाज कराया जाएगा. सहायक महानिरीक्षक (निबंधन) कृष्ण कुमार मिश्र ने सभी तहसीलों को पूर्व में ही निर्देश जारी कर दिए थे. उन्‍होंने कहा कि कोरोना गाइडलाइन को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी. अगर कोई गाइडलाइन का पालन नहीं करता है तो उस पर कोरोना महामारी के तहत आवश्‍यक कार्रवाई की जाएगी.

दूसरी ओर अधिवक्‍ता और स्‍टांप विक्रेताओं ने फिलहाल काम करने से इनकार कर दिया है. सदर तहसील संघ के पूर्व उपाध्‍यक्ष रामानंद गोयल ने बताया कि अब तक तहसील में करीब 12 लोग कोरोना की चपेट में आकर जान गवां चुके हैं. इसलिए संघ ने 30 मई तक काम न करने का फैसला लिया गया है. अगर इस दौरान कोरोना का प्रभाव कम होता है और हालात में सुधार होता है, तो काम दोबारा से शुरू करने का फैसला लिया जा सकता है. कोई सीधे जाकर रजिस्‍ट्री कराना चाहता है तो वो रजिस्‍ट्रार कार्यालय में जाकर रजिस्‍ट्री करा सकता है.

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