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टिकरी बॉर्डर खाली होने पर आवागमन के लिए खुला रोहतक हाईवे, जानें दूसरे आंदोलन स्थलों का हाल

टिकरी बॉर्डर खाली होने पर आवागमन के लिए खुला रोहतक हाईवे, जानें दूसरे आंदोलन स्थलों का हाल

टिकरी बॉर्डर खाली होने के साथ ही रोहतक हाइवे पर आवागमन शुरू हो गया है.

टिकरी बॉर्डर खाली होने के साथ ही रोहतक हाइवे पर आवागमन शुरू हो गया है.

Farmers Return Home: मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसान, 3 केंद्रीय कृषि कानूनों के विरोध में और इन कानूनों को वापस लिये जाने की मांग को लेकर पिछले साल 26 नवंबर को बड़ी संख्या में दिल्ली की सीमाओं पर एकत्र हुए थे. संसद में गत 29 नवंबर को इन कानूनों को निरस्त करने तथा बाद में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कानूनी गारंटी के लिए एक पैनल गठित करने सहित विभिन्न मांगों के सरकार द्वारा मान लिये जाने के बाद संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की थी. किसान नेताओं के अनुसार, सिंघू सीमा स्थल को 95 प्रतिशत से अधिक खाली कर दिया गया है.

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    नयी दिल्ली. दिल्ली की सीमाओं पर साल भर के आंदोलन के बाद किसानों (Kisan Andolan) के घर लौटने के एक दिन बाद रोहतक हाइवे के टिकरी बॉर्डर (Tikri Border) मार्ग को रविवार को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया, जबकि राष्ट्रीय राजधानी के गाजीपुर और सिंघु सीमाओं पर आंदोलन स्थलों को खाली करने का काम चल रहा है. पुलिस के अनुसार, रोहतक हाइवे पर एक तरफ लगाए गए बैरिकेड को अक्टूबर में यातायात की आवाजाही के लिए हटा दिया गया था. उन्होंने कहा कि इसके दूसरी तरफ, जहां किसान आंदोलन कर रहे थे, रविवार को दिल्ली पुलिस ने पूरी तरह से बैरिकेड हटा दिये.

    एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि किसानों के जाने के बाद रोहतक रोड पर सुरक्षा के लिए लगाई गई कई लेयर में लगे बैरिकेड्स को पूरी तरह से हटा दिया गया है. उन्होंने कहा, ‘‘रास्ते में कोई रुकावट नहीं है. सड़क के दोनों किनारे वाहनों की आवाजाही के लिए पूरी तरह से खुले हैं.’’

    एक साल से ज्यादा समय तक चला किसान आंदोलन
    मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसान, 3 केंद्रीय कृषि कानूनों के विरोध में और इन कानूनों को वापस लिये जाने की मांग को लेकर पिछले साल 26 नवंबर को बड़ी संख्या में दिल्ली की सीमाओं पर एकत्र हुए थे. संसद में गत 29 नवम्बर को इन कानूनों को निरस्त करने तथा बाद में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कानूनी गारंटी के लिए एक पैनल गठित करने सहित विभिन्न मांगों के सरकार द्वारा मान लिये जाने के बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की थी. किसान नेताओं के अनुसार, सिंघू सीमा स्थल को 95 प्रतिशत से अधिक खाली कर दिया गया है. रविवार को किसान समूहों और गैर-सरकारी संगठनों (NGO) द्वारा सफाई अभियान शुरू किया गया है.

    सिंघु बॉर्डर पर लगाई JCB और 100 अधिक स्वयंसेवी
    संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के एक प्रतिनिधि ने कहा, ‘‘सिंघु बॉर्डर पर सफाई का काम चल रहा है। बीस से अधिक JCD और 100 से अधिक स्वयंसेवी यहां अथक प्रयास कर रहे हैं ताकि इस स्थल को जल्द से जल्द खाली किया जा सके.’’ उन्होंने कहा कि सीमा से बैरिकेड, बोल्डर और कंटीले तारों की परतें हटाई जा रही हैं. एक अन्य किसान नेता और आंदोलन की अगुवाई कर रहे SKM के सदस्य अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि सिंघु सीमा आंदोलन स्थल को 95 प्रतिशत से अधिक खाली कर दिया गया है.

    एक-दो तंबू को छोड़कर सिंघु बॉर्डर लभगभ खाली हो गया
    कोहाड़ ने कहा, ‘‘कई संगठन वहां सफाई की कवायद में लगे हुए हैं. कुछ लंगर और एक-दो तंबू को छोड़कर, सिंघु बॉर्डर पर अधिकांश आंदोलन स्थल को खाली कर दिया गया है. लंगर सफाई के काम में लगे स्वयंसेवियों के लिए हैं. आज रात तक इस मार्ग के पूरी तरह से खाली हो जाने की संभावना है.’’ टिकरी बॉर्डर पर आंदोलन स्थल पर सभी तंबू और अवरोधक हटा लिये गये हैं. टीकरी बॉर्डर के एक किसान नेता ने कहा, ‘‘बैरिकेड और अन्य अवरोधकों को हटा दिया गया है. रोहतक रोड उपयोग के लिए तैयार है.’’ गाजीपुर सीमा पर आधे से ज्यादा किसान आंदोलन स्थल खाली कर अपने मूल स्थानों की ओर रवाना हो गए हैं. शेष तंबू को हटाने की प्रक्रिया चल रही है.

    15 दिसंबर तक सिंघु बॉर्डर खाली कर देंगे किसान
    भारतीय किसान यूनियन (BKU) के सदस्य और किसान अतुल त्रिपाठी ने कहा, ‘‘आंदोलन के दौरान कब्जे वाली सड़कों में से एक पर एक मंच को हटा दिया गया है. सड़क के शेष हिस्से को भी यातायात की आवाजाही के लिए खाली कर दिया जाएगा. ज्यादातर किसान पहले ही जा चुके हैं, जबकि बीकेयू से जुड़े लोग अभी भी यहां हैं और वे 15 दिसंबर तक चले जायेंगे.’’ पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सिंघु बॉर्डर पर सड़कों को खाली करने का काम चल रहा है. उन्होंने बताया कि सोमवार शाम तक सड़कें वाहनों के आवागमन के लिए खोल दी जाएंगी. अधिकारी ने कहा कि गाजीपुर बॉर्डर पर सभी किसानों के जाने के बाद ही सड़कें पूरी तरह से खाली होंगी. जानकारी के अनुसार 15 दिसंबर तक सीमा स्थल को पूरी तरह खाली कर दिया जाएगा.

    Tags: Agricultural law canceled, Delhi news, Delhi Singhu Border, Delhi UP Ghazipur Border, Farmers movement, Farmers Protest, Kisan Andolan, Rakesh Tikait

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