RRTS Corridor: आनंद विहार में सुरंग बनाने के लिए 10 मंजिला इमारत के बराबर जमीन में उतारी डी-वॉल

आनंद विहार में टनलिंग या सुरंग बनाने का कार्य करने के लिए लॉन्चिंग शाफ्ट का निर्माण कार्य शुरू किया गया है.

आनंद विहार में टनलिंग या सुरंग बनाने का कार्य करने के लिए लॉन्चिंग शाफ्ट का निर्माण कार्य शुरू किया गया है. इसके लिए लगभग 20 मीटर गहरे (10 मंजिला इमारत की ऊंचाई के बराबर) और 5 मीटर चौड़े आकार के पहले डायफ्राम वॉल (डी-वॉल) पैनल रीन्फ़ोरसमेन्ट केज को भूमिगत उतार कर कंक्रीट द्वारा फिक्स कर लिया गया.

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    नई दिल्ली. दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ को रैपिड रेल सिस्टम (Rapid Rail System) से जोड़ने के लिए निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. कोरोना संक्रमण (Coronavirus) की वजह से धीमी हुई गति को अब और तेज करने की कार्रवाई शुरू की जा रही है. आरआरटीएस (Regional Rapid Transit System) प्रोजेक्ट को गति प्रदान करते हुए अब आनंद विहार (Anand Vihar) में टनलिंग या सुरंग बनाने का कार्य करने के लिए लॉन्चिंग शाफ्ट का निर्माण कार्य शुरू किया गया है.

    आरआरटीएस प्रोजेक्ट के प्रवक्ता राजीव चौधरी के मुताबिक इसके लिए लगभग 20 मीटर गहरे (10 मंजिला इमारत की ऊंचाई के बराबर) और 5 मीटर चौड़े आकार के पहले डायफ्राम वॉल (डी-वॉल) पैनल रीन्फ़ोरसमेन्ट केज को भूमिगत उतार कर कंक्रीट द्वारा फिक्स कर लिया गया. इसके साथ ही आरआरटीएस (RRTS) के लिए भूमिगत खंड का निर्माण अगले चरण में प्रवेश कर गया है.

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    आनंद विहार में टनलिंग या सुरंग बनाने का कार्य करने के लिए लॉन्चिंग शाफ्ट का निर्माण कार्य शुरू किया गया है.


    डी-वॉल भूमिगत हिस्से में मिट्टी की खुदाई करते समय ढाल या फ्रेम के रूप में कार्य करता है, जिससे मिट्टी के गिरने की संभावना कम हो जाती है. साथ ही यह पानी के रिसाव को भी रोकता है.

    यह लॉन्चिंग शाफ्ट 20 मीटर लंबा और 16 मीटर चौड़ा है, जो आनंद विहार भूमिगत आरआरटीएस स्टेशन के दक्षिण दिशा की ओर स्थित है. आनंद विहार से सराय काले खां की ओर आरआरटीएस के जुड़वां सुरंगों की खुदाई करने के लिए इस शाफ्ट में दो टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) को उतारा जाएगा.

    इन दोनों टीबीएम मशीनों द्वारा लगभग 3 किलोमीटर की सुरंग बनाई जाएगी. यह देश में उपलब्ध मेट्रो प्रणालियों में से किन्हीं दो स्टेशनों के बीच सबसे लंबा सुरंग का खंड होगा. किसी भी आपात स्थिति के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरंगों के दोनों किनारों को जोड़ने वाले इस बड़े खंड के बीच एक वायु संचार या एयर वेंटिलेशन शाफ्ट का निर्माण किया जाएगा. सुरंगों से यात्रियों के सुरक्षित निकास की सुविधा के लिए आपातकालीन निकासी सुविधा का निर्माण भी किया जा रहा है जो किसी दुर्लभ स्थिति में यात्रियों की निकासी के लिए आवश्यक होता है.

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    आनंद विहार में टनलिंग या सुरंग बनाने का कार्य करने के लिए लॉन्चिंग शाफ्ट का निर्माण कार्य शुरू किया गया है.


    इसके साथ ही, आनंद विहार से मेरठ (Meerut) की ओर 2 किलोमीटर से अधिक लंबाई की जुड़वां सुरंगों के निर्माण कार्य के लिए आनंद विहार स्टेशन (Anand Vihar Station) के उत्तरी दिशा में सुरंग लॉन्चिंग शाफ्ट का निर्माण जल्द ही शुरू हो जाएगा.

    ये सुरंगें आरआरटीएस (Regional Rapid Transit System) के बड़े आकार के रोलिंग स्टॉक और 180 किमी प्रति घंटे की उच्च डिजाइन गति के कारण देश में अन्य मेट्रो सिस्टम (Metro System) की तुलना में अधिक बड़ी (ज्यादा व्यास की) होंगी. इन ट्रेनों की गति अधिक होने के कारण सुरंगों में शॉक वेव्स उत्पन्न होने से यात्रियों पर हवा के दबाव और असुविधा को कम करने के लिए इन सुरंगों का आंतरिक व्यास 6.5 मीटर है.

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