हाथरस मामले में सफदरजंग अस्पताल की इस रिपोर्ट ने पीड़ित परिवार के आरोपों पर लगाई मुहर

पूनम ढांडा, मीडिया स्पोक्सपर्सन, सफदरजंग अस्पताल ने यह बयान जारी किया है.
पूनम ढांडा, मीडिया स्पोक्सपर्सन, सफदरजंग अस्पताल ने यह बयान जारी किया है.

28 सितम्बर की शाम को उसे अलीगढ़ (Aligarh) से दिल्ली ले जाकर भर्ती कराया गया था. उसे न्यूरो सर्जरी के लिए लाया गया था. लेकिन अगले दिन ही सुबह उसकी मौत हो गई. यह कहना है पूनम ढांडा, मीडिया (Media) स्पोक्सपर्सन, सफदरजंग अस्पताल का.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 30, 2020, 4:48 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल (Safdarjung Hospital) में दम तोड़ने वाली हाथरस (Hathras) की पीड़िता की मौत गर्दन और रीढ़ की हड्डी में चोट (Spine injury) के कारण हुई है. साथ ही उसके शरीर में संक्रमण भी फैल चुका था. उसके चारों हाथ-पैर काम नहीं कर रहे थे. 28 सितम्बर की शाम को उसे अलीगढ़ (Aligarh) से दिल्ली ले जाकर भर्ती कराया गया था.

उसे न्यूरो सर्जरी के लिए लाया गया था. लेकिन अगले दिन ही सुबह उसकी मौत हो गई. यह कहना है पूनम ढांडा, मीडिया (Media) स्पोक्सपर्सन, सफदरजंग अस्पताल का. गौरतलब रहे कि पीड़िता का भाई और उसके पिता लगातार ठीक से इलाज न होने का आरोप लगा रहे हैं. वहीं जानकार डॉक्टरों (Doctors) का कहना है कि शरीर में फैलने वाला संक्रमण (Infaction) बताता है कि इलाज पर पूरा ध्यान नहीं दिया गया.

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पीड़िता के भाई ने न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में लगाए यह आरोप
29 सितम्बर को पीड़िता के भाई ने एक न्यूज चैनल को इंटरव्यू देते हुए कहा कि पुलिस ने पूरे मामले में घोर लापरवाही दिखाई. वारदात के बाद मेरी बहन बेहोश और खून से लथपथ जमीन पर पड़ी हुई थी. पुलिसवालों ने एंबुलेंस नहीं मंगाई. पुलिसवालों ने कह दिया था कि इन्हें यहां से ले जाओ. ये बहाने बनाकर लेटी हुई है.

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10 से 15 दिन तक तो दीदी की ब्लीडिंग रुकी तक नहीं थी. 22 सितंबर के बाद उन्हें अच्छा इलाज मिलना शुरू हुआ. उनके साथ लापरवाही बरती गई. उन्हें ठीक से इलाज नहीं दिया गया. हाथरस की 'निर्भया' के भाई ने ये भी कहा कि पुलिस ने एफआईआर लिखने में ही 8-10 का समय ले लिया. दबाव के बाद जब पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की, तो एक आरोपी को पकड़ती थी और दूसरे को छोड़ देती थी. धरना-प्रदर्शन के बाद आगे की कार्रवाई में तेजी आई. सभी आरोपियों को घटना के 10-12 दिन बाद पकड़ा गया.
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