सैनिटाइजेशन स्प्रे ऐसे बना गाजियाबाद में कोरोना से सुरक्षा का कवच

दारुल उलूम देवबंद ने पलटा बरेलवी उलेमा का फतवा (सांकेतिक तस्वीर)
दारुल उलूम देवबंद ने पलटा बरेलवी उलेमा का फतवा (सांकेतिक तस्वीर)

गाजियाबाद (Ghaziabad) यूपी के उन चुनिंदा शहरों में से एक है, जहां सबसे ज्यादा मात्रा में सैनिटाइजेशन स्प्रे (Sanitization Spray) किया जा रहा है और इसके सकारात्मक नतीजे भी देखने को मिल रहे हैं क्योंकि हॉट स्पॉट की संख्या घटी है.

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गाजियाबाद. देश का कोना-कोना कोरोनावायरस के खतरे का मुकाबला कर रहा है. इसी कड़ी में दिल्ली से सटे गाजियाबाद में कोरोना का मुकाबला करने के लिए प्रशासन ने सैनिटाइजेशन यानी केमिकल युक्त पानी के स्प्रे को अपना कवच बनाया है. गाजियाबाद यूपी के उन चुनिंदा शहरों में से एक है, जहां सबसे ज्यादा मात्रा में सैनिटाइजेशन स्प्रे का काम चल रहा है और इसके सकारात्मक नतीजे भी देखने को मिल रहे हैं क्योंकि हॉट स्पॉट की संख्या घटी है.

सुबह होते ही गाजियाबाद में उत्तर प्रदेश फायर सर्विस और गाजियाबाद नगर निगम की गाड़ियां सड़कों पर केमिकल युक्त पानी का छिड़काव करने निकल पड़ती है. सबसे पहले ये हॉटस्पॉट इलाकों में जाते हैं और केमिकल युक्त पानी से उस जगह पर छिड़काव करते हैं. इन हॉटस्पॉट में स्कूल-कॉलेज, रिहायशी इलाके, अस्पताल, बैंक, सब्जी मंडी और सार्वजनिक मैदान शामिल हैं. उसके बाद ये अन्य इलाकों में भी जाते हैं. पिछले हफ्ते गाजियाबाद में हॉटस्पॉट की तादाद 24 पहुंच गई थी, जो अब घटकर 18 हो गई है. प्रशासन इसके पीछे शहर में लगातार हो रहे सैनिटाइजेशन स्प्रे की बड़ी भूमिका मान रहा है.

ग्रीन जोन बनाने में बड़ी भूमिका निभाएगा सैनिटाइजेशन स्प्रे
दरअसल गाजियाबाद मेरठ. दिल्ली और नोएडा जैसे रेड जोन से घिरा हुआ है और कुछ दिनों पहले तक यह ऑरेंज जोन था लेकिन कोरोना के बढ़ते मामले के मद्देनजर यूपी सरकार ने अब इसे भी रेड जोन घोषित कर दिया है. यहां कोरोना मरीजों का आंकड़ा 200 पार कर गया है. ऐसे में प्रशासन को उम्मीद है कि सैनिटाइजेशन स्प्रे इस खतरे के लिए भी एक मजबूत सुरक्षा कवच साबित होगा और शहर को ग्रीन जोन बनाने में यह बड़ी भूमिका निभाएगा.
डीएम ने बनाया यह प्लान


गाजियाबाद के डीएम अजय शंकर पांडेय ने इस प्लान को तैयार करने में बड़ी भूमिका निभाई है. उनका कहना है कि पहले आम शहरों की तरह यहां भी सैनिटाइजेशन का काम होता था, लेकिन जब इसके अच्छे परिणाम दिखने लगे, तो हमने एक पूरा खाका तैयार किया कि किस तरीके से कोरोना वायरस खतरे के इस दौर में संवेदनशील जगहों को बार-बार सैनिटाइज किया जाए.

तैयार की है पूरी सैनिटाइजेशन यूनिट
गाजियाबाद प्रशासन ने पूरी सैनिटाइजेशन यूनिट तैयार की है, जिसमें गाजियाबाद नगर निगम और यूपी फायर सर्विस के नुमाइंदे शामिल हैं. एक दिन पहले शाम को बकायदा प्लान तैयार कर लिया जाता है कि किस जगह कौन सा विभाग कितना स्प्रे करेगा. यानी कुछ जगहों पर गाजियाबाद नगर निगम स्प्रे करता है और कुछ जगहों पर उत्तर प्रदेश फायर सर्विस. यह भी तय कर लिया जाता है कि दोबारा टाइम टेबल के मुताबिक उसी जगह पर कब सैनिटाइजेशन स्प्रे होगा.

गाजियाबाद नगर निगम की करीब 15 गाड़ियां 45 हजार लीटर और यूपी फायर सर्विस की 6 गाड़ियां 20 हजार लीटर केमिकलयुक्त पानी रोजाना स्प्रे कर रही हैं. सैनिटाइजर स्प्रे लिक्विड में जगह और खतरे के हिसाब से एक से 10 फीसदी सोडियम हाइपोक्लोराइट केमिकल मिलाया जाता है, जो कीटाणुओं का खात्मा करता है. कुछ अति संवेदनशील जगहों पर ब्लीचिंग पाउडर का भी इस्तेमाल किया जाता है..

अपने आपको तैयार किया है: चीफ फायर ऑफिसर
गाजियाबाद के चीफ फायर ऑफिसर सुनील कुमार सिंह का कहना है कि, ‘सेनिटाइजेशन स्प्रे की प्रक्रिया हमारे लिए नई थी, लेकिन हमने बदली हुई परिस्थितियों के हिसाब से अपने आपको तैयार किया है. अब यह हमारे लिए एक मिशन बन गया है. एक ओर तो हम आग का मुकाबला करते हैं उसको बुझाते है तो दूसरी ओर सैनिटाइजेशन स्प्रे का काम करते हैं. बेशक काम बड़ा है, लेकिन उस तरीके से हमने अपने आपको भी बदला है.’

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