SDMC Compost Plant: 10 माह में लगाया 5 लाख किलो कूड़े को ठिकाने, तैयार की 27.50 लाख की जैविक खाद

एसडीएमसी ने 10 माह के भीतर 5,10,000 किलो गीले कूड़े का सफल निष्पादन कर 1,10 ,000 किलो जैविक खाद बनाई है.

SDMC Compost Plant: एसडीएमसी 10 माह के भीतर न केवल 5,10,000 किलो गीले कूड़े का सफल निष्पादन कर पाई है, बल्कि कूड़े से काला सोना पैदा करने यानी 1,10 ,000 किलो जैविक खाद बनाने में भी सफल हुई है. जैविक खाद की कीमत 25 रुपये प्रति किलो लगाई जाए तो 1,10,000 किलो की लागत करीब 27.50 लाख बनती है.

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    नई दिल्ली. दिल्ली में हर निकलने वाले कचरे की मात्रा को कम कराने और उसका क्षेत्र में ही निष्पादित करने के लिए दिल्ली नगर निगम की ओर से कवायद की जा रही है. साउथ दिल्ली नगर निगम (South MCD) की ओर से 10 माह पहले शुरू किए गए कम लागत वाले कंपोस्ट प्लांट (Compost Plant) से ना केवल घरों से निकलने वाले कचरे को निष्पादित किया जा रहा है बल्कि उससे बड़ी मात्रा में जैविक खाद तैयार की जा रही है.

    इस खाद को एसडीएमसी अपने पार्कों के अलावा क्षेत्र की आरडब्ल्यूएज और धार्मिक संस्थाओं को भी प्रदान कर रही है. 10 माह के दौरान में कंपोस्ट प्लांट में करीब 5,10,000 किलो गीले कूड़े का निष्पादन किया जा चुका है जिससे करीब 1,10,000 किलो जैविक खाद को तैयार किया जा चुका है जिसकी अनुमानित लागत 27.50 लाख आंकी गई है.

    कुछ इस तरह से हुई कंपोस्ट प्लांट तैयार करने की योजना 
    साउथ दिल्ली नगर निगम की ओर से सबसे कम लागत में तैयार किए गए इस कंपोस्ट प्लांट को डिजाइन करने का काम स्वच्छ भारत मिशन के नोडल ऑफिसर और एसडीएमसी के अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार जैन में किया है. इस प्लांट को सितंबर, 2020 में डिजाइन किया गया था. अधिकारी के इस विजन के जरिए एसडीएमसी 10 माह के भीतर न केवल 5,10,000 किलो गीले कूड़े का सफल निष्पादन कर पाई है, बल्कि कूड़े से काला सोना पैदा करने यानी 1,10 ,000 किलो जैविक खाद बनाने में भी सफल हुई है.

    SDMC स्टैंडिंग कमिटी चेयरमैन में उद्यान विभाग को सौंपी 15,000kg जैविक खाद
    साउथ दिल्ली नगर निगम (SDMC) की स्टैंडिंग कमेटी की नवनिर्वाचित चेयरमैन अध्यक्ष कर्नल बी. के ओबरॉय ने दक्षिणी निगम के नजफगढ़ रोड पर मेट्रो पिलर नं. 452 के सामने स्थित टैगोर गार्डन कंपोस्ट प्लांट में बनी 15,000 किलो जैविक खाद उद्यान विभाग को सौंपी गई. वहीं, 1,000 किलो जैविक खाद भी सरदार हरमनजीत सिंह प्रधान गुरुसिंह सभा, राजौरी गार्डन दिल्ली को सरदार हरजीत सिंह बख्शी एवं एसडीएमसी के स्टॉफ  को उपस्थिति में सौंपी गई.

    हर रोज 5 टन गीले कूड़े का निष्पादन करने की क्षमता
    इस अवसर पर उन्होंने बताया कि यह जैविक खाद टैगोर गार्डन के 5 टी.डी.पी. एरोबिक प्लांट द्वारा बनाई गई है. इस प्लांट की क्षमता प्रतिदिन 5 टन गीले कूड़े का निष्पादन करने की है जो वार्ड नं 5 के राजौरी गार्डन एवं टैगोर गार्डन क्षेत्र से एकत्रित किया जाता  है.

    मात्र 50 हजार की लागत से तैयार किया था कंपोस्ट प्लांट
    स्वच्छ भारत अभियान के नोडल अधिकारी एवं अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार जैन ने बताया कि  टैगोर गार्डन का प्लांट दिल्ली का सब से कम लागत वाला कंपोस्ट प्लांट है. इस प्लांट की कुल लागत सिर्फ 50,000 रुपये हैं. इस प्लांट का उद्घाटन दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के आयुक्त ज्ञानेश भारती ने 5 सितंबर, 2020 को किया था.

    लैंडफिल साइट पर कूड़ा ले जाने पर आने वाले 4.50 लाख खर्च होने से बचाए
    जैन ने बताया कि अभी तक इस प्लांट में 5,10,000 किलो गीले कूड़े का निष्पादन किया जा चुका है. करीब 1,10,000 किलो जैविक खाद उद्यान विभाग, आरडब्ल्यूए, सरकारी स्कूलों, धार्मिक स्थलों, शैक्षिक संस्थानों आदि को वितरित की जा चुकी है. इस कूड़े को लैंडफिल तक ले जाने के खर्च में 4.50 लाख की बचत हो गई है.

    अधीक्षण अभियंता का कहना है कि यदि जैविक खाद की कीमत 25 रुपये प्रति किलो लगाई जाए तो 1,10,000 किलो की लागत करीब 27.50 लाख बनती है.

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