मच्छर पाए जाने का SDMC ने इन सरकारी अस्पतालों को भेजा कानूनी नोटिस, 2,580 को नोटिस, 625 का हुआ चालान

जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए दिल्ली की सिविक एजेंसी भी पुरजोर कोशिश में जुटी हुई है.

साउथ निगम ने इस सप्ताह कुछ प्रमुख संस्थान जैसे गुरुनानक पब्लिक स्कूल पंजाबी बाग, माता चानन देवी अस्पताल जनकपुरी, बीएसईएस दफ्तर जनकपुरी, जनकपुरी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, टाटा पावर मायापुरी जैसे 20 संस्थानों के परिसर में मच्छरों का प्रजनन पाए जाने पर नोटिस जारी किए हैं. अब तक 2,580 स्थलों को कानूनी नोटिस जारी किया जा चुका है और 625 के चालान किए जा चुके हैं.

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    नई दिल्ली. दिल्ली में 25 जून तक मानसून (Monsoon) के आने की संभावना है. ऐसे में जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए दिल्ली (Delhi) की सिविक एजेंसी भी पुरजोर कोशिश में जुटी हुई है. खासकर डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए साउथ दिल्ली नगर निगम  ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है.

    एसडीएमसी (SDMC) ने अपनी कार्रवाई के दौरान 20 ऐसे सरकारी संस्थानों के परिसरों में मच्छरों का प्रजनन पाए जाने पर कानूनी नोटिस जारी किए हैं. अब तक एसडीएमसी ने मच्छर प्रजनन पाए जाने पर 625 चालान किए हैं. वहीं, 2,580 जगह पर अब तक कानूनी नोटिस जारी किए जा चुके हैं.

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    साउथ एमसीडी के कमिश्नर ज्ञानेश भारती ने कहा कि वर्षा ऋतु के आने से पहले ही मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं उन्होंने कहा कि बारिश का मौसम मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल होता है. अनुकूल परिस्थितियों के कारण डेंगू, चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के कारक एडीज मच्छर के प्रजनन में तेजी एवं बढ़ोतरी हो जाती है.

    ऐसे मच्छरों का प्रजनन डेजर्ट कूलर, बिना ढके पानी के भंडार और बर्तनों तथा पुराने टायरों में पानी जमा होने के कारण होता है. वर्षा के मौसम में इस प्रकार के जलभराव की संभावना बढ़ जाती है. उन्होंने कहा कि मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए प्रजनन में कमी लाना ही कारगर कदम है.

    साउथ निगम के अधिकार क्षेत्र में आने वाली सभी नालियों से गाद निकालने का कार्य किया जा रहा है ताकि मलेरिया विभाग उनमें लार्वा रोधी दवा का छिड़काव कर सके. दक्षिणी निगम के अधिकार क्षेत्र में सभी गढ्ढों को भरा जाएगा ताकि उनमें जलजमाव न हो सके.

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    इन जगहों पर मच्छर प्रजनन की गहन जांच होगी 
    साउथ निगम के पार्कों से ठोस कचरे को नियमित रूप से उठाया जाएगा तथा पार्कों में स्थित झरनों एवं फव्वारों को बंद रखा जायेगा एवं निर्माण स्थलों , सरकारी दफ्तरों, अस्पतालों, पुलिस थानों, डी टी सी डिपो, अग्निशमन केंद्रों, बाजारों, शिक्षण संस्थानों में मच्छरों के प्रजनन जांच पर विशेष बल दिया जाएगा.

    5 लाख लोगों को भेजा जा चुका है मोबाइल पर मैसेज
    साउथ निगम का जनस्वास्थ्य विभाग मच्छरों के प्रजनन की रोकथाम के लिए अब तक 1,157 आर डब्ल्यू ए के साथ संपर्क कर चुका है. जन स्वास्थ्य विभाग साउथ निगम के 5,00,000 नागरिकों के मोबाइल पर जागरूकता संदेश प्रेषित कर चुका है. डीबीसी कर्मचारी अब तक 18,69,259 घरों में जांच कर चुके हैं.

    अब तक 10,286 कॉलोनियों में मुनादी के जरिए फैलाया जागरूकता संदेश 
    जनस्वास्थ्य विभाग अब तक 10,286 कॉलोनियों में मुनादी के द्वारा जागरूकता संदेश प्रेषित कर चुका है. साउथ निगम का जन स्वास्थ्य विभाग अब तक मच्छरों का प्रजनन पाए जाने वाले 2,580 स्थलों को कानूनी नोटिस जारी कर चुका है तथा 625 चालान किए गए हैं. किसी परिसर में बार-बार मच्छरों का प्रजनन पाए जाने पर आईपीसी की धारा 269 के अंतर्गत कानूनी कार्यवाही भी की जा सकती है.

    इस सप्ताह इन प्रमुख संस्थानों के खिलाफ हुई कार्रवाई
    साउथ निगम ने इस सप्ताह कुछ प्रमुख संस्थान जैसे गुरुनानक पब्लिक स्कूल पंजाबी बाग, माता चानन देवी अस्पताल जनकपुरी, बीएसईएस दफ्तर जनकपुरी, जनकपुरी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, टाटा पावर मायापुरी जैसे 20 संस्थानों के परिसर में मच्छरों का प्रजनन पाए जाने पर नोटिस भी जारी किए.

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