पर्यावरण संरक्षण की दिशा में SDMC ने‌ उठाया बड़ा कदम, वेस्ट जोन में बनाया CNG शवदाह गृह

लकड़ियों से अंतिम संस्कार करने में 3 से 4 घंटे का समय लग जाता है और प्रदूषण भी फैलता है.

लकड़ियों से अंतिम संस्कार करने में 3 से 4 घंटे का समय लग जाता है और प्रदूषण भी फैलता है.

SDMC ने साउथ जोन के बाद अब वेस्ट जोन में एक सीएनजी शवदाह गृह का निर्माण किया है. इसको पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एसडीएमसी की ओर से उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है. जल्द ही नजफगढ़ जोन के सेक्टर- 24 में भी एक सीएनजी श्मशान घाट का निर्माण किया जा रहा है. इसके निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यहां पर भी दाह संस्कार सीएनजी के जरिए हो सकेंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 28, 2021, 11:46 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. उत्तरी दिल्ली नगर निगम (North MCD) के निगम बोध घाट बाद अब साउथ दिल्ली नगर निगम (South MCD) भी सीएनजी श्मशान घाटों (CNG Crematorium) के निर्माण करने में जोर-शोर से जुटी हुई है. साउथ जोन के बाद अब एसडीएमसी ने वेस्ट जोन में एक सीएनजी शवदाह गृह का निर्माण किया है. अब यहां पर सीएनजी के जरिए दाह संस्कार हो सकेंगे.




इसको पर्यावरण संरक्षण (Environmental Protection) की दिशा में एसडीएमसी की ओर से उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है. साथ ही एसडीएमसी जल्द ही नजफगढ़ जोन के सेक्टर- 24 में भी एक सीएनजी श्मशान घाट का निर्माण कर रही है. इसके निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यहां पर भी दाह संस्कार सीएनजी के जरिए हो सकेंगे. दो करोड़ की ‌लागत से सुभाष नगर में बनाये‌ गये इस सीएनजी श्मशान घाट का उद्घाटन सांसद प्रवेश साहिब सिंह वर्मा (Pravesh Sahib Singh Verma) और नेता सदन नरेंद्र चावला ने संयुक्त रूप से किया.



इस अवसर पर पश्चिमी जोन के अध्यक्ष कर्नल बी.के. ऑबराॅय, अतिरिक्त आयुक्त रमेश वर्मा, उपायुक्त पश्चिमी जोन राहुल सिंह, स्थानीय पार्षद सुरेेंद्र सेतिया, पार्षद अमरजीत सिंह, पार्षद किरण चोपड़ा और निगम के अन्य उच्चाधिकारी भी उपस्थित रहे.




इस अवसर पर नेता सदन नरेंद्र चावला ने बताया कि इस श्मशान घाट के निर्माण में लगभग 2 करोड़ रु की लागत आई और इसे 6 महीने के अवधि में पूरा कर लिया गया. इस श्मशान घाट में एक बड़ा हाॅल बनाया गया है, जिसमें अंतिम संस्कार के लिए 2 सी.एन.जी. भट्टियां लगाई गई है. इन सीएनजी भट्टियों के साथ अलग से 30 मीटर ऊंचाई वाली चिमनियां भी लगाई गई है.






उन्होंनें बताया कि सी.एन.जी. भट्टियों द्वारा अंतिम संस्कार करने में सिर्फ 80 मिनट का समय लगेगा जबकि लकड़ियों से अंतिम संस्कार करने में 3 से 4 घंटे का समय लग जाता है और लकड़ियों के उपयोग से प्रदूषण भी फैलता है.




उन्होंने कहा कि इस श्मशान घाट के निर्माण से पश्चिमी दिल्ली के नागरिकों को बहुत सुविधा मिलेगी. इस पहल से दक्षिणी निगम पर्यावरण संरक्षण की ओर आगे बढ़ रहा है. दक्षिणी जोन में भी ग्रीन पार्क स्थित सीएनजी श्मशान घाट जनता को समर्पित कर दिया गया है. वहीं, नजफगढ़ जोन के सैक्टर-24 में सीएनजी श्मशान घाट का निर्माण किया जा रहा है.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज