दिल्ली-NCR की आबो-हवा हुई जहरीली, आम से लेकर खास लोग बचने का ऐसे निकाल रहे हैं तरीका
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दिल्ली-NCR की आबो-हवा हुई जहरीली, आम से लेकर खास लोग बचने का ऐसे निकाल रहे हैं तरीका
दिल्ली से कई वरिष्ठ अधिकारियों का परिवार पलायन करने लगा है. (file photo)

दिल्ली (Delhi) के पंडारा रोड (Pandara Road) पर केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी (Senior Officer) का परिवार (family) पिछले तीन सालों से रहा रहा है. पिछले तीन सालों की तरह इस साल भी वह अधिकारी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के स्तर से परेशान है.

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  • Last Updated: October 23, 2019, 6:42 PM IST
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दिल्ली. दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) के लोगों को पिछले कई वर्षों से डेंगू-मलेरिया और चिकनगुनिया (Dengue, Malaria and Chikungunya) रुलाता आया है. डेंगू और चिकनगुनिया के बाद अब बढ़ते वायु प्रदूषण (Air Pollution) से भी यहां रहने वाले लोग परेशान हैं. राजधानी दिल्ली में रहने वाले आम आदमी को छोड़ दीजिए, लुटियंस जोन (Lutyen's Delhi) में रहने वाले सरकारी अधिकारियों के परिवारवालों (Officers Family) ने भी इस वजह से दिल्ली से दूर कुछ दिनों के लिए किसी हिल स्टेशन पर जाना शुरू कर दिया है. पिछले कुछ वर्षों के दौरान इस मौसम में आम लोग भी कुछ दिनों के लिए दिल्ली छोड़कर जाने लगते हैं.

प्रदूषण को लेकर होने लगा है पलायन!

दिल्ली के पंडारा रोड पर केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी का परिवार पिछले तीन वर्षों से रह रहा है.  पिछले तीन साल की तरह इस बार भी वो राजधानी में बढ़ते प्रदूषण के स्तर से परेशान हैं. बीते दो वर्षों से यह अधिकारी इस मौसम में अपने परिवार को बाहर भेज देते हैं. परिवार के कुछ सदस्यों को सांस संबंधी बीमारी है, जिस वजह से इस मौसम में फैमिली के कुछ मेंबर परेशान रहते हैं.



न्यूज़ 18 हिंदी के साथ बातचीत में ये अधिकारी कहते हैं, 'पिछले एक सप्ताह से प्रदूषण जिस तरह से बढ़ रहा है उससे वो चिंतित हैं. कुछ दिनों से इस पर नजर रख रहे थे, लेकिन जब प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है तो डॉक्टरों ने उन्हें सलाह दी है कि आप अपने पैरेंट्स को कुछ दिनों के लिए बाहर भेज दीजिए. आखिरकार हमने मंगलवार शाम को अपने मां-बाप को अपनी पुश्तैनी पंजाब के अमृतसर भेज दिया.



Delhi AQI
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली के कई लोग इस मौसम कुछ दिनों के लिए शहर से बाहर चले जाते हैं


भारत सरकार के एडिशनल सेक्रेटरी पद पर काबिज इस अधिकारी के मुताबिक, 'पिछले साल भी हमने अपने माता-पिता के साथ अपनी छोटी बेटी को प्रदूषण की वजह से बाहर भेजा था. न्यूज़ 18 हिंदी ने जब पूछा कि इस शहर में इतने लोग रह रहे हैं, उनको भी तो सांस की बीमारी है? इस पर उन्होंने कहा, 'बेशक दूसरे लोगों की तुलना में हमको कुछ बेहतर सुविधा मिल रही है. पर, मेरे माता-पिता की उम्र 70 वर्ष के पार है. पिता की उम्र 74 साल की है और मां लगभग 72 वर्ष की होने वाली हैं. पिछले साल ही पिता का कैंसर की सर्जरी करवाया है. मां पहले से ही बीमार रहती हैं. मेरी नौ साल की बेटी को अस्थमेटिक की समस्या है. इस कारण हमने इन्हें कुछ दिन के लिए बाहर भेजना बेहतर समझा.'

बता दें कि दिल्ली के आनंद विहार, पंजाबी बाग, आरके पुरम और पूर्वी दिल्ली के इलाकों में रहने वाले लोगों का और भी बुरा हाल है. बीते साल भी प्रदूषण को लेकर दिल्लीवासी काफी परेशान थे. कुछ लोग तो महीने भर के लिए दिल्ली छोड़कर बाहर चले गए थे.

उत्तर भारत में पर्यावरण प्रदूषण की हालत खतरनाक स्तर पर
उत्तर भारत के कई शहरों में पर्यावरण में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है


बीते कुछ दिनों से एनसीआर के शहरों- गाजियाबाद, नोएडा, और गुरुग्राम (गुड़गांव) में भी प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और अब तो कोर्ट की तमाम कोशिशों के बावजूद भी प्रदूषण के स्तर में कोई कमी नहीं आ रही है. ऐसे में जानकारों का मानना है कि अगर यही हाल अगले कुछ वर्षों तक जारी रहा तो सरकार पोल्यूशन वेकेशन शुरू कर सकती है.

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