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शाहीन बाग वाली ओखला सीट पर AAP को मिली चुनाव की सबसे बड़ी जीत
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Updated: February 12, 2020, 9:26 AM IST
शाहीन बाग वाली ओखला सीट पर AAP को मिली चुनाव की सबसे बड़ी जीत
खान ने बीजेपी उम्मीदवार ब्रह्म सिंह को 85 हजार से भी ज्यादा वोटों के अंतर से हराया है.

एक लाख से अधिक वोट पाकर आप (AAP) उम्मीदवार अमानतुल्लाह खान (Amanatullah khan) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार को करारी शिकस्त दी है.

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  • Last Updated: February 12, 2020, 9:26 AM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली विधानसभा (Delhi assembly election) चुनावों का मुद्दा बने शाहीन बाग (Shaheen bagh) वाली ओखला विधानसभा (Okhla assembly) ने इस बार एक बड़ा रिकॉर्ड कायम किया है. आम आदमी पार्टी (AAP) के चर्चित उम्मीदवार अमानतुल्लाह खान (Amanatullah khan) ने 77 हजार से अधिक वोटों से जीत हासिल की है.

एक लाख से अधिक वोट पाकर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार को करारी शिकस्त दी है. दिल्ली के विधानसभा चुनाव 2020 के लिए बुराड़ी के बाद ये दूसरी सबसे बड़े अंतर वाली जीत है. गौरतलब है कि शाहीन बाग ही वो जगह है जहां बीते 55 दिन से महिलाएं नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन (NRC) के खिलाफ प्रदर्शन कर रही हैं.

बीजेपी उम्मीदवार को मिले सिर्फ 14543 वोट
ओखला विधानसभा सीट पर 8 फरवरी को कुल 58.84 फीसद वोटिंग हुई थी. लेकिन 11 फरवरी को जब वोटों की गिनती शुरु हुई तो वोटों का पिटारा आप के अमानतुल्लाह के खाते में गया. वोटों की गिनती शुरु होने से शायद दो या तीन मौके ही ऐसे आए होंगे जब आप उम्मीदवार पिछड़े हों. लेकिन दोपहर बाद जब अमानतुल्लाह जीत की गाड़ी में सवार हुए तो फिर मंजिल पर पहुंचकर ही दम लिया. लेकिन जीत भी कोई ऐसी-वैसी नहीं मिली, दिल्ली चुनावों में रिकॉर्ड कायम करते हुए 77080 वोटों से बीजेपी के उम्मीदवार ब्रहम सिंह को शिकस्त दी.

शाहीन बाग के चलते ओखला पर लगी हैं निगाहें

ओखला विधानसभा की बात करें तो यहां कुल आबादी की 43 फीसदी आबादी मुस्लिमों की बताई जाती है. हालांकि 1977 में पहली जीत जनता पार्टी के उम्मीदवार को मिली थी. लेकिन उसके बाद से यह सीट कांग्रेस के खाते में जाती रही है. 2015 में आप ने यह सीट कांग्रेस से छीन ली थी. हालांकि जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी भी ओखला में ही आती है. लेकिन आज ओखला जामिया से ज्यादा शाहीन बाग के नाम से जाना जा रहा है. 55 दिन बीत जाने के बाद भी शाहीन बाग में धरना चल रहा है. गौरतलब है कि इसी शाहीन बाग को बीजेपी ने चुनावी मुद्दा बनाया था. इसी के चलते दिल्ली चुनावों में भी शाहीन बाग सुर्खियों में आ गया था.

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First published: February 11, 2020, 5:47 PM IST
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