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शाहीन बाग: सरकार ने लोकसभा में दिया नुकसान की भरपाई और कार्रवाई से जुड़ा यह जवाब

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Updated: February 12, 2020, 9:53 AM IST
शाहीन बाग: सरकार ने लोकसभा में दिया नुकसान की भरपाई और कार्रवाई से जुड़ा यह जवाब
CAA के खिलाफ शाहीन बाग में तकरीबन दो महीने से महिलाएं और युवा प्रदर्शन कर रहे हैं (फाइल फोटो)

मंगलवार को लोकसभा (Lok sabha) में शाहीन बाग में सड़क बंद होने का यह मामला उठा. सड़क बंद करने वालों पर कार्रवाई, प्रदर्शन के चलते होने वाले नुकसान की भरपाई और भविष्य में कोई इस तरह का प्रदर्शन न करे, इसके लिए कानून बनाने से जुड़े कई सवाल पूछे गए. जिनका जवाब सदन में गृह राज्यमंत्री श्रीजय किशन रेड्डी ने दिया

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  • Last Updated: February 12, 2020, 9:53 AM IST
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नई दिल्ली. नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन (NRC) के विरोध में दिल्ली के शाहीन बाग (Shaheen Bagh) में बीते 58 दिन से धरना और प्रदर्शन जारी है. तकरीबन दो महीने होने को आए और दिल्ली (Delhi) की एक मुख्य सड़क अभी भी बंद है. मंगलवार 11 फरवरी को लोकसभा (Lok sabha) में शाहीन बाग में सड़क बंद होने का यह मामला उठा. सड़क बंद करने वालों पर कार्रवाई, प्रदर्शन के चलते होने वाले नुकसान की भरपाई और भविष्य में कोई इस तरह का प्रदर्शन न करे, इसके लिए कानून बनाने से जुड़े कई सवाल पूछे गए. बीजेपी की सांसद केशरी देवी पटेल के पूछे सवालों के जवाब सदन में गृह राज्यमंत्री श्रीजय किशन रेड्डी ने दिए.

लोकसभा में शाहीन बाग के मुद्दे पर हुए सवाल-जवाब  

1- विरोध-प्रदर्शन के कारण क्या दिल्ली के पांच रास्ते बंद हैं?

प्रदर्शनकारियों ने 15 दिसंबर, 2019 से शाहीन बाग सड़क और 18 जनवरी, 2020 से भजनपुरा के चांदबाग इलाके में सर्विस रोड को बंद कर रखा है.

2- सड़क पर प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए सरकार क्या कर रही है?

दिल्ली पुलिस द्वारा लोक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए उचित कदम उठाए जाते हैं.

3- सरकार ने सड़कों को बंद किए जाने के कारण होने वाले नुकसान का आकलन किया है?सड़क को बंद किए जाने के कारण होने वाले नुकसान का सरकार ने कोई आकलन नहीं किया है.

4- क्या सरकार प्रदर्शनकारियों से आम जनता को होने वाले नुकसान से उबारने के लिए कोई कार्रवाई करने का विचार है. अगर हां, तो कब तक?

इस सवाल का कोई जवाब नहीं दिया गया.

5- क्या सरकार भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के कोई कानून पारित करेगी. अगर हां, तो कब तक?

इस सवाल का भी कोई जवाब नहीं दिया गया.

शाहीन बाग में CAA-NRC के खिलाफ बीते तकरीबन दो महीने से विरोध और प्रदर्शन जारी है (फाइल फोटो)


दिल्ली चुनाव का भी मुद्दा बन चुका है शाहीन बाग

जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी भी ओखला इलाके में आती है. लेकिन आज ओखला जामिया से ज्यादा शाहीन बाग के नाम से जाना जा रहा है. बता दें कि इसी शाहीन बाग को बीजेपी ने चुनावी मुद्दा बनाया था. बीजेपी के कई दिग्गज नेताओं ने शाहीन बाग को लेकर अलग-अलग बयान दिए थे. इसके चलते दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी शाहीन बाग सुर्खियों में रहा था. ओखला विधानसभा की बात करें तो यहां कुल वोटरों में से 43 फीसदी मुस्लिम मतदाता हैं. हालांकि वर्ष 1977 में यहां पहली जीत जनता पार्टी के उम्मीदवार को मिली थी. लेकिन उसके बाद से यह सीट कांग्रेस के खाते में जाती रही है. वर्ष 2015 में आप ने कांग्रेस से यह सीट छीन ली थी.

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शाहीन बाग वाली ओखला सीट पर AAP को मिली चुनाव की सबसे बड़ी जीत

 

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First published: February 12, 2020, 9:33 AM IST
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