अपने गांवों का यह नाम बताने में आती है शर्म, गृह मंत्रालय से बदलने की लगाई गुहार

विदेशी नागरिकों की वीजा अवधि को बढ़ाया गया.

विदेशी नागरिकों की वीजा अवधि को बढ़ाया गया.

करीब 67 अर्जियां होम मिनिस्ट्री ( Home Ministry) को भेजी गईं थी, जिसमे से 52 को गांव (Village) नाम बदलने की एनओसी (NOC) जारी कर दी गई है.

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नई दिल्ली. बेशक कभी किसी वजह या पहचान के चलते गांव-कस्बों के यह नाम रखे गए होंगे. लेकिन आज की युवा पीढ़ी गांव के यह नाम बताने में शर्म महसूस करती है. उसे यह नाम किसी भी कीमत पर पसंद नहीं है. होम मिनिस्ट्री की एक रिपोर्ट से इसका खुलासा हुआ है. शायद आप भी जब यह नाम पढ़ेंगे तो आपको भी ठीक न लगे. लेकिन इन्हें बदलवाने के लिए मिनिस्ट्री में अर्जी लगाई गई हैं. करीब 67 अर्जियां मिनिस्ट्री को भेजी गईं थी, जिसमे से 52 को नाम बदलने की एनओसी जारी कर दी गई है. इस सब के बीच हाल ही में छत्तीसगढ़ का राफेल गांव भी खासा चर्चाओं में रहा था.

चोर बावड़ी, किन्नर और नचनियां जैसे नाम से छुटकारा चाहते हैं गांव वाले

राजस्थान का चोर बावड़ी, हरियाणा का किन्नर, लूला अहीर, बिहार का नचनियां, यह वो गांव और कस्बे हैं अब जिनका नाम बताने में यहां रहने वालों को शर्म आती है. इसीलिए यह इस नाम को बदलवाना चाहते हैं. इसके लिए गांव वालों ने तहसील और ज़िले की मदद से गृह मंत्रालय से गुहार लगाई है. बकायदा मंत्रालय को इस बारे में अर्जी भेजी गई है. अगर हाल ही में होम मिनिस्ट्री की जारी हुई एक रिपोर्ट पर गौर करें तो 2017 से 2019 तक मिनिस्ट्री को 67 अर्जियां नाम बदलने के लिए मिली हैं. इसमे से 52 को नाम बदलने की अनुमति देते हुए एनओसी जारी भी कर दी गई है. बाकी पर अभी मंत्रालय विचार कर रहा है.

गांव वालों को इस नाम पर भी है ऐतराज़
चमर खेड़ा, जलालउद्दीन माजरा, इस्लाम नगर, मियों का बाड़ा जैसे नाम को लेकर भी वहां रहने वालों को ऐतराज़ है. वो यह नाम बदलवाना चाहते हैं. इसकी जगह पर केशव नगर, सुंदर नगर, महेश नगर, छूछकवास आदि नाम रखना चाहते हैं. इसके लिए भी गृह मंत्रालय में अर्जी दाखिल की गई है. इस तरह के नाम बदलवाने की बहुत सारी अर्जियों पर विचार हो चुका है. संबंधित गांव वालों को नाम बदलने की अनुमति देते हुए एनओसी भी जारी कर दी गई है. यह गांव हरियाणा, राजस्थान के हैं.

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