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श्मशान घाट हादसा: कोई भी नहीं था उस छत के नीचे, बारिश से बचने के लिए आई यह आवाज, फिर...

मुरादनगर में श्मशान घाट हादसे में 25 लोगों की मौत हो गई.
मुरादनगर में श्मशान घाट हादसे में 25 लोगों की मौत हो गई.

श्मशान घाट हादसा: मुरादनगर (Muradnagar) थाना क्षेत्र के ही डिफेंस कॉलोनी में रहने वाले एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत (Death) हो गई थी. जिसके बाद अंतिम संस्कार में कई लोग पहुंचे थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 4, 2021, 8:58 AM IST
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नई दिल्ली. कड़ाके की सर्दी (Winter) के बाद भी डिफेंस कॉलोनी से आई इस शव यात्रा में खासी भीड़ थी. शव यात्रा के श्मशान घाट (Graveyard case) पहुंचने पर सब इधर-उधर खड़े थे. अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रहीं थी. श्मशान घाट का सेवक अपना काम कर रहा था. मौसम भी खराब था. तभी आसमान में ज़ोरदार बिजली कड़की और लगा कि तेज बारिश (Rain) होने लगेगी. शव यात्रा में आए लोग भीग जाएंगे. इसी दौरान उस छत के नीचे खड़े एक शख्स ने जोरदार आवाज़ लगाई “अरे यहां आ जाइए सब लोग मौसम बहुत खराब है.” और इस आवाज़ के साथ ही ज़्यादातर लोग उस छत (Roof) के नीचे जाकर खड़े हो गए.

एक घायल श्याम के पैर और पीठ के हिस्से में गंभीर चोट आई हैं. श्याम भी इस शव यात्रा में शामिल था. यह श्याम के एक दूर के रिश्ते में लगने वाले बुजुर्ग की शव यात्रा थी, इसीलिए कड़ाके की सर्दी और दूर होने के बाद भी श्याम आया था. घर-परिवार के लोगों से बात करने पर श्याम ने बताया सभी लोग अलग-अलग खड़े थे. कुछ लोग शव यात्रा के साथ-साथ आए थे तो कुछ लोग अपने वाहनों से पहले ही शमशान घाट पहुंच गए थे. मौसम भी बहुत खराब था.

इसी दौरान बिजली कड़कने लगी. तेज बारिश में लोग भीग न जाएं, यह देखते हुए किसी ने उस छत के नीचे से वहां आने के लिए आवाज़ लगा थी. उस आवाज़ के बाद ही ज़्यादातर लोग एक साथ उस छत के नीचे जाकर खड़े हो गए थे.



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अब तक मलबे से निकाले गए 43 लोग, 25 की मौत
इस घटना को लेकर अनीता सी मेश्राम (डिविजनल कमिश्नर, मेरठ) ने कहा कि मुरादनगर में शेड गिरने से इसमें फंसे 43 लोगों को निकाला गया है. अब तक 25 लोगों की मौत को चुकी है और बाकी लोगों का इलाज़ अस्पताल में चल रहा है. कमिश्नर ने कहा कि दोषियों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी.

गाजियाबाद (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक इराज राजा ने कहा कि इस घटना के कई घंटे बाद भी और लोगों की तलाश में बचावकर्मी मलबा छान रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, श्‍मशान घाट की छत करीब चार महीने पहले बनी थी. यही नहीं, लोगों का आरोप है कि गैलरी बनाने में घटिया मटेरियल का इस्तेमाल हुआ था.
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