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केंद्रीय मंत्री बोले- शरजील इमाम का व्यवहार देशद्रोही जैसा, शिक्षा से गुंडागर्दी का केंद्र बना JNU
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Updated: January 27, 2020, 10:49 AM IST
केंद्रीय मंत्री बोले- शरजील इमाम का व्यवहार देशद्रोही जैसा, शिक्षा से गुंडागर्दी का केंद्र बना JNU
शरजील इमाम विवादित भाषण को लेकर सुर्खियों में हैं. (फाइल फोटो)

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले (Ramdas Athawale) ने कहा है कि शरजील इमाम (Sharjeel Imam) ने JNU से इतिहास में पीएचडी किया है, लेकिन उनका व्यवहार देशद्रोही जैसा है.

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  • Last Updated: January 27, 2020, 10:49 AM IST
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नई दिल्ली. केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले (Ramdas Athawale) ने कहा है कि शरजील इमाम (Sharjeel Imam) ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (Jawaharlal Nehru University) से इतिहास में पीएचडी किया है, लेकिन उनका व्यवहार देशद्रोही जैसा है.

रामदास अठावले ने आगे कहा, 'यदि कोई भारत को तोड़ने की बात करेगा तो उस पर मुकदमा दर्ज होना चाहिए. ऐसे शख्स पर कार्रवाई होनी चाहिए. जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय शिक्षा का केंद्र रहा है, पर अब गुंडागर्दी का केंद्र बन गया है. ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन को भी ऐसे छात्र पर कार्रवाई करने की जरूरत है.'

विवादित बयान के कारण सुर्खियों में शरजील इमाम
बीजेपी के प्रवक्‍ता संबित पात्रा ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर किया था. इसमें शरजील इमाम (Sharjeel Imam) नाम का एक शख्स असम को भारत से अलग करने की बात करता दिख रहा है. वीडियो शेयर करते हुए संबित पात्रा ने लिखा था- दोस्तों, शाहीन बाग की असलियत देखें. इस वीडियो में शरजील कह रहा है, 'असम और इंडिया कटकर अलग हो जाए, तभी वह हमारी बात सुनेंगे. असम में मुसलमानों का क्या हाल है, आपको पता है क्या? वहां एनआरसी लागू हो गया है. मुसलमान डिटेंशन कैंप में डाले जा रहे हैं...6-8 महीनों में पता चलेगा कि सारे बंगालियों को मार दिया गया. वहां...अगर हमें असम की मदद करनी है तो हमें असम का रास्ता बंद करना होगा.' न्यूज़ 18 इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है.



शरजील इमाम ने जेएनयू से किया है पीएचडी
शरजील इमाम बिहार के जहानाबाद का रहने वाला है. शरजील इमाम ने IIT बॉम्बे से कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है. बताया जाता है कि शरजील ने कुछ दिनों तक वहां पढ़ाया भी है. ग्रेजुएशन के बाद दो साल तक उसने बेंगलुरु में एक सॉफ्टवेयर कंपनी में डेवलपर के तौर पर काम किया. साल 2013 में जेएनयू में आधुनिक इतिहास में मास्टर्स करने के लिए प्रवेश किया है. इसके बाद उसने एमफिल और फिर पीएचडी भी किया.



AISA में भी रहा था सक्रिय
शरजील आइसा में दो साल तक सक्रिय रहा और एक साल के लिए इसकी कार्यकारिणी का सदस्य भी रहा. उसने आइसा के प्रत्याशी के तौर पर काउंसलर पद के लिए 2015 का जेएनयूएसयू चुनाव लड़ा था. बताया जा रहा है कि शरजील शाहीन बाग में हो रहे धरना-प्रदर्शन का मुख्य आयोजक था. वह सोशल मीडिया पर लोगों से इस धरने में शामिल होने की लगातार अपील करता था. अपने एक ट्वीट में शरजील ने लिखा था, 'शाहीन बाग का मॉडल चक्का जाम का है, बाक़ी सब सेकेंडरी हैं, चक्का जाम और धरने में फ़र्क समझिए, हर शहर में धरने कीजिए, उसमें लोगों को चक्का जाम के बारे में बताइए और फिर तैयारी करके हाईवेज पर बैठ जाइए.'

 

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First published: January 27, 2020, 9:25 AM IST
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