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बिल्डिंग को भूकंप से बचाती है शियर वॉल, अनिवार्य करने की हो रही मांग, जानें क्या है यह 

5वें सिस्मिक जोन का भूकंप बहुत ज्यादा खतरनाक होता है. भूकंप से सबसे ज्यादा नुकसान इसी जोन में होता है.

5वें सिस्मिक जोन का भूकंप बहुत ज्यादा खतरनाक होता है. भूकंप से सबसे ज्यादा नुकसान इसी जोन में होता है.

गुरुग्राम (Gurugram) के द्वारका एक्सप्रेसवे (Dwarka Expressway) के पास एक अंडर कंस्ट्रक्शन अपार्टमेंट में एक महीने पहले एक हादसा हुआ था. अपार्टमेंट (Apartment) के एक हिस्से में पहले से ही लोग रह रहे थे. अपार्टमेंट की एक इमारत की छठी मंजिल में काम चल रहा था. छत निर्माण के दौरान एक हिस्से का लेंटर गिरने से यह हादसा हो गया था. हादसे में दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई थी. इसी के बाद से शियर वॉल (Shear Wall) को अनिवार्य करने की मांग चल रही है.

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    नोएडा. 5वें सिस्मिक जोन का भूकंप बहुत ज्यादा खतरनाक होता है. भूकंप (Earthquake) से सबसे ज्यादा नुकसान इसी जोन में होता है. जान और माल का एक साथ इसी जोन में नुकसान होता है. लेकिन शियर वॉल (Shear Wall) इस नुकसान से बचा सकती है. अगर दोनों ही तरह रेजिडेंशियल (Residential) और कमर्शियल (Commercial) बिल्डिंग में इस अनिवार्य कर दिया जाए तो भूकंप के एक बड़े खतरे से बचा जा सकता है. कॉन्फेडरेशन ऑफ एनसीआर आरडब्लूए ने इसे सभी तरह के निर्माण में अनिवार्य करने की बात कही है. गुरुगाम में हुई घटना के बाद शियल वालॅ दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में अनिवार्य करने की हो रही है मांग.

    जानें क्या होती है शियर वॉल

    देहरादून निवासी कंस्ट्रक्शन कंसलटेंट मोहम्मद शोयब का कहना है, जिस तरह से किसी भी बिल्डिंग में कॉलम काम करते हैं उसी तरह से शियर वॉल होती है. कॉलम के मुकाबले शियर वॉल की मोटाई और चौढ़ाई अलग होती है. यह 8 से 10 इंच मोटी होती है.

    यह सीमेंट, कांक्रीट और लोहे की बनी होती है. लिफ्ट के लिए ढांचा बनाने के दौरान नीचे से ऊपर तक शियर वॉल ही खड़ी की जाती है. इससे एक तरफ तो लिफ्ट को मजबूती मिलती है, वहीं दूसरी ओर पूरी बिल्डिंग भी मजबूत होती है. कॉलम और शियर वॉल की लागत में कोई खास अंतर नहीं है. अगर यह अनिवार्य भी हो जाए तो बिल्डर पर कोई खास फर्क नहीं पड़ने वाला है.

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    इसलिए अनिवार्य बताई जा रही है शियर वॉल

    जानकारों की मानें तो जब शियर वॉल बनाई जाती है तो इसकी शुरुआत बिल्डिंगकी फाउंडेशन से होती है. कॉलम की तरह से ही शियर वॉल भी फाउंडेशन से लेकर छत तक बनाई जाती है. क्योंकि भूकंप के झटके वर्टिकल नहीं होरिजोंटल होते हैं. ऐसे में आरसीसी की बनी शियर वॉल ही उन्हें अच्छी तरह से झेलती है. इसी के चलते दिल्ली-एनसीआर के दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में शियर वॉल को जरूरी बताया जा रहा है.

    Tags: Delhi-NCR News, Earthquake News, Noida news

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