गाजियाबाद: केंद्रीय मंत्री वीके सिंह के हस्तक्षेप के बाद बिल्डर रेजिडेंट्स को सोसाइटी हैंडओवर को हुआ तैयार

शिप्रा कृष्णा विस्टा को सोसायटी के हवाले किए जाने के बाद वहां के रेजिडेंट्स के चेहरे पर खुशी दिखी.

शिप्रा कृष्णा विस्टा को सोसायटी के हवाले किए जाने के बाद वहां के रेजिडेंट्स के चेहरे पर खुशी दिखी.

जब पुलिस और प्रशासन ने भी इस मामले में रेजिडेंट्स की मदद नहीं की. तब सोसाइटी के लोगों ने केंद्रीय सड़क परिवहन राज्य मंत्री और गाजियाबाद के सांसद जनरल वीके सिंह से संपर्क किया और उनसे हस्तक्षेप की मांग की.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 3, 2021, 10:51 PM IST
  • Share this:

गाजियाबाद. जिले की पॉश कॉलोनी इंदिरापुरम (Indirapuram) में एक बिल्डर (Builder) की मनमानी रोकने के लिए खुद केंद्रीय राज्य मंत्री को हस्तक्षेप करना पड़ा, जिसके बाद जिला प्रशासन (District administration) हरकत में आया और बिल्डर को सोसाइटी स्थानीय रेजिडेंट्स को हैंडओवर करने करने का निर्देश दिया. इस संबंध में रविवार को इंदिरापुरम थाने में करीब दो घंटे चली बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट विपिन कुमार, सर्कल ऑफिसर अंशु जैन के साथ आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी व बिल्डर के प्रतिनिधि मौजूद रहे. बैठक में बिल्डर चार दिन के अंदर सोसाइटी को हैंडओवर करने को तैयार हो गया.

बिल्डर के खिलाफ दर्ज कराई FIR

इंदिरापुरम के अहिंसा खंड-1 में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण और प्राइवेट बिल्डर के ज्वाइंट वेंचर से शिप्रा कृष्णा विस्टा का निर्माण किया गया. 2009 से लेकर 2011 तक फ्लैट हैंडओवर कर दिए गए. सोसाइटी में कुल 930 फ्लैटों में करीब 3500 लोग रहते हैं. स्थानीय निवासियों ने 2011 में सोसाइटी रजिस्टर्ड करा ली और कंपलीशन सर्टिफिकेट भी ले लिया. नियम के अनुसार, सोसाइटी रजिस्टर्ड होने के दो साल के अंदर बिल्डर को सोसाइटी हैंडओवर कर देनी चाहिए. स्थानीय रेजिडेंट्स बिल्डर से सोसायटी एंड वर्क हैंडओवर करने को कहते थे, तो बिल्डर हमेशा मना करता रहा. 2016 में रेजिडेंट्स ने बिल्डर के खिलाफ थाने में मामला दर्ज कराया, पर बिल्डर ने सोसाइटी हैंडओवर नहीं की. इस तरह करीब 7 साल तक बिल्डर खुद सोसाइटी चलाता रहा.

सांसद वीके सिंह के हस्तक्षेप से बनी बात
स्थानीय रेजिडेंट्स के अनुसार, सोसाइटी में मेंटेनेंस के नाम पर सालाना लाखों रुपए आते हैं, जिसके लालच में बिल्डर सोसाइटी हैंडओवर नहीं कर रहा था. पुलिस और प्रशासन ने भी इस मामले में रेजिडेंट्स की मदद नहीं की. तब सोसाइटी के लोगों ने केंद्रीय सड़क परिवहन राज्य मंत्री और गाजियाबाद के सांसद जनरल वीके सिंह से संपर्क किया और उनसे हस्तक्षेप की मांग की. वीके सिंह ने स्थानीय प्रशासन से सोसाइटी तुरंत रेजिडेंट्स को हैंडओवर कराने को कहा. इसके बाद पुलिस और प्रशासन हरकत में आए और रविवार को इंदिरापुरम थाने में दोनों पक्षों को बुलाकर मीटिंग कराई. इस मीटिंग में सिटी मजिस्ट्रेट ने निर्देश दिया कि पहले सोसाइटी का सर्वे कराया जाएगा, जिससे यह पता चलेगा कितना काम अधूरा रह गया है, कितना फंड बिल्डर के पास जमा है. इसके बाद स्थानीय रेजिडेंस को सोसाइटी हैंडओवर की जाएगी. इंदिरापुरम थाने में हुई मीटिंग में सोसाइटी की ओर से प्रेसिडेंट प्रिया बिष्ट, पूर्व प्रेजिडेंट अरुण राय के अलावा चंदन सिंह, मोहित मित्तल, गौरव अरोड़ा और डॉक्टर सारिका आहूजा मौजूद रहे.

बिल्डर से तंग रेजिडेंट्स ने मेंटेनेंस लिया अपने हाथों में

शिप्रा कृष्णा विष्टा में पिछले कई महीनों से बिल्डर और आरडब्ल्यूए के बीच चल रहा विवाद शनिवार को अचानक बढ़ गया और नाराज रेजिडेंट्स ने सुबह करीब 6:30 बजे मेंटेन्स ऑफिस को अपने कब्जे में लेकर सारी व्यवस्था अपने हाथों में ले ली. सुबह से शुरू हुआ हंगामा और प्रदर्शन दोपहर तक चलता रहा. इस दौरान सोसाइटी में हंगामे की सूचना पुलिस और प्रशासन के पास भी पहुंची. मामला बढ़ता देख पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मध्यस्थता करवाने के इरादे से सोसाइटी पहुंचे.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज