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सिख फॉर जस्टिस की किसानों से संसद भवन पर 'खालिस्तानी' झंडा फहराने की अपील के बाद दिल्‍ली पुलिस अलर्ट

सिख फॉर जस्टिस की किसानों से संसद भवन पर 'खालिस्तानी' झंडा फहराने की अपील के बाद दिल्‍ली पुलिस अलर्ट

सिख फॉर जस्टिस के वीडियो के बाद दिल्‍ली पुलिस सतर्क हो गयी है. (फोटो ANI)

सिख फॉर जस्टिस के वीडियो के बाद दिल्‍ली पुलिस सतर्क हो गयी है. (फोटो ANI)

भारत में बैन खालिस्तानी संगठन सिख फॉर जस्टिस (Sikhs for Justice) एक बार फिर किसानों और युवाओं को भड़काने की कोशिश कर रहा है. दरअसल सिख फॉर जस्टिस ने किसानों से संसद का घेराव करने और 'खालिस्तानी' झंडा फहराने की अपील करते हुए ऑनलाइन वीडियो जारी किया है. इसके बाद दिल्‍ली पुलिस और अन्‍य एजेंसियों ने अलर्ट पर हैं.

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    नई दिल्‍ली. केंद्र सरकार ने तीन नए कृषि कानूनों को वापस ले लिया है, लेकिन इसके बावजूद प्रदर्शनकारी किसान आंदोलन को जारी रखने पर अड़े हुए हैं. इस बीच भारत में बैन खालिस्तानी संगठन सिख फॉर जस्टिस (Sikhs for Justice) एक बार फिर से इसका फायदा उठाने के लिए युवाओं को भड़काने की कोशिश कर रहा है. दरसअल, सिख फॉर जस्टिस ने किसानों से संसद का घेराव करने और ‘खालिस्तानी’ झंडा फहराने की अपील करते हुए एक ऑनलाइन वीडियो जारी किया है. इसके बाद खुफिया एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया है.

    सिख फॉर जस्टिस की अपील के बाद खुफिया एजेंसियों ने दिल्ली पुलिस और अन्य एजेंसियों को सतर्क रहने के लिए कहा है. बता दें कि इससे पहले सिख फॉर जस्टिस की अपील पर दिल्‍ली के लाल किले पर ‘खालिस्तानी’ झंडा फहराने की घटना हो चुकी है. जबकि इस घटना में शामिल सभी लोगों पर कानूनी कार्रवाई चल रही है.

    मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सिख फॉर जस्टिस का चीफ गुरुपवंत सिंह पन्नू किसानों के संसद मार्च की खबर को ध्यान में रखते हुए रिकॉर्डेड ऑडियो संदेश भेजकर लाल किले की तरह ही 29 नवंबर को देश की संसद पर खालिस्तान के झंडे लगाने के लिए उकसा रहा है. इस दौरान पन्नू को यह कहते सुना जा सकता है कि देश को आजाद कराने के लिए भगत सिंह ने पार्लियामेंट में बम फेंका था. ट्रैक्टर को हथियार बनाकर तुम 29 नवंबर को खालिस्तान के केसरी झंडे को भारत की संसद पर चढ़ा दो. इस काम के लिए सिख फॉर जस्टिस सवा लाख डॉलर (93,81,625 भारतीय रुपये) का इनाम देगी.

    दिल्‍ली पुलिस कमिश्नर ने कही ये बात
    वहीं, दिल्ली के पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना ने कहा कि किसी भी हाल में लॉ एंड ऑर्डर को खराब करने नहीं दिया जाएगा. साथ ही कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध पर कोई आपत्ति नहीं है. जबकि उन्‍होंने बीट पेट्रोलिंग को और अधिक मजूबत करने की बात कही है.

    बहरहाल, संसद के सत्र शुरू होने से एक दिन पहले ही किसानों ने 29 नवंबर को होने वाला ट्रैक्टर मार्च स्थगित करने का ऐलान कर दिया था. हालांकि संयुक्त किसान मोर्चा 4 दिसंबर को अपनी अगली बैठक में सरकार के रुख की समीक्षा करके आगे की रणनीति बनाएंगा. वहीं, किसान नेता राकेश टिकैत ने मुंबई में किसान आंदोलन को लेकर कहा कि किसानों ने एक साल बहुत झेल लिया. सरकार MSP पर कानून बना दे नहीं तो हम वहीं के वहीं हैं. 26 जनवरी दूर नहीं है और देश के 4 लाख ट्रैक्टर भी यहीं हैं और देश का किसान भी यहीं है.

    Tags: Delhi police, Delhi Police Commissioner, Indian Parliament, Intelligence agency, Kisan Andolan, Parliament house, Sikhs for justice

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