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  • SMOG TOWER BASED ON AMERICAN TECHNOLOGY WILL MAKE DELHI AIR PURE WORK WILL BE COMPLETED BY 15TH AUGUST

अमेरिकी टेक्नोलॉजी बेस्ड Smog Tower दिल्ली की हवा को बनाएगा शुद्ध, 15 अगस्त तक पूरा होगा काम!

वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए दिल्ली सरकार कनॉट प्लेस में लगाए जा रहे स्मॉग टावर के काम को जल्द से जल्द पूरा कराने की कोशिश में है.

Air Pollution In Delhi NCR: दिल्ली सरकार वायु प्रदूषण को कम करने के लिए कनॉट प्लेस में ₹20 करोड़ की लागत से स्मॉग टावर लगा रही है. यह टावर देश में अपने आप में पहला टावर होगा जोकि चीन में लगाया गया है. लेकिन यहां पर लगाए जाने वाले स्मॉग टावर की टेक्नोलॉजी अमेरिकी टेक्नोलॉजी पर आधारित होगी. संभवतः इसको लगाने का कार्य 15 अगस्त तक पूरा कर लिया जाएगा.

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    नई दिल्ली. दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में वायु प्रदूषण (Air Pollution) का लेवल एक बार फिर बिगड़ता नजर आ रहा है. इसको लेकर दिल्ली सरकार (Delhi Government) अभी से गंभीर हो गई है. वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए दिल्ली सरकार कनॉट प्लेस में लगाए जा रहे स्मॉग टावर (Smog Tower) के काम को जल्द से जल्द पूरा कराने की कोशिश में है.

    प्रदूषित हवा (Polluted Air) को शुद्ध करने के लिए 20 करोड़ रुपए की लागत से लगाए जा रहे देश के पहले स्माॅग टाॅवर (Smog Tower) का काम 15 अगस्त तक पूरा हो जाएगा. विशेषज्ञों की ओर से इसके परिणामों का अध्ययन किया जाएगा. स्माॅग टाॅवर ऊपर से प्रदूषित हवा को खींचेगा और हवा को शुद्ध कर 10 मीटर की ऊंचाई पर छोड़ेगा.

    दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय (Gopal Rai) ने बाबा खड़ग सिंह मार्ग स्थित कनाॅट प्लेस में स्थापित किए जा रहे इस स्मॉग टाॅवर का आज दौरा कर जायजा भी लिया. पर्यावरण मंत्री ने कहा कि स्माॅग टावर को बनाने में डीपीसीसी के साथ आईआईटी मुम्बई, एनबीसीसी और टाटा प्रोजेक्ट संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं. यह पहला पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो दिल्ली में इस तरह के और भी स्माॅग टावर लगाए जाएंगे.

    राय ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के नेतृत्व में दिल्ली के अंदर प्रदूषण के खिलाफ 10 सूत्रीय एक्शन प्लान को लेकर युद्ध स्तर पर काम हो रहा है. इसमें एंटी डस्ट कैंपेन, वाहन प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी, दिल्ली के अंदर इलेक्ट्रिक बसों को लाने का अभियान आदि शामिल है.

    इसी तरह, पराली की समस्या से निपटने के लिए बायो डीकंपोजर का इस्तेमाल और दिल्ली के अंदर प्रदूषित ईंधन को बदलने का काम चल रहा है. साथ ही, दिल्ली के अंदर बड़े स्तर पर वृक्षारोपण किया जा रहा है. इस तरह, दिल्ली सरकार प्रदूषण के खिलाफ दिल्ली में लगातार काम कर रही है.

    पर्यावरण मंत्री ने कहा कि कोरोना काल की वजह से स्माॅग टावर के निर्माण कार्य में थोड़ी गति धीमी हुई थी. लेकिन अब इसके कार्य को गति दी जा रही है. दिल्ली के अंदर अगर यह पहला पायलट प्रोजेक्ट सफल होता है, तो इस तरह के स्माॅग टावर दिल्ली के अंदर और जगहों पर भी लगाए जाएंगे.

    करीब 20 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे‌ इस स्माॅग टावर की ऊंचाई लगभग 25 मीटर है और 40x40 वर्ग मीटर इसकी चारों तरफ की परिधि होगी. यह स्माॅग टावर प्रति सेकेंड एक हजार घन मीटर हवा को शुद्ध करके बाहर निकालेगा.

    राय ने कहा कि इस तरह का स्माॅग टावर दुनिया में चीन में लगाया गया है. लेकिन चीन (China) की तकनीक और हमारे इस स्माॅग टावर की तकनीक में थोड़ा फर्क है. हम जो स्माॅग टावर लगा रहे हैं, इसमें अमेरिकी तकनीक (American Technology) का इस्तेमाल किया जा रहा है. चीन में जो स्माॅग टावर लगा है, वह नीचे से हवा खींचता है और ऊपर से छोड़ता है. जबकि हम जो स्माॅग टावर लगा रहे हैं, उसमें हवा खींचने की प्रक्रिया उलट है. यह ऊपर से प्रदूषित हवा को खींचेगा और हवा को शुद्ध कर नीचे छोड़ेगा. इसमें चारों तरफ 40 पंखे लगे हैं, जो वायु को शुद्ध कर 10 मीटर की ऊंचाई पर छोड़ेंगे.

    अनुमान है कि इसका एक वर्ग किलोमीटर तक प्रभाव वह रहेगा, जिससे हवा के अंदर जो पीएम-2.5 और पीएम-10 यानी जो प्रदूषित हवा है, उसको साफ किया जा सकता है. दिल्ली सरकार का काफी बड़ा प्रोजेक्ट है. हमें उम्मीद है कि यह प्रोजेक्ट सफल होगा. कोशिश है कि 15 अगस्त तक इसको लगा देंगे और 15 अगस्त के बाद इसको चालू करेंगे.