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महिलाओं ने संसद से मांगा दो दिन का वुमेन स्पेशल सत्र, ये है वजह
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News18Hindi
Updated: February 28, 2020, 11:48 AM IST
महिलाओं ने संसद से मांगा दो दिन का वुमेन स्पेशल सत्र, ये है वजह
संसद का दो दिवसीय महिला सत्र बुलाने के लिए मांग पत्र सौंपती 'परी' की टीम

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, राजस्थान और हरियाणा की सीएम से मिलीं निर्भया केस की पैरोकार योगिता भयाना. कहा-जब संसद और विधानसभाओं में स्पेशल सत्र होंगे तभी आधी आबादी को पूरा न्याय और हक मिलेगा

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  • Last Updated: February 28, 2020, 11:48 AM IST
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  1. नई दिल्ली. निर्भया केस (Nirbhaya Case) की पैरोकार योगिता भयाना (Yogita Bhayana) ने महिलाओं को मान-सम्मान और न्याय दिलाने के लिए नई मुहिम छेड़ दी है. यह मुहिम है हर साल संसद (Parliament) का दो दिवसीय वुमेन स्पेशल सत्र बुलाने की, जिसमें महिलाओं से जुड़ी परेशानियों, उन्हें आगे बढ़ाने और उन्हें हक दिलाने वाले फैसले हों. हर साल दो दिन हमारे कानून निर्माता सिर्फ बहन-बेटियों की न सिर्फ चिंता करें बल्कि उनके लिए ठोस काम भी करें. इस मुहिम में महिलाओं की टीम ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से मुलाकात की है.


योगिता भयाना रेप पीड़िताओं की सहायता के लिए पीपुल्स अगेंस्ट रेप इन इंडिया (परी) नामक  अभियान चलाती हैं. बड़ी संख्या में पीड़िता और उनके परिजन योगिता से जुड़कर कोर्ट में अपने केस लड़ रहे हैं.



परी (PARI) के बैनर तले देश भर में रेप पीड़िताओं को न्याय दिलाने का काम करने वाली योगिता की मुहिम ये भी है हर विधानसभा में भी वुमेन स्पेशल सत्र चले. इसके लिए वो राजस्थान (Rajasthan) के मुख्यमंत्री अशोक गहलौत और हरियाणा (Haryana) के सीएम मनोहरलाल खट्टर से मिल चुकी हैं. इस मामले में उन्हें राष्ट्रीय महिला आयोग का भी साथ मिला है.

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राजस्थान में महिला मामलों पर दो दिवसीय सत्र बुलाने के लिए अशोक गहलौत को मांग पत्र सौंपतीं योगिता भयाना


भयाना ने बताया कि लोकसभा अध्यक्ष और राजस्थान के सीएम ने उनकी मांग पर विचार करने को कहा है. अगर ऐसा होने लगेगा तो यह महिलाओं की बड़ी जीत होगी. उन्होंने बताया कि चेंज डॉट ओआरजी (Change.org) भी इस मुहिम में जुड़ गया है. जब संसद और विधानसभाओं में स्पेशल सत्र होंगे तभी आधी आबादी को पूरा न्याय और हक मिलेगा.



योगिता का कहना है कि निर्भया का केस फास्ट ट्रैक कोर्ट में है, फिर भी इसे चलते लगभग सात साल हो चुके हैं. लेकिन अभी तक न्याय नहीं मिला है. जबकि इस केस को पूरा देश जानता है. इसमें न्याय दिलाने के लिए लोग सड़क पर उतरे थे. आप समझ सकते हैं कि अन्य महिलाओं के साथ क्या होता होगा? इसलिए मैं चाहती हूं कि देश और प्रदेशों की सबसे बड़ी पंचायत में महिलाओं को लेकर हर साल दो दिन चर्चा हो.

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First published: February 28, 2020, 11:48 AM IST
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